डीके शिवकुमार का आरोप: भाजपा ने चुनाव में 25 लाख CAPF जवान तैनात कर, 96 लाख मतदाता हटाकर किया सत्ता का दुरुपयोग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
डीके शिवकुमार का आरोप: भाजपा ने चुनाव में 25 लाख CAPF जवान तैनात कर, 96 लाख मतदाता हटाकर किया सत्ता का दुरुपयोग

सारांश

डीके शिवकुमार ने भाजपा पर 25 लाख CAPF जवान तैनात करने और 96 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाने का आरोप लगाया है — और दक्षिण भारत के नतीजों को भाजपा की 'जनस्वीकृति की कमी' का प्रमाण बताया। केरल में UDF की भारी जीत को उन्होंने अपने आकलन की पुष्टि करार दिया।

मुख्य बातें

डीके शिवकुमार ने 4 मई को बेंगलुरु में भाजपा पर चुनावों में सत्ता के व्यापक दुरुपयोग का आरोप लगाया।
आरोप: लगभग 25 लाख CAPF जवान तैनात और 96 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए।
विशेष रूप से पश्चिम बंगाल , असम और तमिलनाडु में दुरुपयोग के आरोप।
केरल में UDF की भारी जीत को शिवकुमार ने भाजपा की अस्वीकृति का संकेत बताया।
तमिलनाडु में DMK की हार के बावजूद भाजपा सहयोगियों की पराजय को 'सांप्रदायिक ताकतों की हार' बताया।
TVK के साथ गठबंधन पर शिवकुमार ने कहा — पार्टी निर्देशानुसार काम करेंगे।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने सोमवार, 4 मई को आरोप लगाया कि भाजपा ने हाल ही में संपन्न हुए चुनावों के दौरान कई राज्यों में सुनियोजित ढंग से सत्ता का व्यापक दुरुपयोग किया। उन्होंने बेंगलुरु में KPCC कार्यालय और कनकपुरा में मीडिया से बातचीत के दौरान ये गंभीर आरोप लगाए।

मुख्य आरोप: आँकड़े और दावे

शिवकुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा ने इन चुनावों में लगभग 25 लाख केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान तैनात किए। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि लगभग 96 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए — जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ सीधा खिलवाड़ बताया।

उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु का उल्लेख करते हुए कहा कि इन राज्यों में सत्ता के दुरुपयोग की घटनाएँ बड़े पैमाने पर देखी गईं।

केरल के नतीजों पर प्रतिक्रिया

केरल चुनाव परिणामों पर टिप्पणी करते हुए शिवकुमार ने कहा कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को भारी बहुमत से सत्ता मिली है। उन्होंने कहा कि लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और भाजपा के बीच कथित मिलीभगत के बावजूद, जनता ने कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन को जीत का आशीर्वाद दिया।

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें केरल में इतने बड़े बहुमत की उम्मीद थी, तो शिवकुमार ने कहा —

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उन्होंने इनके स्रोत का उल्लेख नहीं किया, जो इन आरोपों की सत्यापनीयता पर सवाल खड़ा करता है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण भारत के नतीजों ने भाजपा की विस्तार रणनीति को चुनौती दी है — जो कांग्रेस के लिए एक सुविधाजनक राजनीतिक कथा है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग (ECI) ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। मतदाता सूची से नाम हटाने के आरोप पहले भी उठते रहे हैं, लेकिन न्यायिक या संस्थागत जाँच के बिना ये राजनीतिक बयानबाज़ी से आगे नहीं बढ़ पाते।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीके शिवकुमार ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए हैं?
शिवकुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हाल के चुनावों में सत्ता का व्यापक दुरुपयोग किया — लगभग 25 लाख CAPF जवान तैनात किए और 96 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। ये आरोप उन्होंने 4 मई को बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत में लगाए।
किन राज्यों में भाजपा पर सत्ता दुरुपयोग का आरोप लगाया गया?
शिवकुमार ने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु का उल्लेख किया, जहाँ उनके अनुसार सत्ता का दुरुपयोग बड़े पैमाने पर हुआ।
केरल चुनाव नतीजों पर शिवकुमार का क्या कहना था?
शिवकुमार ने कहा कि UDF को भारी बहुमत से जीत मिली और LDF व भाजपा के बीच कथित मिलीभगत के बावजूद जनता ने कांग्रेस गठबंधन को चुना। उन्होंने दावा किया था कि UDF दो-तिहाई बहुमत से जीतेगा।
तमिलनाडु के नतीजों पर शिवकुमार ने क्या कहा?
शिवकुमार ने कहा कि हालाँकि DMK हार गई, लेकिन मतदाताओं ने भाजपा के सहयोगियों को नकार दिया, जिससे उनके अनुसार 'सांप्रदायिक ताकतों' को दूर रखा गया।
TVK के साथ गठबंधन पर शिवकुमार का क्या रुख है?
शिवकुमार ने TVK के साथ बातचीत पर सीधा जवाब देने से परहेज किया और कहा कि वे पार्टी के निर्देशानुसार काम करेंगे तथा इस मामले पर अटकलें नहीं लगाएँगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 4 महीने पहले