अहमदाबाद विमान दुर्घटना स्थल पर बनेंगे 'स्वास्थ्य मंदिर' और 'एजुकेशन टेंपल', ₹500 करोड़ से अधिक का निवेश
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने 12 जून 2026 को अहमदाबाद विमान दुर्घटना की पहली बरसी पर घोषणा की कि राज्य सरकार उस स्थल पर दो प्रमुख संस्थान विकसित करेगी, जहाँ एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 के क्रैश में 260 लोगों की जान गई थी। इस परियोजना में ₹500 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित है और इसमें एक स्वास्थ्य केंद्र तथा एक शैक्षणिक केंद्र शामिल होंगे।
मुख्य घोषणा: दो संस्थानों का प्रस्ताव
मंत्री पंशेरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के साथ विचार-विमर्श के बाद इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्घटना स्थल की भूमि पूरी तरह स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार के अधिकार में है, जिससे पुनर्विकास की राह आसान होगी।
पहला संस्थान 'स्वास्थ्य मंदिर' होगा, जिसमें रीढ़ की हड्डी के उपचार की विशेष सुविधा, सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के लिए हॉस्टल, अस्पताल की सुविधाएँ, छात्रों के रहने की व्यवस्था और मेस शामिल होंगे। दूसरा संस्थान 'एजुकेशन टेंपल' होगा, जिसे मेडिकल शिक्षा के बुनियादी ढाँचे को सहयोग देने के लिए डिज़ाइन किया जाएगा — इसमें सुपर-स्पेशलिस्ट मेडिकल छात्रों के लिए आवास, मेस और संबद्ध सुविधाएँ होंगी।
दुर्घटना की पृष्ठभूमि
12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 मेघानीनगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। विमान बीजे मेडिकल कॉलेज से जुड़ी इमारतों और स्वास्थ्य विभाग के निकटवर्ती आवासीय व हॉस्टल परिसर से टकराया था।
इस हादसे में विमान में सवार 241 यात्री और चालक दल के सदस्य तथा ज़मीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हुई, जिससे मृतकों की कुल संख्या 260 हो गई। अधिकारियों के अनुसार, असरवा स्थित सिविल अस्पताल के निकट न्यू मेंटल कैंपस में 'अतुल्यम 1 से 4' हॉस्टल ब्लॉक, कैंटीन और सब-स्टेशन की इमारतों को भारी ढाँचागत क्षति पहुँची थी।
क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे की स्थिति
दुर्घटना के समय हॉस्टल में लगभग 92 छात्र रह रहे थे। बाद में हुए संरचनात्मक ऑडिट में इमारतों को असुरक्षित घोषित किया गया, जिसके बाद उन्हें खाली कराकर ध्वस्त करने की योजना बनाई गई। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात सरकार राज्य की स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षमता को विस्तार देने के अपने दीर्घकालिक लक्ष्य की ओर काम कर रही है।
परियोजना का स्वरूप और निवेश
मंत्री पंशेरिया ने बताया कि इस परियोजना को दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। प्रस्तावित स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं के निर्माण में ₹500 करोड़ से अधिक का निवेश होगा। गौरतलब है कि इस पुनर्विकास योजना में एक आधुनिक सुपर-स्पेशियलिटी पोस्ट-ग्रेजुएट हॉस्टल कॉम्प्लेक्स और राज्य की चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा क्षमता को मज़बूत करने के उद्देश्य से उन्नत सुविधाएँ शामिल होंगी।
आगे की राह
पहली बरसी पर की गई इस घोषणा को दुर्घटना में मारे गए लोगों की स्मृति को सार्थक श्रद्धांजलि के रूप में प्रस्तुत किया गया है। मंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना उस त्रासदी को एक स्थायी सकारात्मक विरासत में बदलने का प्रयास है। परियोजना की विस्तृत समयसीमा और निविदा प्रक्रिया की जानकारी आने वाले समय में साझा किए जाने की संभावना है।