30 जुलाई 2026
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हिमाचल में वाइल्डलाइफ पार्क एंट्री फीस 100% बढ़ी, भाजपा बोली — राहुल का आर्थिक मॉडल अंधकार वाला

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हिमाचल में वाइल्डलाइफ पार्क एंट्री फीस 100% बढ़ी, भाजपा बोली — राहुल का आर्थिक मॉडल अंधकार वाला

सारांश

हिमाचल प्रदेश में वाइल्डलाइफ पार्कों की एंट्री फीस 100% बढ़ाकर ₹300 करने के फैसले पर भाजपा ने कांग्रेस को घेरा। प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी के 'खटा-खट इकोनॉमिक मॉडल' को राज्य के ₹1 लाख करोड़ के कर्ज और बढ़ती महंगाई का जिम्मेदार ठहराया।

मुख्य बातें

हिमाचल प्रदेश सरकार ने वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी और नेशनल पार्कों की एंट्री फीस ₹150 से बढ़ाकर ₹300 की — 100% की बढ़ोतरी।
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी के 'खटा-खट इकोनॉमिक मॉडल' को राज्य की आर्थिक दुर्दशा का कारण बताया।
मुख्यमंत्री के ऑन-रिकॉर्ड बयान के अनुसार हिमाचल प्रदेश पर ₹1 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज है।
राज्य सरकार पहले ही बस किराए में 15% और दूध पर सेस लगा चुकी है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर विपक्ष के सवाल तेज हो गए हैं।

हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने राज्य के वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी और नेशनल पार्कों में भारतीय पर्यटकों के लिए एंट्री फीस ₹150 से बढ़ाकर ₹300 कर दी है — यानी 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी। इस फैसले ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं।

भाजपा का हमला — क्या कहा प्रदीप भंडारी ने

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार राज्य की जनता को लूट रही है। उन्होंने कहा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'खटा-खट इकोनॉमिक मॉडल' ने हिमाचल प्रदेश को अंधेरे में धकेल दिया है और कांग्रेस सरकार राज्य की जनता को लूट रही है।

भंडारी के अनुसार, राज्य सरकार ने वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी और वन क्षेत्रों में प्रवेश के लिए फीस 100 प्रतिशत तक बढ़ा दी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फोटोग्राफी शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है।

कर्ज का बोझ और वित्तीय संकट

भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि स्वयं मुख्यमंत्री के ऑन-रिकॉर्ड बयान के अनुसार हिमाचल प्रदेश पर ₹1 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज है। भंडारी के मुताबिक, राज्य सरकार के पास सड़क निर्माण, स्कूल खोलने और बुनियादी सुविधाओं के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं है, और कर्मचारियों को समय पर वेतन देने में भी कठिनाई हो रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार पहले ही बस किराए में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर चुकी है। इसके अलावा, आलोचकों का कहना है कि पूर्व में दूध पर सेस और टैक्स लगाने के फैसले ने भी आम जनता पर बोझ बढ़ाया था।

आम जनता और पर्यटन पर असर

हिमाचल प्रदेश पर्यटन के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। वाइल्डलाइफ पार्कों और अभयारण्यों की एंट्री फीस दोगुनी होने से घरेलू पर्यटकों की संख्या पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों के लिए भी यह चिंता का विषय बन सकता है।

गौरतलब है कि राज्य में बिजली घोटाले को लेकर भी जनता में चर्चा है, जिससे सरकार पर दबाव और बढ़ा है।

राजनीतिक संदर्भ

भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने के प्रयास में सरकार जनता पर महंगाई और कर का बोझ डाल रही है। भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी की 'फर्जी चुनावी घोषणाओं' के वादे पूरे करने की कोशिश में हिमाचल की जनता को महंगाई और भ्रष्टाचार मिल रहा है।

आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा में भी उठ सकता है और सुक्खू सरकार को अपने वित्तीय फैसलों का बचाव करना पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बस किराए में 15% वृद्धि, दूध पर सेस और अब पर्यटन शुल्क — यह पैटर्न दर्शाता है कि सरकार राजस्व के लिए सार्वजनिक सेवाओं पर टैक्स लगाने की राह पकड़ रही है, न कि खर्च में कटौती की। ₹1 लाख करोड़ के कर्ज का बोझ वास्तविक है और मुख्यमंत्री खुद इसे स्वीकार कर चुके हैं। असली सवाल यह है कि क्या ये बढ़ोतरियाँ राजकोषीय अनुशासन का हिस्सा हैं या चुनावी वादों की भरपाई का आसान रास्ता — और इसका जवाब सरकार को जनता के सामने देना होगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश में वाइल्डलाइफ पार्क की एंट्री फीस कितनी बढ़ाई गई है?
हिमाचल प्रदेश सरकार ने भारतीय पर्यटकों के लिए वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी और नेशनल पार्कों की एंट्री फीस ₹150 से बढ़ाकर ₹300 कर दी है, यानी 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी। फोटोग्राफी शुल्क में भी वृद्धि की गई है।
भाजपा ने इस फीस बढ़ोतरी पर क्या कहा?
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इसे राहुल गांधी के 'खटा-खट इकोनॉमिक मॉडल' का नतीजा बताया और कहा कि कांग्रेस सरकार जनता को लूट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी वादे पूरे करने के प्रयास में सरकार महंगाई और भ्रष्टाचार दे रही है।
हिमाचल प्रदेश पर कितना कर्ज है?
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के ऑन-रिकॉर्ड बयान के अनुसार हिमाचल प्रदेश पर ₹1 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज है। भाजपा का दावा है कि इसी कारण सरकार के पास सड़क, स्कूल और बुनियादी सुविधाओं के लिए पैसे नहीं हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाल में और कौन-कौन से शुल्क बढ़ाए हैं?
हाल के महीनों में हिमाचल प्रदेश सरकार ने बस किराए में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है और दूध पर सेस व टैक्स भी लगाया है। अब वाइल्डलाइफ पार्क फीस में 100% वृद्धि से विपक्ष का हमला और तेज हो गया है।
इस विवाद का हिमाचल प्रदेश के पर्यटन पर क्या असर पड़ सकता है?
एंट्री फीस दोगुनी होने से घरेलू पर्यटकों की संख्या प्रभावित हो सकती है, जिससे स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। पर्यटन पर निर्भर हिमाचल प्रदेश के लिए यह आर्थिक रूप से संवेदनशील मुद्दा है।
राष्ट्र प्रेस
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