काजीरंगा की 'वन दुर्गाएँ': CM हिमंता ने महिला वन रक्षकों को सराहा, बोले— 'ये असम की पहचान की रक्षक'
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 16 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि के षष्ठ दिवस पर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में तैनात महिला वन रक्षकों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने इन महिलाओं को राज्य की 'वन दुर्गा' की संज्ञा दी और कहा कि वे असम की समृद्ध वन्यजीव विरासत के साथ साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान की भी रक्षा कर रही हैं।
एक्स पोस्ट में मां कात्यायनी से जोड़ा संदर्भ
मुख्यमंत्री हिमंता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में नवरात्रि के छठे दिन की देवी मां कात्यायनी का स्मरण करते हुए लिखा, "छठे दिन हम मां कात्यायनी की पूजा करते हैं, जो महिषासुर का वध करने वाली देवी हैं। वृंदावन के कुंजों में, यमुना के तट पर गोपियों ने उनकी आराधना की थी। वे हर उस चीज की प्रबल रक्षक हैं, जो पवित्र है।" उन्होंने आगे जोड़ा कि असम के जंगलों में भी अपनी 'कात्यायनियाँ' मौजूद हैं — काजीरंगा की वे महिला वन रक्षक जो हर मौसम में जंगल की निगरानी करती हैं।
अगस्त 2023 में हुई थी 'वन दुर्गा' दस्ते की शुरुआत
सीएम हिमंता ने अपनी पोस्ट में बताया कि अगस्त 2023 में 108 महिलाओं का पहला जत्था काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में 'वन दुर्गाओं' के रूप में फ्रंटलाइन फॉरेस्ट गार्ड (वन रक्षक) के तौर पर शामिल हुआ था। ये महिलाएँ किसान परिवारों से हैं और इन्हें डेरगांव स्थित 11वीं असम पुलिस बटालियन में प्रशिक्षित किया गया है।
ये वन रक्षक वाहनों, पैदल गश्त और बाढ़ के दौरान नावों के जरिये पार्क की निगरानी करती हैं। उनकी जिम्मेदारी में एक सींग वाले गैंडे, हाथियों, बाघों और जंगली भैंसों की सुरक्षा शामिल है — वे सभी वन्यजीव जो काजीरंगा की अद्वितीय जैव विविधता की पहचान हैं।
PM मोदी भी कर चुके हैं प्रशंसा
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काजीरंगा दौरे के दौरान इन महिला वन रक्षकों से मुलाकात की थी और उनके साहस को 'अत्यंत प्रेरणादायक' बताया था। हिमंता ने लिखा, "वे साबित करती हैं कि हमारी प्राकृतिक धरोहर की रक्षा के प्रयासों में महिलाओं की अग्रणी भूमिका होनी चाहिए।"
असम की पहचान से जुड़ा संदेश
हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने संदेश में यह भी कहा कि जब बेटियाँ जंगलों की रक्षा करती हैं, तो वे वास्तव में असम की सांस्कृतिक और भौगोलिक पहचान की ही रक्षा कर रही होती हैं। उन्होंने मां कात्यायनी से प्रार्थना की कि वे प्रत्येक 'वन दुर्गा' को शक्ति, सुरक्षा और जंगल में निर्भय रहने का आशीर्वाद दें।
गौरतलब है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और यहाँ विश्व की सबसे बड़ी एक सींग वाले गैंडों की आबादी पाई जाती है। ऐसे संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र में महिला वन रक्षकों की तैनाती को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक सकारात्मक और समावेशी कदम के रूप में देखा जा रहा है।