राजस्थान CM भजनलाल शर्मा ने दी मंजूरी: REE खनन लाइसेंस, NIA विशेष अदालत और 8 जिलों में सिविल डिफेंस कोर
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 17 जून 2026 को राज्य के खनन क्षेत्र, न्यायिक बुनियादी ढाँचे और आपदा प्रबंधन तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्त्वपूर्ण निर्णयों को हरी झंडी दी। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इन फैसलों से राज्य में आर्थिक गतिविधियाँ तेज होंगी, शासन व्यवस्था में सुधार आएगा और नागरिक सुरक्षा तंत्र अधिक प्रभावी बनेगा।
रेयर अर्थ एलिमेंट खनन: बालोतरा में 207.63 वर्ग किमी का अन्वेषण लाइसेंस
खनिज अन्वेषण को बल देते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने बालोतरा जिले के नवाताला और देवगढ़ गाँवों में 207.63 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में 'रेयर अर्थ एलिमेंट' (REE) खनिजों के अन्वेषण के लिए लाइसेंस प्रदान करने को मंजूरी दी। यह लाइसेंस केंद्रीय खान योजना व डिज़ाइन संस्थान (CMPDI) को सौंपा गया है।
यह खनिज ब्लॉक पचपदरा और शेरगढ़ क्षेत्रों के अंतर्गत आता है। REE खनिज रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं — इनका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और रक्षा निर्माण जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में होता है। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से क्षेत्र में खनिज संसाधनों का विकास होगा और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे।
NIA मामलों के लिए विशेष अदालत: न्यायिक प्रक्रिया होगी तेज़
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) द्वारा जाँचे जाने वाले मामलों के त्वरित निपटारे के लिए एक विशेष अदालत स्थापित करने को भी स्वीकृति दी। सरकार के अनुसार, इस विशेष न्यायालय से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े और एजेंसी द्वारा अन्वेषित मामलों में कानूनी प्रक्रिया की दक्षता और प्रभावशीलता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा।
गौरतलब है कि NIA मामलों में लंबित प्रकरणों की संख्या देशभर में चिंता का विषय रही है। राजस्थान में विशेष अदालत की स्थापना से इस दिशा में राज्य एक सकारात्मक कदम उठा रहा है।
8 नए जिलों में सिविल डिफेंस कोर: आपदा प्रबंधन को मिलेगी नई ताकत
2025-26 के बजट घोषणाओं के अनुरूप, मुख्यमंत्री शर्मा ने राज्य के आठ नवगठित जिलों में 'सिविल डिफेंस कोर' की स्थापना को हरी झंडी दी। इन जिलों में बालोतरा, डीडवाना-कुचामन, फलोदी, सलूंबर, खैरथल-तिजारा, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ और ब्यावर शामिल हैं।
सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों में त्वरित एवं संगठित प्रतिक्रिया क्षमता विकसित करना है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब राजस्थान के कई हिस्से हर वर्ष बाढ़, सूखे और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित होते हैं।
समयबद्ध क्रियान्वयन पर मुख्यमंत्री का जोर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अनुमोदित निर्णयों को निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि इनका लाभ जनता तक शीघ्र पहुँच सके। यह कदम राज्य सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत नीतिगत निर्णयों और उनके ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई को पाटने पर बल दिया जा रहा है।