UP उच्च शिक्षा परिषद भवन का निरीक्षण, मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा — शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को मिलेगी नई गति
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बुधवार, 10 जून 2026 को लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में निर्माणाधीन उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद भवन का स्थलीय निरीक्षण किया और साथ ही उच्च शिक्षा निदेशालय के नवनिर्मित कैंप कार्यालय का विधिवत लोकार्पण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नया परिसर महज एक प्रशासनिक ढाँचा नहीं, बल्कि प्रदेश की उच्च शिक्षा को आधुनिकता, तकनीक और अनुसंधान से जोड़ने का एक केंद्रीय माध्यम बनेगा।
निरीक्षण और समीक्षा का ब्यौरा
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने प्रमुख सचिव (उच्च शिक्षा) एम.पी. अग्रवाल के साथ निर्माणाधीन परिषद भवन के विभिन्न हिस्सों का विस्तृत दौरा किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और तय समय-सीमा की गहन समीक्षा की। कार्यदायी संस्था एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूरा हो।
परिषद भवन का महत्व
मंत्री ने कहा कि राज्य उच्च शिक्षा परिषद का नया भवन नीति-निर्माण, शैक्षणिक नियोजन, अनुसंधान प्रोत्साहन और विश्वविद्यालयों-महाविद्यालयों के बीच संस्थागत समन्वय को नई ऊर्जा देगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कैंप कार्यालय का लोकार्पण
निरीक्षण के बाद मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने उच्च शिक्षा निदेशालय के नवनिर्मित कैंप कार्यालय का फीता काटकर और अनावरण पट्टिका का उद्घाटन कर उसे विभागीय कार्यों के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यालय के संचालन से शासन, निदेशालय, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के बीच समन्वय अधिक सुगम होगा, और विभागीय योजनाओं की समीक्षा व क्रियान्वयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को कैंप कार्यालय की सुविधाओं से अवगत कराया।
नवाचार और रोज़गारपरक शिक्षा पर ज़ोर
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों को केवल शिक्षण केंद्रों तक सीमित नहीं रखना चाहती — बल्कि उन्हें नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और रोज़गारपरक शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है। आधुनिक अवसंरचना, डिजिटल प्रशासन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण पर विशेष बल दिया जा रहा है।
आगे की राह
सरकार का घोषित लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी शैक्षिक राज्यों में स्थापित करना है। परिषद भवन के पूर्ण होने के बाद उच्च शिक्षा से जुड़ी नीतिगत प्रक्रियाएँ एक ही छत के नीचे संचालित हो सकेंगी, जो प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के लिए दीर्घकालिक सुधार का आधार बनेगी।