हिमाचल में वाइल्डलाइफ पार्क एंट्री फीस 100% बढ़ी, भाजपा बोली — राहुल का आर्थिक मॉडल अंधकार वाला
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने राज्य के वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी और नेशनल पार्कों में भारतीय पर्यटकों के लिए एंट्री फीस ₹150 से बढ़ाकर ₹300 कर दी है — यानी 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी। इस फैसले ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं।
भाजपा का हमला — क्या कहा प्रदीप भंडारी ने
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार राज्य की जनता को लूट रही है। उन्होंने कहा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'खटा-खट इकोनॉमिक मॉडल' ने हिमाचल प्रदेश को अंधेरे में धकेल दिया है और कांग्रेस सरकार राज्य की जनता को लूट रही है।
भंडारी के अनुसार, राज्य सरकार ने वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी और वन क्षेत्रों में प्रवेश के लिए फीस 100 प्रतिशत तक बढ़ा दी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फोटोग्राफी शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है।
कर्ज का बोझ और वित्तीय संकट
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि स्वयं मुख्यमंत्री के ऑन-रिकॉर्ड बयान के अनुसार हिमाचल प्रदेश पर ₹1 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज है। भंडारी के मुताबिक, राज्य सरकार के पास सड़क निर्माण, स्कूल खोलने और बुनियादी सुविधाओं के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं है, और कर्मचारियों को समय पर वेतन देने में भी कठिनाई हो रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार पहले ही बस किराए में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर चुकी है। इसके अलावा, आलोचकों का कहना है कि पूर्व में दूध पर सेस और टैक्स लगाने के फैसले ने भी आम जनता पर बोझ बढ़ाया था।
आम जनता और पर्यटन पर असर
हिमाचल प्रदेश पर्यटन के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। वाइल्डलाइफ पार्कों और अभयारण्यों की एंट्री फीस दोगुनी होने से घरेलू पर्यटकों की संख्या पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों के लिए भी यह चिंता का विषय बन सकता है।
गौरतलब है कि राज्य में बिजली घोटाले को लेकर भी जनता में चर्चा है, जिससे सरकार पर दबाव और बढ़ा है।
राजनीतिक संदर्भ
भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने के प्रयास में सरकार जनता पर महंगाई और कर का बोझ डाल रही है। भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी की 'फर्जी चुनावी घोषणाओं' के वादे पूरे करने की कोशिश में हिमाचल की जनता को महंगाई और भ्रष्टाचार मिल रहा है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा में भी उठ सकता है और सुक्खू सरकार को अपने वित्तीय फैसलों का बचाव करना पड़ सकता है।