हिमाचल एंट्री टैक्स विवाद: भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने 'खालसा टैक्स' पर सरकार से मांगी सख्त कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने हिमाचल प्रदेश सरकार से पंजाब-हिमाचल बॉर्डर पर कथित तौर पर वसूले जा रहे 'खालसा टैक्स' पर तत्काल संज्ञान लेने और निजी एवं पर्यटक वाहनों को एंट्री टैक्स से बाहर रखने की मांग की है। शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार ने विधानसभा में छोटी गाड़ियों पर एंट्री टैक्स ₹70 रखने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में जारी अधिसूचना में इसे बढ़ाकर ₹100 कर दिया गया।
क्या है पूरा मामला
शर्मा के मुताबिक, उनकी जानकारी में किसी भी 'खालसा टैक्स' की आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन बॉर्डर क्षेत्र में लगातार विरोध और धरना-प्रदर्शन जारी हैं। उन्होंने कहा कि एंट्री टैक्स में बढ़ोतरी के बाद से स्थानीय लोग आंदोलनरत हैं और हाल ही में इस मुद्दे पर ताज़ा प्रदर्शन भी देखने को मिले हैं।
विधायक ने कहा, ‘अगर बॉर्डर पर किसी भी तरह का अवैध टैक्स वसूला जा रहा है तो सरकार को तुरंत संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।’
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर
शर्मा ने तर्क दिया कि निजी और पर्यटक वाहनों को एंट्री टैक्स से छूट देने से न केवल राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे और राज्य की आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी। उन्होंने बताया कि मनाली जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले पर्यटकों को बॉर्डर पर टोल बैरियर और एंट्री टैक्स काउंटरों के कारण कई बार दो-दो घंटे तक जाम में फंसना पड़ता है।
उनके अनुसार, बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों को सबसे अधिक दिक्कत होती है, और इसी वजह से कई पर्यटक दोबारा हिमाचल आने से कतराने लगते हैं — जो राज्य के पर्यटन उद्योग के लिए चिंताजनक संकेत है।
बॉर्डर निवासियों की परेशानी
शर्मा ने कहा कि बॉर्डर इलाकों में रहने वाले लोगों को बार-बार सीमा पार करनी पड़ती है, जिससे उनका अतिरिक्त खर्च और समय दोनों बढ़ जाते हैं। पंजाब में रजिस्टर्ड गाड़ियों को भी कई बार टैक्स देना पड़ता है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराज़गी है। उन्होंने जोड़ा कि पंजाब से रिश्तेदारों या सामान्य यात्रियों के हिमाचल आने पर भी यही दिक्कत आती है।
मुख्यमंत्री पर निशाना और दो-राज्य संवाद की मांग
विधायक ने मुख्यमंत्री पर आश्वासन से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर सरकार अपने वादे पर कायम रहती तो शायद आज यह आंदोलन देखने को नहीं मिलता। उन्होंने हिमाचल और पंजाब सरकारों से आपसी बातचीत की मांग की ताकि बॉर्डर पर तनाव या हिंसा की स्थिति न बने।
आगे क्या
शर्मा ने बताया कि लगातार बढ़ते विरोध के बीच अब एंट्री टैक्स को पूरी तरह समाप्त करने की मांग भी उठ रही है, हालाँकि उनका व्यक्तिगत मत है कि कम से कम निजी और पर्यटक वाहनों को इससे बाहर रखा जाए। यह देखना अहम होगा कि राज्य सरकार इस बढ़ते जन-दबाव और विपक्ष की मांग पर क्या रुख अपनाती है।