मोदी के 12 साल: हरदीप पुरी बोले — नेहरू का रिकॉर्ड टूटा, पेट्रोल 3.1% सस्ता हुआ
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 13 जून 2026 को लुधियाना में एक मीडिया संवाद के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल को 'सेवा, सुशासन और संकल्प की मिसाल' करार दिया। उन्होंने कहा कि मोदी ने हाल ही में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के मामले में पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा है।
मुख्य घटनाक्रम
पुरी ने कहा कि यह अवसर केवल एक उपलब्धि का उत्सव नहीं, बल्कि बीते 12 वर्षों के विकास कार्यों पर मनन करने का मौका है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के आँकड़े साझा करते हुए सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।
सामाजिक योजनाओं पर ज़ोर
स्वच्छ भारत अभियान का उल्लेख करते हुए पुरी ने बताया कि 2014 से अब तक 11 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए हैं। उनके अनुसार इसका सबसे अधिक लाभ देश की बेटियों और महिलाओं को मिला, क्योंकि हर घर में अलग शौचालय की व्यवस्था हुई।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 4 करोड़ किफ़ायती आवास बनाए जा चुके हैं। 2024 में तीसरी बार पदभार संभालने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने 3 करोड़ और घर बनाने की घोषणा की। पुरी ने बताया कि इन आवासों का स्वामित्व अधिकांशतः महिलाओं के नाम पर दर्ज है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें: वैश्विक तुलना
ईंधन मूल्य वृद्धि पर बोलते हुए पुरी ने मई 2022 से मई 2026 के बीच के आँकड़े प्रस्तुत किए। उनके अनुसार इस अवधि में पेट्रोल की कीमतें पाकिस्तान में 70%, श्रीलंका में 66%, फ्रांस में 47%, इटली में 46%, बांग्लादेश में 36% और अमेरिका में 35% बढ़ीं। इसके विपरीत, भारत में इसी दौरान पेट्रोल की कीमतें 3.1% घटीं।
पुरी ने समझाया कि ईंधन की अंतिम कीमत कच्चे तेल की आयात लागत, बीमा, ढुलाई, रिफाइनरी मार्जिन, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों के वैट पर निर्भर करती है।
एक्साइज ड्यूटी कटौती और राजकोषीय बोझ
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने नवंबर 2021, मई 2022 और हाल ही में तीन बार केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी में कटौती की। इसके चलते वित्त मंत्रालय पर ₹1 लाख करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ा। पुरी के अनुसार, यह निर्णय आम नागरिकों को महँगाई से बचाने की मंशा से लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जापान के बाद भारत एकमात्र देश है जहाँ पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सबसे कम बढ़ोतरी हुई है।
आगे का रास्ता
पुरी ने कहा कि बीते 12 वर्षों के आँकड़े प्रधानमंत्री की जनता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं और 'सबसे अच्छा तो अभी आना बाकी है।' उनके अनुसार, सरकार की समस्त नीतियों के मूल में आम नागरिकों के साथ भावनात्मक जुड़ाव है।