हिमाचल प्रदेश: भाजपा विधायकों ने विधानसभा में 'प्रवेश शुल्क' वृद्धि पर किया जोरदार प्रदर्शन

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हिमाचल प्रदेश: भाजपा विधायकों ने विधानसभा में 'प्रवेश शुल्क' वृद्धि पर किया जोरदार प्रदर्शन

सारांश

शिमला में भाजपा विधायकों ने कांग्रेस सरकार द्वारा प्रवेश शुल्क और ईंधन पर उपकर बढ़ाने के खिलाफ आवाज उठाई। पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इसे जनविरोधी बताया और चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इसे वापस नहीं लिया तो आंदोलन और तेज होगा।

Key Takeaways

  • भाजपा विधायकों ने कांग्रेस सरकार के निर्णयों के खिलाफ विरोध किया।
  • प्रवेश शुल्क में वृद्धि ने व्यापक जन असंतोष पैदा किया है।
  • पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे जनविरोधी करार दिया।
  • सरकार के फैसले ने पड़ोसी राज्यों में भी विरोध को जन्म दिया।
  • मुख्यमंत्री ने दरों को पूर्व स्तर पर लाने का आश्वासन दिया।

शिमला, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने मंगलवार को विधानसभा परिसर में कांग्रेस सरकार द्वारा प्रवेश शुल्क में वृद्धि और पेट्रोल एवं डीजल पर उपकर लगाने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर ने कहा कि जबकि केंद्र सरकार ने मध्य पूर्व की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल और डीजल पर वैट में 10 रुपए की कमी करके नागरिकों को राहत दी है, वहीं ठाकुर सरकार ऐसे फैसले लेती रही है जो न केवल जनता को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि इसका असर अब पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों तक भी पहुँच गया है, जहाँ लोग और ट्रांसपोर्टर गैर-राज्य वाहनों पर प्रवेश शुल्क में वृद्धि के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं।

विपक्ष ने स्पष्ट किया कि छोटे वाहनों पर प्रवेश शुल्क 40 रुपए से बढ़ाकर 170 रुपए और भारी वाहनों पर 40 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपए कर दिया गया है। उन्होंने तर्क किया कि यह कदम न केवल तर्कहीन है, बल्कि हिमाचल प्रदेश की पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए आत्मघाती भी है।

इसके अलावा, विधानसभा में एक अधिनियम पारित करके सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 5 रुपए का ‘विधवा और अनाथ उपकर’ लगाकर जनता पर भारी बोझ डालने का रास्ता खोल दिया है।

विपक्ष के नेता ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सीमावर्ती जिलों के निवासियों के लिए यह निर्णय दैनिक आर्थिक जबरन वसूली के समान बोझ बन जाएगा, जिससे आम जनजीवन और व्यावसायिक गतिविधियाँ पूरी तरह ठप्प हो सकती हैं।

उन्होंने कहा कि स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस कर वृद्धि के विरोध में पड़ोसी राज्यों के लोगों ने आज रात से राज्य में वाहनों के प्रवेश को रोकने की चेतावनी जारी की है, जिससे राज्य की कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती खड़ी हो सकती है।

भाजपा ने सरकार पर बिगड़ती स्थिति से कोई सबक न लेने और जनहित को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया है। इसके बजाय, अनावश्यक आर्थिक बोझ डालकर सरकार राज्य को आर्थिक अराजकता की ओर धकेल रही है।

विपक्ष ने कड़ी चेतावनी दी है: यदि सरकार जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रवेश शुल्क और ईंधन पर लगाए गए उपकर में तत्काल वृद्धि वापस नहीं लेती है, तो यह आंदोलन सदन से सड़कों तक और भी तेज किया जाएगा।

इसी बीच, मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खु ने दोपहर के भोजन के बाद विधानसभा में एक बयान में टोल टैक्स बैरियरों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इस संबंध में जानबूझकर भ्रम और असंतोष फैलाया जा रहा है।

उन्होंने घोषणा की कि टोल टैक्स संरचना की एक बार फिर समीक्षा की गई है और कारों से लेकर 12 सीटों वाले वाहनों के लिए प्रवेश कर की दरों को उनके पूर्व स्तर पर वापस लाने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने सदन को सूचित किया कि उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया था, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

Point of View

NationPress
01/04/2026

Frequently Asked Questions

भाजपा विधायकों ने किस मुद्दे पर प्रदर्शन किया?
भाजपा विधायकों ने कांग्रेस सरकार द्वारा प्रवेश शुल्क और पेट्रोल, डीजल पर उपकर बढ़ाने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया।
पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने क्या कहा?
जय राम ठाकुर ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार दिया और कहा कि फैसले जनता को प्रभावित कर रहे हैं।
विपक्ष ने प्रवेश शुल्क में कितनी वृद्धि की है?
विपक्ष ने बताया कि छोटे वाहनों पर प्रवेश शुल्क 40 रुपए से बढ़ाकर 170 रुपए और भारी वाहनों पर 40 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपए कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खु ने क्या घोषणा की?
मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खु ने टोल टैक्स संरचना की समीक्षा की और दरों को पूर्व स्तर पर वापस लाने का निर्णय लिया।
क्या प्रदर्शन का कोई प्रभाव पड़ेगा?
यदि सरकार ने वृद्धि वापस नहीं ली, तो विपक्ष ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शन और तेज किया जाएगा।
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