हरियाणा विधानसभा शिक्षा समिति ने यूपी के उच्च शिक्षा मॉडल को बताया अनुकरणीय, लखनऊ में हुई विस्तृत बैठक
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा विधानसभा की उच्चस्तरीय शिक्षा समिति ने 28 जुलाई 2025 को लखनऊ पहुँचकर उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा प्रणाली, शैक्षिक गुणवत्ता और नवाचारों का गहन अध्ययन किया। विधानसभा सभागार में आयोजित बैठक में समिति ने विशेष सचिव उच्च शिक्षा निधि श्रीवास्तव सहित उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बैठक के अंत में समिति के सदस्यों ने यूपी के शिक्षा सुधारों को अन्य राज्यों के लिए उपयोगी और अनुकरणीय बताया।
बैठक में क्या हुआ
हरियाणा विधानसभा शिक्षा समिति के चेयरपर्सन लक्ष्मण सिंह यादव के नेतृत्व में समिति के सदस्य और अधिकारी इस बैठक में उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा उच्च शिक्षा में किए जा रहे सुधारों, डिजिटल व्यवस्था, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने ऑपरेशन कायाकल्प, मुख्यमंत्री मॉडल एवं अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय, प्रोजेक्ट अलंकार, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, ड्रीम लैब, निपुण भारत मिशन और विद्या समीक्षा केंद्र जैसे कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।
यूपी की उच्च शिक्षा का व्यापक ढाँचा
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 24 राज्य विश्वविद्यालय, 56 निजी विश्वविद्यालय, एक डीम्ड विश्वविद्यालय और एक मुक्त विश्वविद्यालय के साथ-साथ 216 राजकीय महाविद्यालय, 330 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय तथा 7,526 स्ववित्तपोषित महाविद्यालय संचालित हैं। प्रदेश में स्थापित 71 नए राजकीय महाविद्यालयों में 1,349 पद सृजित किए गए हैं, जिनमें से 46 महाविद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2025-26 से प्रवेश एवं अध्यापन कार्य प्रारंभ हो चुका है।
डिजिटल गवर्नेंस और गुणवत्ता आश्वासन
डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में उच्च शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज में पत्रावलियों का संचालन ई-ऑफिस के माध्यम से किया जा रहा है। शैक्षिक सत्र 2024-25 से प्रदेश के सभी राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों में 'समर्थ' पोर्टल लागू किया गया है और सत्र 2025-26 से विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया भी इसी पोर्टल के माध्यम से संचालित हो रही है। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (SLQAC) का गठन कर उसे पूरी तरह सक्रिय किया गया है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम तथा वोकेशनल वैल्यू एडेड पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
छात्र कल्याण और शिक्षक सशक्तीकरण योजनाएँ
योगी सरकार द्वारा उच्च शिक्षा से जुड़े 1.28 लाख शिक्षकों एवं उनके आश्रितों सहित कुल लगभग 7.5 लाख लोगों को मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क स्मार्टफोन एवं टैबलेट वितरित किए जा रहे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को प्रतिमाह ₹1,000 की प्रोत्साहन राशि, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत पात्र छात्राओं को निःशुल्क इलेक्ट्रिक स्कूटी तथा मुख्यमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के माध्यम से मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में सहायता प्रदान की जा रही है।
शोध, नियुक्तियाँ और आगे की राह
शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए वर्ष 2026-27 में रिसर्च एंड डेवलपमेंट योजना के अंतर्गत ₹500 लाख का प्रावधान किया गया है, जबकि राजकीय महाविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के लिए ₹13.60 करोड़ का प्रावधान है। शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए राजकीय महाविद्यालयों में 840 पदों की ऑनलाइन पदस्थापना की जा चुकी है और 1,253 पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। हरियाणा विधानसभा शिक्षा समिति ने इन सभी प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यूपी का शिक्षा मॉडल गुणवत्तापूर्ण, तकनीक-सक्षम और छात्र-केंद्रित शिक्षा का प्रभावी उदाहरण है, जिससे अन्य राज्यों को भी प्रेरणा मिल सकती है।