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डीए मामले में सुधीर शर्मा से सतर्कता ब्यूरो की पूछताछ, बोले — विधानसभा सत्र में पूछताछ राजनीतिक प्रतिशोध

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डीए मामले में सुधीर शर्मा से सतर्कता ब्यूरो की पूछताछ, बोले — विधानसभा सत्र में पूछताछ राजनीतिक प्रतिशोध

सारांश

हिमाचल प्रदेश में विधानसभा सत्र के बीच BJP विधायक सुधीर शर्मा से डीए मामले में सतर्कता ब्यूरो की पूछताछ ने सियासी घमासान छेड़ दिया है। शर्मा ने इसे 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार देते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने की यह कोशिश ज्यादा दिन नहीं चलेगी।

मुख्य बातें

BJP विधायक और पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा से 21 अगस्त को आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में शिमला स्थित राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पूछताछ की।
शर्मा ने पूछताछ को विधानसभा सत्र के दौरान विपक्षी विधायकों पर दबाव बनाने की 'राजनीतिक प्रतिशोध' की कार्रवाई बताया।
उन्होंने कहा कि मामला धर्मशाला से जुड़ा है और सभी दस्तावेज वहीं हैं, फिर भी उन्हें शिमला बुलाया गया।
शर्मा 2024 के राज्यसभा चुनाव में BJP उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में वोट देने वाले छह कांग्रेस विधायकों में शामिल थे, जिसके बाद उन्होंने BJP की सदस्यता ली।
उपचुनाव में कांग्रेस ने 9 में से 6 सीटें जीतीं, BJP को 3 सीटें मिलीं।

हिमाचल प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक और पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा से 21 अगस्त को आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शिमला स्थित मुख्यालय में पूछताछ की। पूछताछ के बाद शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे विधानसभा सत्र के दौरान विपक्षी विधायकों को दबाने की 'राजनीतिक प्रतिशोध' की कार्रवाई बताया।

पूछताछ का घटनाक्रम

शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग दिया है। उन्होंने कहा, 'हम कानून का पालन करने वाले लोग हैं। जो भी तथ्य हैं, वे अंततः हिमाचल प्रदेश की जनता के सामने आएंगे। हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और मैं जांच में पूरा सहयोग करता रहूंगा।' उन्होंने बताया कि सतर्कता विभाग द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज और तथ्य उपलब्ध करा दिए गए हैं।

पूछताछ के समय और स्थान पर सवाल

शर्मा ने पूछताछ की प्रक्रिया और स्थान को लेकर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि यह मामला धर्मशाला से जुड़ा है और उससे संबंधित सभी रिकॉर्ड भी वहीं उपलब्ध हैं, फिर भी उन्हें शिमला स्थित सतर्कता मुख्यालय बुलाया गया। उन्होंने कहा, 'जब मामला धर्मशाला का है और दस्तावेज वहीं हैं, तो मुझे शिमला क्यों बुलाया गया? इतनी जल्दबाजी की क्या जरूरत थी? हर जांच की एक प्रक्रिया और प्रोटोकॉल होता है, जिसका पालन होना चाहिए।'

राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप

BJP विधायक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार विधानसभा में विपक्ष द्वारा जनहित के मुद्दे उठाए जाने से घबराकर विपक्षी विधायकों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, 'चलते हुए विधानसभा सत्र के दौरान किसी विधायक को इस तरह बुलाना अभूतपूर्व है। मौजूदा सरकार विपक्ष की आवाज दबाने पर आमादा दिखाई देती है, लेकिन यह रवैया ज्यादा दिन नहीं चल सकता।'

सुधीर शर्मा की राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि सुधीर शर्मा उन छह कांग्रेस विधायकों में शामिल थे जिन्होंने 2024 के राज्यसभा चुनाव में तीन निर्दलीय विधायकों के साथ BJP उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़कर BJP का दामन थाम लिया और उपचुनाव लड़ा। नौ सीटों पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने छह और BJP ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की। यह पृष्ठभूमि दोनों दलों के बीच तनाव को समझने के लिए अहम है।

आगे क्या होगा

फिलहाल सतर्कता ब्यूरो की ओर से इस पूछताछ पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शर्मा ने स्पष्ट किया है कि वे जांच में सहयोग जारी रखेंगे। यह मामला हिमाचल प्रदेश की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव का नया केंद्र बन सकता है, खासकर तब जब विधानसभा सत्र अभी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों को अलग रखकर देखना मुश्किल है; आलोचकों के लिए यह टाइमिंग संदेहास्पद है। दूसरी ओर, डीए मामले जांच एजेंसियों के वैध अधिकार क्षेत्र में आते हैं और राजनीतिक आरोप अपने आप में जांच को अवैध नहीं बनाते। असली कसौटी यह होगी कि क्या जांच प्रक्रिया स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार चली — और इसका जवाब अभी सामने नहीं आया है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुधीर शर्मा से किस मामले में पूछताछ की गई?
सुधीर शर्मा से आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में 21 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शिमला में पूछताछ की। शर्मा ने कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग दिया और सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए।
सुधीर शर्मा ने पूछताछ को राजनीतिक प्रतिशोध क्यों बताया?
शर्मा का आरोप है कि विधानसभा सत्र के बीच विपक्षी विधायक को तलब करना अभूतपूर्व है और इसका मकसद विपक्ष की आवाज दबाना है। उनके अनुसार कांग्रेस सरकार जनहित के मुद्दों पर विपक्ष के दबाव से घबराकर यह कदम उठा रही है।
सुधीर शर्मा ने कांग्रेस क्यों छोड़ी थी?
2024 के राज्यसभा चुनाव में सुधीर शर्मा उन छह कांग्रेस विधायकों में शामिल थे जिन्होंने BJP उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की थी। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़कर BJP की सदस्यता ग्रहण की और उपचुनाव लड़ा।
हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव के नतीजे क्या रहे?
नौ सीटों पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने छह सीटें जीतीं जबकि BJP को तीन सीटें मिलीं। यह उपचुनाव उन विधायकों की सीटों पर हुआ जिन्होंने दल-बदल किया था।
शर्मा ने पूछताछ के स्थान पर क्या आपत्ति जताई?
शर्मा ने कहा कि डीए मामला धर्मशाला से जुड़ा है और सभी संबंधित दस्तावेज वहीं उपलब्ध हैं, फिर भी उन्हें शिमला स्थित सतर्कता मुख्यालय बुलाया गया। उन्होंने इसे जांच प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया।
राष्ट्र प्रेस
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