9 अगस्त 2026
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बंगाल विवाद पर हसन दलवई का मोदी को जवाब, विदेश नीति और पाक-कश्मीर मुद्दे पर उठाए सवाल

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बंगाल विवाद पर हसन दलवई का मोदी को जवाब, विदेश नीति और पाक-कश्मीर मुद्दे पर उठाए सवाल

सारांश

मोदी के बंगाल वाले आरोप पर कांग्रेस नेता हसन दलवई का पलटवार — विदेश नीति से लेकर पाक-कश्मीर तक, री-नीट से लेकर महाराष्ट्र की राजनीति तक, दलवई ने एक साथ कई मोर्चों पर सरकार को घेरा।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता हसन दलवई ने 21 जून को मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बंगाल वाले बयान पर पलटवार किया।
दलवई ने आरोप लगाया कि भारत सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों के अनुरूप कदम उठाती है।
उन्होंने दावा किया कि हाल के सैन्य संघर्षों में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
री-नीट परीक्षा में चूक पर दलवई ने जिम्मेदार अधिकारियों के इस्तीफे की माँग की।
शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों को चेतावनी — पार्टी छोड़ना जनादेश के विरुद्ध होगा।
अखिलेश यादव के इस्तीफे की अटकलों को दलवई ने 'राजनीतिक अफवाह' बताकर खारिज किया।

कांग्रेस नेता हसन दलवई ने रविवार, 21 जून को मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा पलटवार किया, जब मोदी ने कांग्रेस पर बंगाल को भारत से अलग करने की राजनीति करने का आरोप लगाया था। दलवई ने कहा कि देश की जनता अब राजनीतिक बयानों और ज़मीनी वास्तविकता के बीच का फ़र्क भली-भाँति समझने लगी है।

विदेश नीति पर सवाल

दलवई ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'शक्तिशाली देशों के सामने झुकने का काम स्वयं प्रधानमंत्री कर रहे हैं।' उनका आरोप था कि जब भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोई बयान देते हैं, भारत सरकार उसी दिशा में कदम उठाती दिखाई देती है — और इसीलिए ट्रंप भी प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हैं।

इंदिरा गांधी और बांग्लादेश का ज़िक्र

दलवई ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि पाकिस्तान से बांग्लादेश को अलग कराने का निर्णायक कार्य पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में हुआ था। उन्होंने दावा किया कि हाल के सैन्य संघर्षों के दौरान भारत ने अपेक्षित कठोर रुख नहीं अपनाया। उनके अनुसार, 'लोगों को उम्मीद थी कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर कोई ठोस कदम उठाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।'

री-नीट परीक्षा और जवाबदेही

री-नीट परीक्षा पर पूछे गए सवाल के जवाब में दलवई ने कहा कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि व्यवस्था में फिर कोई बड़ी चूक होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। उनके अनुसार, अब तक सामने आई घटनाओं में किसी न किसी स्तर पर जवाबदेही तय होना अनिवार्य है।

महाराष्ट्र की राजनीति और शिवसेना (यूबीटी)

शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के बगावती रुख पर दलवई ने कहा कि इन सांसदों को केवल किसी एक दल का नहीं, बल्कि महाविकास अघाड़ी के सभी सहयोगी दलों और विभिन्न वर्गों का समर्थन मिला है। उनका कहना था कि पार्टी छोड़ना या अलग रास्ता अपनाना मतदाताओं के जनादेश के विपरीत होगा और ऐसे नेताओं के क्षेत्रों में जनता इसका विरोध कर सकती है।

अखिलेश यादव इस्तीफे की अटकलें खारिज

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के भीतर संभावित टूट और अखिलेश यादव के अध्यक्ष पद से इस्तीफे की चर्चाओं को दलवई ने सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा, 'इस तरह की अटकलों में कोई तथ्य नहीं है और अखिलेश यादव के इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता — यह केवल राजनीतिक अफवाहें हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी एकता पर देशभर में सवाल उठाए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

पाक-कश्मीर पर 'ठोस कदम न उठाने' का आरोप बिना सत्यापन-योग्य साक्ष्य के केवल राजनीतिक दावा बनकर रह जाता है। गौरतलब है कि विपक्ष जब भी विदेश नीति पर सरकार को घेरने की कोशिश करता है, तो 'राष्ट्रीय एकता' के नाम पर उसे ही रक्षात्मक होना पड़ता है — यह विरोधाभास कांग्रेस की असली चुनौती है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हसन दलवई ने मोदी के बंगाल वाले बयान पर क्या कहा?
कांग्रेस नेता हसन दलवई ने कहा कि देश की जनता अब राजनीतिक बयानों और वास्तविकता के बीच का फ़र्क समझने लगी है। उन्होंने मोदी के बंगाल को लेकर लगाए गए आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया।
दलवई ने मोदी की विदेश नीति पर क्या आरोप लगाए?
दलवई ने आरोप लगाया कि भारत सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों की दिशा में कदम उठाती है, जिससे यह संकेत मिलता है कि सरकार शक्तिशाली देशों के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने इसे 'झुकने की नीति' करार दिया।
री-नीट परीक्षा पर दलवई की क्या माँग है?
दलवई ने माँग की कि री-नीट परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो और यदि कोई चूक हो तो जिम्मेदार अधिकारी नैतिक आधार पर इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं में जवाबदेही तय होना अनिवार्य है।
शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों पर दलवई ने क्या कहा?
दलवई ने कहा कि महाविकास अघाड़ी के सांसदों को सभी सहयोगी दलों का समर्थन मिला है, इसलिए पार्टी छोड़ना मतदाताओं के जनादेश के विरुद्ध होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे नेताओं के क्षेत्रों में जनता इसका विरोध कर सकती है।
क्या अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ेंगे?
दलवई ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि अखिलेश यादव के इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता और ये केवल राजनीतिक अफवाहें हैं जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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