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काजीरंगा की 'वन दुर्गाएँ': CM हिमंता ने महिला वन रक्षकों को सराहा, बोले— 'ये असम की पहचान की रक्षक'

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काजीरंगा की 'वन दुर्गाएँ': CM हिमंता ने महिला वन रक्षकों को सराहा, बोले— 'ये असम की पहचान की रक्षक'

सारांश

नवरात्रि के षष्ठ दिवस पर CM हिमंता बिस्वा सरमा ने काजीरंगा की उन 108 महिला वन रक्षकों को 'वन दुर्गा' की उपाधि दी, जिन्होंने अगस्त 2023 में जंगल की निगरानी सँभाली। ये किसान परिवारों की बेटियाँ गैंडे, बाघ और हाथियों की रक्षा करती हैं — और PM मोदी भी उनके साहस को प्रेरणादायक बता चुके हैं।

मुख्य बातें

CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 16 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि के अवसर पर काजीरंगा की महिला वन रक्षकों को 'वन दुर्गा' कहकर सम्मानित किया।
अगस्त 2023 में 108 महिलाओं का पहला जत्था काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में फ्रंटलाइन फॉरेस्ट गार्ड के रूप में तैनात हुआ था।
ये महिलाएँ किसान परिवारों से हैं और डेरगांव स्थित 11वीं असम पुलिस बटालियन में प्रशिक्षित की गई हैं।
इनकी ड्यूटी में एक सींग वाले गैंडे , हाथी, बाघ और जंगली भैंसों की सुरक्षा शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काजीरंगा दौरे के दौरान इन महिला रक्षकों से मिल चुके हैं और उन्हें 'अत्यंत प्रेरणादायक' बता चुके हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 16 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि के षष्ठ दिवस पर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में तैनात महिला वन रक्षकों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने इन महिलाओं को राज्य की 'वन दुर्गा' की संज्ञा दी और कहा कि वे असम की समृद्ध वन्यजीव विरासत के साथ साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान की भी रक्षा कर रही हैं।

एक्स पोस्ट में मां कात्यायनी से जोड़ा संदर्भ

मुख्यमंत्री हिमंता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में नवरात्रि के छठे दिन की देवी मां कात्यायनी का स्मरण करते हुए लिखा, "छठे दिन हम मां कात्यायनी की पूजा करते हैं, जो महिषासुर का वध करने वाली देवी हैं। वृंदावन के कुंजों में, यमुना के तट पर गोपियों ने उनकी आराधना की थी। वे हर उस चीज की प्रबल रक्षक हैं, जो पवित्र है।" उन्होंने आगे जोड़ा कि असम के जंगलों में भी अपनी 'कात्यायनियाँ' मौजूद हैं — काजीरंगा की वे महिला वन रक्षक जो हर मौसम में जंगल की निगरानी करती हैं।

अगस्त 2023 में हुई थी 'वन दुर्गा' दस्ते की शुरुआत

सीएम हिमंता ने अपनी पोस्ट में बताया कि अगस्त 2023 में 108 महिलाओं का पहला जत्था काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में 'वन दुर्गाओं' के रूप में फ्रंटलाइन फॉरेस्ट गार्ड (वन रक्षक) के तौर पर शामिल हुआ था। ये महिलाएँ किसान परिवारों से हैं और इन्हें डेरगांव स्थित 11वीं असम पुलिस बटालियन में प्रशिक्षित किया गया है।

ये वन रक्षक वाहनों, पैदल गश्त और बाढ़ के दौरान नावों के जरिये पार्क की निगरानी करती हैं। उनकी जिम्मेदारी में एक सींग वाले गैंडे, हाथियों, बाघों और जंगली भैंसों की सुरक्षा शामिल है — वे सभी वन्यजीव जो काजीरंगा की अद्वितीय जैव विविधता की पहचान हैं।

PM मोदी भी कर चुके हैं प्रशंसा

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काजीरंगा दौरे के दौरान इन महिला वन रक्षकों से मुलाकात की थी और उनके साहस को 'अत्यंत प्रेरणादायक' बताया था। हिमंता ने लिखा, "वे साबित करती हैं कि हमारी प्राकृतिक धरोहर की रक्षा के प्रयासों में महिलाओं की अग्रणी भूमिका होनी चाहिए।"

असम की पहचान से जुड़ा संदेश

हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने संदेश में यह भी कहा कि जब बेटियाँ जंगलों की रक्षा करती हैं, तो वे वास्तव में असम की सांस्कृतिक और भौगोलिक पहचान की ही रक्षा कर रही होती हैं। उन्होंने मां कात्यायनी से प्रार्थना की कि वे प्रत्येक 'वन दुर्गा' को शक्ति, सुरक्षा और जंगल में निर्भय रहने का आशीर्वाद दें।

गौरतलब है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और यहाँ विश्व की सबसे बड़ी एक सींग वाले गैंडों की आबादी पाई जाती है। ऐसे संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र में महिला वन रक्षकों की तैनाती को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक सकारात्मक और समावेशी कदम के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

महिला सशक्तीकरण और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को एक साथ बुनती है। 108 महिला वन रक्षकों की तैनाती वास्तव में एक सराहनीय प्रशासनिक कदम है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि इन रक्षकों की सेवा शर्तें, वेतन और क्षेत्र में सुरक्षा उपकरण मानक स्तर के हैं या नहीं। काजीरंगा जैसे संवेदनशील वन क्षेत्र में तैनाती तारीफ के साथ जवाबदेही भी माँगती है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काजीरंगा की 'वन दुर्गा' कौन हैं?
'वन दुर्गा' उन महिला वन रक्षकों को कहा जाता है जो काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में फ्रंटलाइन फॉरेस्ट गार्ड के रूप में तैनात हैं। अगस्त 2023 में इनका पहला जत्था 108 महिलाओं के साथ शामिल हुआ था, जो किसान परिवारों से हैं और डेरगांव स्थित 11वीं असम पुलिस बटालियन में प्रशिक्षित हुई हैं।
CM हिमंता ने 'वन दुर्गाओं' की तारीफ कब और क्यों की?
16 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि के षष्ठ दिवस पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर पोस्ट करके इन महिलाओं को 'वन दुर्गा' कहा। उन्होंने नवरात्रि की देवी मां कात्यायनी के साहस से इन वन रक्षकों की तुलना करते हुए कहा कि ये महिलाएँ असम की प्राकृतिक विरासत और पहचान दोनों की रक्षक हैं।
ये महिला वन रक्षक काजीरंगा में क्या कार्य करती हैं?
ये महिला वन रक्षक वाहनों, पैदल और बाढ़ के दौरान नावों के माध्यम से काजीरंगा में गश्त करती हैं। इनकी प्रमुख जिम्मेदारी एक सींग वाले गैंडे, हाथियों, बाघों और जंगली भैंसों की सुरक्षा करना है।
PM मोदी का 'वन दुर्गाओं' से क्या संबंध है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के दौरे पर इन महिला वन रक्षकों से मिल चुके हैं। CM हिमंता के अनुसार, मोदी ने उनके साहस को 'अत्यंत प्रेरणादायक' बताया था।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का महत्व क्या है?
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान असम में स्थित है और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। यहाँ विश्व की सबसे बड़ी एक सींग वाले गैंडों की आबादी पाई जाती है, और यह एक साथ गैंडे, हाथी, बाघ तथा जंगली भैंसों का आवास है।
राष्ट्र प्रेस
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