हरियाणवी रागिनी गायक पेप्सी शर्मा का निधन, राष्ट्रीय लोक दल ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणवी लोक संगीत जगत को 8 जून 2026 को गहरा आघात लगा जब लोकप्रिय रागिनी गायक पेप्सी शर्मा का निधन हो गया। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम साँस ली। उनके जाने से हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के संगीत प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है।
कौन थे पेप्सी शर्मा
पेप्सी शर्मा का असली नाम यशपाल शर्मा था। वह अमरोहा जिले के पतला गाँव के निवासी थे। अपने दमदार स्वर और ऊर्जावान मंच प्रस्तुतियों के लिए पहचाने जाने वाले पेप्सी शर्मा केवल गायक ही नहीं, बल्कि एक कुशल संगीतकार और गीतकार भी थे।
उनका सबसे चर्चित गीत 'पतला दुपट्टा तेरा मुंह दिखे' आज भी श्रोताओं की जुबान पर है। इसके अलावा 'गोरी रानी', 'तू जा बंदी ब्याहली' और 'तेरे जीजा से तंग आली' जैसी रागिनियों ने उन्हें लोक संगीत के मंच पर एक अलग पहचान दिलाई।
सपना चौधरी संग मशहूर जोड़ी
लोक कलाकार और डांसर सपना चौधरी के साथ पेप्सी शर्मा की जोड़ी हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कार्यक्रमों में विशेष रूप से पसंद की जाती थी। दोनों ने अनेक सांस्कृतिक आयोजनों में एक साथ मंच साझा किया और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उनकी यह जोड़ी लोक मंच पर एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है।
राष्ट्रीय लोक दल की श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय लोक दल (RLD) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पेप्सी शर्मा की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पार्टी ने लिखा, "अपनी रागिनी के जरिए लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले प्रसिद्ध गायक पेप्सी शर्मा के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। राष्ट्रीय लोक दल परिवार की तरफ से विनम्र श्रद्धांजलि एवं उनके परिजनों-प्रशंसकों के प्रति इस मुश्किल घड़ी में संवेदनाएं।"
पार्टी के इस संदेश ने सोशल मीडिया पर हजारों प्रशंसकों की भावनाओं को आवाज़ दी। संगीत जगत और राजनीतिक हलकों से भी शोक संदेश आने का सिलसिला जारी है।
लोक संगीत को अपूरणीय क्षति
पेप्सी शर्मा की प्रस्तुतियाँ अपनी जीवंतता और भावनात्मक गहराई के लिए जानी जाती थीं। हरियाणवी लोक परंपरा में रागिनी गायन को जन-जन तक पहुँचाने में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उनके निधन से लोक संगीत की एक पीढ़ी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ विदा हो गया है। उनकी यादें और रागिनियाँ आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।