आंध्र प्रदेश में भारी बारिश: 613 किमी सड़कें तबाह, ₹251 करोड़ से अधिक नुकसान
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के सड़क एवं भवन मंत्री बी.सी. जनार्दन रेड्डी ने गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के चलते हुई भारी बारिश से आंध्र प्रदेश में 613 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। अस्थायी मरम्मत के लिए ₹26.95 करोड़ और स्थायी बहाली के लिए ₹224.73 करोड़ की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है।
मुख्य नुकसान का विवरण
अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद मंत्री ने जानकारी दी कि गुरुवार सुबह 7 बजे तक राज्य के आरएंडबी (R&B) विभाग की 613 किमी सड़कें प्रभावित हुई हैं। सबसे अधिक नुकसान श्रीकाकुलम जिले में हुआ, जहाँ अकेले 356 किलोमीटर सड़कें तबाह हो गईं।
राज्य भर में चार स्थानों पर सड़कें गहरे गड्ढे बनने के कारण पूरी तरह बह गईं। इसके अलावा 78 स्थानों पर क्रॉस-ड्रेनेज (सीडी) संरचनाएँ क्षतिग्रस्त हुईं, जिनमें से 37 स्थानों पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है।
प्रभावित जिले
डीप डिप्रेशन के कारण श्रीकाकुलम, पार्वतीपुरम-मान्यम, विजयनगरम, अल्लूरी सीताराम राजू, विशाखापत्तनम, अनाकापल्ली, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, अंबेडकर कोनासीमा, पश्चिमी गोदावरी, अनंतपुर, कुरनूल और नंड्याल जिलों में सड़क-तंत्र को व्यापक नुकसान पहुँचा है।
23 स्थानों पर यातायात बाधित हुआ, जिनमें से 14 स्थानों पर जाम को सफलतापूर्वक हटाया जा चुका है। 11 स्थानों पर सड़कों पर पेड़ गिरे थे, जिन्हें पूरी तरह साफ कर दिया गया है।
सरकार की प्रतिक्रिया और राहत तंत्र
मंत्री जनार्दन रेड्डी ने बताया, 'हम आरएंडबी विंग से जुड़े विभागों के साथ 36 संयुक्त समन्वय बैठकें करके जमीनी हालात का लगातार जायजा ले रहे हैं। हमने चौबीसों घंटे सहायता प्रदान करने के लिए प्रमुख नगर निगमों में टोल-फ्री सेवाएं शुरू की हैं।'
आरएंडबी विभाग ने राज्य भर में 78 कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं और नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, भूस्खलन और पेड़ गिरने जैसी बाधाओं को हटाने के लिए 550 जेसीबी मशीनें और 596 पावर आरी तैयार रखी गई हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान
विभाग ने राज्य भर में 614 स्थानों को संवेदनशील अथवा दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया है। यह ऐसे समय में आया है जब बुधवार देर रात तटीय आंध्र से डीप डिप्रेशन के गुजरने के बावजूद तटीय इलाकों में भारी बारिश थमी नहीं है।
गौरतलब है कि यह बारिश-जनित नुकसान सामान्य मानसून के मुकाबले अधिक व्यापक बताया जा रहा है। आने वाले दिनों में मौसम विभाग की चेतावनियों और मरम्मत की गति के आधार पर राज्य सरकार अतिरिक्त राहत पैकेज की घोषणा कर सकती है।