18 अगस्त 2026
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IAS कैडर 153 से घटाकर 130 करेगी हिमाचल सरकार, CM सुक्खू बोले — जरूरत से ज्यादा अधिकारी कार्यरत

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IAS कैडर 153 से घटाकर 130 करेगी हिमाचल सरकार, CM सुक्खू बोले — जरूरत से ज्यादा अधिकारी कार्यरत

सारांश

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू ने IAS कैडर 153 से घटाकर 130 करने का निर्णय सुनाया — IPS और IFS भी निशाने पर। साथ ही कैबिनेट विस्तार जल्द, 10 दिन का मानसून सत्र और BJP पर श्वेतपत्र लाने का ऐलान किया।

मुख्य बातें

हिमाचल प्रदेश सरकार IAS कैडर को 153 से घटाकर 130 करने का निर्णय ले चुकी है।
IPS और IFS कैडर में भी कटौती प्रस्तावित; CM सुक्खू ने इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बताया।
कैबिनेट विस्तार पर शीर्ष नेतृत्व से 15 मिनट की प्रारंभिक चर्चा हो चुकी; दूसरे दौर के बाद विस्तार संभव।
मानसून सत्र 10 दिनों का होगा; विपक्ष की माँग पर अवधि बढ़ाने पर भी विचार।
पेपर लीक करने वालों को जेल भेजने की चेतावनी; BJP के कथित भ्रष्टाचार पर श्वेतपत्र लाने का ऐलान।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 18 अगस्त 2026 को शिमला में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार IAS कैडर की संख्या 153 से घटाकर 130 करने का निर्णय ले चुकी है। उन्होंने कहा कि इसी तर्ज पर IPS और IFS कैडर में भी कटौती की जाएगी, क्योंकि वर्तमान में प्रदेश में आवश्यकता से अधिक अधिकारी तैनात हैं। मुख्यमंत्री ने इस कदम को हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ज़रूरी प्रशासनिक सुधार बताया।

कैडर कटौती का निर्णय और तर्क

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि अभी प्रदेश में जरूरत से ज्यादा अधिकारी कार्यरत हैं और इसे बनाए रखना वित्तीय दृष्टि से उचित नहीं है। उनके अनुसार, IAS की संख्या 153 से घटाकर 130 की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि IPS और IFS कैडर में भी समानुपातिक कटौती प्रस्तावित है। यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश अपने राजस्व और व्यय के बीच संतुलन बनाने के लिए वित्तीय अनुशासन पर जोर दे रहा है।

कैबिनेट विस्तार पर स्थिति

कैबिनेट विस्तार के सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि इस विषय पर शीर्ष नेतृत्व के साथ 15 मिनट की प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है और दूसरे स्तर की बातचीत अभी शेष है। उन्होंने भरोसा जताया कि दूसरी चर्चा के बाद जल्द ही कैबिनेट विस्तार संपन्न होगा। गौरतलब है कि हिमाचल में कैबिनेट विस्तार लंबे समय से लंबित है और पार्टी के भीतर इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है।

मानसून सत्र और विपक्ष पर प्रतिक्रिया

मानसून सत्र के संदर्भ में सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार ने 10 दिनों का मानसून सत्र बुलाने का निर्णय लिया है, जो पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल से अधिक है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष सत्र की अवधि बढ़ाने की माँग करता है, तो सरकार उस पर भी विचार करने को तैयार है। उन्होंने विपक्ष की कार्यशैली पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि विपक्षी सदस्य सदन में आकर वॉकआउट करते हैं, नारे लगाते हैं और चले जाते हैं — मुद्दों पर सार्थक बहस से बचते हैं। मुख्यमंत्री ने जोड़ा कि उनके मंत्रिमंडल के सदस्य किसी भी विषय पर पूरे दिन चर्चा के लिए तैयार हैं।

पेपर लीक पर कड़ा रुख

सुक्खू ने स्पष्ट किया कि उनके शासनकाल में पेपर लीक की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई परीक्षा पेपर लीक करने का प्रयास करेगा, तो संबंधित व्यक्तियों को जेल भेजा जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में पेपर लीक की घटनाएँ सामने आई हैं और यह एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है।

भाजपा पर श्वेतपत्र का ऐलान

मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि BJP का भ्रष्टाचार अब उजागर हो रहा है और सरकार शीघ्र ही एक श्वेतपत्र लाएगी जिसमें पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल की वित्तीय अनियमितताओं को सार्वजनिक किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश में सत्ता और विपक्ष के बीच यह टकराव आने वाले मानसून सत्र में और तीखा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी विश्वसनीयता तभी बनेगी जब इसमें सत्यापन-योग्य तथ्य हों, न कि चुनावी आरोप। मानसून सत्र की अवधि बढ़ाना सकारात्मक संकेत है, पर असली परीक्षा यह होगी कि सत्र में ठोस विधायी कार्य होता है या केवल टकराव।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश में IAS कैडर कितना घटाया जाएगा?
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के अनुसार, IAS कैडर की संख्या 153 से घटाकर 130 की जाएगी। इसके साथ ही IPS और IFS कैडर में भी कटौती प्रस्तावित है, क्योंकि सरकार का मानना है कि वर्तमान में आवश्यकता से अधिक अधिकारी तैनात हैं।
हिमाचल कैबिनेट विस्तार कब होगा?
CM सुक्खू ने बताया कि शीर्ष नेतृत्व के साथ 15 मिनट की प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है और दूसरे दौर की बातचीत के बाद जल्द ही कैबिनेट विस्तार होगा। हालाँकि, इसकी कोई निश्चित तारीख अभी तक घोषित नहीं की गई है।
हिमाचल प्रदेश का मानसून सत्र 2026 कितने दिनों का होगा?
राज्य सरकार ने 10 दिनों का मानसून सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि विपक्ष अवधि बढ़ाने की माँग करता है तो सरकार उस पर विचार करने को तैयार है।
हिमाचल सरकार BJP पर श्वेतपत्र क्यों ला रही है?
CM सुक्खू ने दावा किया कि पूर्ववर्ती BJP सरकार के कार्यकाल में वित्तीय अनियमितताएँ हुई हैं, जिन्हें श्वेतपत्र के माध्यम से सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि BJP सोशल मीडिया पर अपना भ्रष्टाचार छुपाने की कोशिश कर रही है।
पेपर लीक पर हिमाचल सरकार का क्या रुख है?
मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि उनके शासनकाल में पेपर लीक नहीं होगा और यदि कोई ऐसा करता पाया गया तो उसे जेल भेजा जाएगा। यह बयान देश में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं के बीच आया है।
राष्ट्र प्रेस
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