आंध्र प्रदेश में बेमौसम बारिश से 63 करोड़ का नुकसान, सीएम नायडू ने रिपोर्ट मांगी

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आंध्र प्रदेश में बेमौसम बारिश से 63 करोड़ का नुकसान, सीएम नायडू ने रिपोर्ट मांगी

सारांश

आंध्र प्रदेश में बेमौसम बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों से फसलों के नुकसान का विस्तृत अनुमान दो दिनों में प्रस्तुत करने के लिए कहा है। जानिए इस स्थिति का पूरा विवरण।

Key Takeaways

  • 63 करोड़ रुपए का नुकसान अनुमानित है।
  • बेमौसम बारिश ने 12 जिलों को प्रभावित किया है।
  • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
  • किसानों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
  • राज्य में आगे की बारिश की संभावना है।

अमरावती, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वे तेज हवाओं, बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान के चलते राज्य के विभिन्न हिस्सों में फसलों को हुए नुकसान का विस्तृत अनुमान दो दिनों के भीतर प्रस्तुत करें।

मुख्यमंत्री ने अपने कैंप कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला कलेक्टरों और उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि 12 जिलों के 42 मंडलों में फसलों को नुकसान हुआ है।

उन्होंने बताया कि 4,840 हेक्टेयर में फैली मक्का की फसल, 1,534 हेक्टेयर में फैली धान की फसल और 310 हेक्टेयर में फैली काली चना की फसल क्षतिग्रस्त हो गई है। अनुमानित नुकसान 40 करोड़ रुपए का है।

मुख्यमंत्री को बताया गया कि बारिश ने 9 जिलों के 48 मंडलों में 1,301 हेक्टेयर में फैली बागवानी फसलों को भी प्रभावित किया है। केला, पपीता, मिर्च, सब्जियां, आम, संतरा और नींबू जैसी फसलें क्षति ग्रस्त हुईं, जिससे अनुमानित नुकसान 23 करोड़ रुपए का हुआ है। अब तक संकलित अनुमानों के अनुसार, सभी फसलों के लिए कुल मिलाकर 63 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।

अमरावती स्थित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, प्रदेश में 22 मार्च तक व्यापक बारिश होने की संभावना है और उसके बाद छिटपुट बारिश की भी संभावना है।

दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने किसानों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।

इस बीच, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एलपीजी की आपूर्ति के संबंध में भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अगर इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष कुछ समय तक जारी रहता है, तो वैश्विक एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो सकती है। ऐसे संकट से निपटने के लिए राज्य के भीतर एक प्रणाली स्थापित की जानी चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिया कि कहीं भी एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कोई रुकावट न हो। सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों, शैक्षणिक संस्थानों, मंदिरों, अन्न कैंटीनों और आंगनवाड़ियों में आपूर्ति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने इंडक्शन स्टोव और पीएनजी जैसे वैकल्पिक विकल्पों पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे केंद्र सरकार के साथ परामर्श करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उर्वरक, पेट्रोल या डीजल की कोई कमी न हो।

Point of View

जिसने किसानों की फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। राज्य सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से कार्रवाई कर रही है, और मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को त्वरित रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। यह स्थिति न केवल किसानों के लिए बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए भी चिंताजनक है।
NationPress
21/03/2026

Frequently Asked Questions

बेमौसम बारिश से कितने जिलों में फसल का नुकसान हुआ है?
12 जिलों के 42 मंडलों में फसलों को नुकसान पहुंचा है।
किस फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है?
मक्का, धान और काली चना की फसलें सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं।
नुकसान का कुल अनुमान क्या है?
अब तक के अनुमानों के अनुसार, कुल नुकसान 63 करोड़ रुपए का है।
किस प्रकार की फसलें बागवानी में प्रभावित हुई हैं?
केला, पपीता, मिर्च, सब्जियां, आम, संतरा और नींबू जैसी फसलें प्रभावित हुई हैं।
क्या राज्य सरकार ने कोई कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार करने और किसानों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।
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