अहमदाबाद विमान हादसे की बरसी से पहले प्रियंका चतुर्वेदी ने की जांच में तेजी की मांग, नागरिक उड्डयन मंत्री को लिखा पत्र
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू को पत्र लिखकर एयर इंडिया फ्लाइट एआई-171 हादसे की जांच में तेजी लाने और अंतिम रिपोर्ट शीघ्र सार्वजनिक करने की अपील की है। 12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ देर बाद यह विमान मेघाणी नगर क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 260 लोगों की जान गई थी।
पत्र में क्या कहा गया
चतुर्वेदी ने अपने पत्र में लिखा, 'बरसी नजदीक आने के साथ, उन पीड़ित परिवारों की बढ़ती चिंता को सामने रखना ज़रूरी है जो अभी जांच के अंतिम नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।' उन्होंने जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने दिवंगत पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल के 92 वर्षीय पिता का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी हादसे की परिस्थितियों के बारे में स्पष्ट जानकारी पाने की लगातार कोशिशें 'कई प्रभावित परिवारों के गहरे दुख को दर्शाती हैं।' उनके अनुसार, परिजन केवल सूचना नहीं, बल्कि निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच पर आधारित किसी ठोस नतीजे की प्रतीक्षा में हैं।
पारदर्शिता की मांग
राज्यसभा की पूर्व सदस्य चतुर्वेदी ने कहा कि इस त्रासदी की पहली बरसी पर यह 'जरूरी और उचित' है कि प्रभावित परिवारों को जांच की प्रगति की स्पष्ट जानकारी दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि परिवारों को यह भरोसा दिलाया जाना चाहिए कि सच्चाई का पता लगाने और उससे सबक सीखने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
उन्होंने पत्र में लिखा, 'अंतिम रिपोर्ट समय पर जारी होने से लोगों का भरोसा बहाल करने और शोक संतप्त परिवारों के अनुत्तरित सवालों के जवाब देने में मदद मिलेगी।'
हादसे की पृष्ठभूमि
12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए रवाना हुई थी। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद यह विमान शहर के मेघाणी नगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी — यह हाल के दशकों में भारत की सबसे भीषण विमान दुर्घटनाओं में से एक है।
गौरतलब है कि हादसे को एक वर्ष पूरा होने को है, फिर भी जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है।
पीड़ित परिवारों की स्थिति
चतुर्वेदी ने जोर देकर कहा कि 260 पीड़ितों के परिजन न्याय और मामले के समाधान के हकदार हैं। उन्होंने मंत्री से इस मामले में व्यक्तिगत रुचि लेने का आग्रह किया। यह पत्र ऐसे समय में आया है जब देश भर में विमान सुरक्षा और जांच प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
आगे क्या
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से अभी तक इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 12 जून 2026 को हादसे की पहली बरसी से पहले पीड़ित परिवारों और सांसदों का दबाव बढ़ता जा रहा है कि जांच रिपोर्ट जल्द जारी की जाए।