27 जून 2026
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राजस्थान: CM भजनलाल शर्मा ने MSME दिवस पर ₹13 करोड़ सहायता व नई औद्योगिक नीति का ऐलान किया

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राजस्थान: CM भजनलाल शर्मा ने MSME दिवस पर ₹13 करोड़ सहायता व नई औद्योगिक नीति का ऐलान किया

सारांश

अंतर्राष्ट्रीय MSME दिवस पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में ₹13 करोड़ से अधिक की सहायता वितरित की, 25 स्टार्टअप्स को वेंचर कैपिटल फंड का लाभ देने और RIPS-2024 के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स व सेमीकंडक्टर क्षेत्र को नए प्रोत्साहन देने की घोषणा की — राज्य को देश के शीर्ष औद्योगिक गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 27 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय MSME दिवस पर जयपुर में नई राजस्थान औद्योगिक विकास नीति का शुभारंभ किया।
लाभार्थियों को ₹13 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता और RIICO भूमि आवंटन पत्र वितरित किए गए।
राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड के ज़रिए 25 स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता और RIPS-2024 के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स व सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए नए प्रोत्साहन घोषित।
राजस्थान में 33 लाख से अधिक उद्यमों के साथ राज्य देश का चौथा सबसे बड़ा MSME केंद्र बना।
भूमि उपयोग परिवर्तन अनुमोदन 60 दिन से 30 दिन और औद्योगिक संचालन अनुमति 120 दिन से 30 दिन की गई।
पिछले वर्ष प्रत्यक्ष आवंटन नीति-2025 के तहत 1,600 से अधिक औद्योगिक भूखंड आवंटित।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 27 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर जयपुर के संविधान क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में राजस्थान के एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए कई नीतिगत पहलों और प्रोत्साहनों की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने लाभार्थियों को ₹13 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता और राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) के भूमि आवंटन पत्र भी वितरित किए।

मुख्य घोषणाएँ और नीतिगत पहलें

मुख्यमंत्री शर्मा ने इस कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण कदमों का ऐलान किया। इनमें कारीगरों और बुनकरों के लिए समर्पित हाटों का विकास, राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS)-2024 के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों के लिए नए प्रोत्साहन, राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड के माध्यम से 25 स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता और राजस्थान औद्योगिक विकास नीति का शुभारंभ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राजस्थान की आर्थिक वृद्धि, रोज़गार सृजन और आत्मनिर्भरता की रीढ़ हैं।

राजस्थान की MSME स्थिति और पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की उद्योग-समर्थक नीतियों और उद्यमियों के नवाचार के बल पर राजस्थान देश में चौथे सबसे बड़े एमएसएमई केंद्र के रूप में उभरा है, जहाँ 33 लाख से अधिक उद्यम पंजीकृत हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट जैसी पहलों ने राज्य में निवेशकों का भरोसा मज़बूत किया है।

व्यापार सुगमता में सुधार

राज्य सरकार ने व्यापार करने में सुगमता लाने के लिए 23 प्रमुख क्षेत्रों में सुधार लागू किए हैं। शहरी क्षेत्रों में भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति का समय 60 दिनों से घटाकर 30 दिन कर दिया गया है। इसी प्रकार, औद्योगिक संचालन शुरू करने की अनुमति की समय-सीमा 120 दिनों से घटाकर 30 दिन की गई है — जो उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत मानी जा रही है।

भूमि आवंटन और निवेश प्रतिबद्धता

प्रत्यक्ष आवंटन नीति-2025 के तहत पिछले वर्ष राजस्थान भर में 1,600 से अधिक औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए हैं, जिससे उद्योगों को समय पर भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने युवा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, स्थानीय उत्पादों की वैश्विक पहचान बढ़ाने और राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए राज्य को एक अग्रणी औद्योगिक राज्य बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

आगे की राह

इन घोषणाओं के साथ राजस्थान सरकार का लक्ष्य राज्य को निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी MSME क्षेत्र को मज़बूत करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कई योजनाएँ चला रही है। नई औद्योगिक नीति और RIPS-2024 के प्रोत्साहनों के क्रियान्वयन पर उद्योग जगत की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की गति होगी — राज्य में पहले भी ऐसी औद्योगिक नीतियाँ आई हैं जो ज़मीन पर उतरने में वर्षों ले गईं। RIPS-2024 के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर प्रोत्साहन तभी सार्थक होंगे जब राज्य में कुशल मानव संसाधन और आपूर्ति श्रृंखला का आधार भी तैयार हो। भूमि आवंटन की समय-सीमा घटाना सकारात्मक है, पर 23 क्षेत्रों में सुधार के दावों का स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है। 33 लाख MSME के साथ चौथा स्थान बनाए रखने के लिए नीतियों को केवल घोषणा नहीं, निरंतर निगरानी और जवाबदेही की ज़रूरत है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान MSME दिवस पर मुख्यमंत्री ने क्या-क्या घोषणाएँ कीं?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 27 जून 2026 को राजस्थान औद्योगिक विकास नीति का शुभारंभ, RIPS-2024 के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स व सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए नए प्रोत्साहन, 25 स्टार्टअप्स को वेंचर कैपिटल फंड सहायता और कारीगरों-बुनकरों के लिए हाटों के विकास की घोषणा की। साथ ही ₹13 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता और RIICO भूमि आवंटन पत्र वितरित किए गए।
राजस्थान में कितने MSME उद्यम हैं और देश में इसकी क्या स्थिति है?
राजस्थान में 33 लाख से अधिक MSME उद्यम पंजीकृत हैं, जिससे यह देश का चौथा सबसे बड़ा MSME केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य की उद्योग-समर्थक नीतियों और उद्यमियों के नवाचार ने इस स्थान को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राजस्थान में व्यापार सुगमता के लिए क्या सुधार किए गए हैं?
राज्य सरकार ने 23 प्रमुख क्षेत्रों में सुधार लागू किए हैं। शहरी क्षेत्रों में भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति का समय 60 दिन से घटाकर 30 दिन और औद्योगिक संचालन शुरू करने की अनुमति की समय-सीमा 120 दिन से घटाकर 30 दिन की गई है।
प्रत्यक्ष आवंटन नीति-2025 के तहत राजस्थान में कितने भूखंड आवंटित हुए?
प्रत्यक्ष आवंटन नीति-2025 के तहत पिछले वर्ष राजस्थान भर में 1,600 से अधिक औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए हैं। इसका उद्देश्य उद्योगों को समय पर भूमि उपलब्ध कराना और निवेश में आने वाली देरी को कम करना है।
राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड से किसे फायदा होगा?
राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड के माध्यम से 25 चयनित स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह पहल युवा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और राज्य में नवाचार-आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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