8 अगस्त 2026
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राजस्थान में येलो अलर्ट: भरतपुर में 8 अगस्त को स्कूल बंद, 30-40 किमी/घंटा तेज हवाओं की चेतावनी

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राजस्थान में येलो अलर्ट: भरतपुर में 8 अगस्त को स्कूल बंद, 30-40 किमी/घंटा तेज हवाओं की चेतावनी

सारांश

मानसून की मार से पूर्वी राजस्थान बेहाल — भरतपुर में येलो अलर्ट के बाद जिला प्रशासन ने 8 अगस्त को सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद किए। 30-40 किमी/घंटा की तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी के बीच धौलपुर, करौली, दौसा समेत 6 जिले प्रभावित हैं।

मुख्य बातें

जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने 8 अगस्त को भरतपुर सहित पूर्वी राजस्थान के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया।
30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी, अगले तीन घंटों के लिए प्रभावी।
जिला कलेक्टर कमर चौधरी के आदेश पर भरतपुर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक छुट्टी घोषित।
सभी आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद; शिक्षण एवं अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य।
प्रभावित जिलों में धौलपुर , करौली , दौसा , अलवर , कोटपुतली-बेहरोर और डीग शामिल।

राजस्थान के कई जिलों में 8 अगस्त 2026 को भारी बारिश और आंधी-तूफान के चलते जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने येलो अलर्ट जारी किया है। भरतपुर जिले में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छात्रों की छुट्टी घोषित कर दी।

मौसम विभाग की चेतावनी और प्रभावित क्षेत्र

जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार, यह चेतावनी अगले तीन घंटों के लिए प्रभावी है। पूर्वी राजस्थान के कई जिले इस मौसमी प्रकोप की चपेट में हैं, जिनमें धौलपुर, करौली, दौसा, अलवर, कोटपुतली-बेहरोर और डीग शामिल हैं। लगातार बारिश से इन इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित होने की स्थिति बनी हुई है।

भरतपुर में स्कूल और आंगनवाड़ी बंद

जिला कलेक्टर कमर चौधरी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 8 अगस्त को प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के सभी छात्रों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्र भी इस दिन बंद रहेंगे। हालांकि, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के शिक्षण एवं अन्य कर्मचारियों को निर्धारित समय पर उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है।

प्रशासन का एहतियाती कदम

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय भारी बारिश, आंधी-तूफान, जलभराव और कठिन यात्रा परिस्थितियों से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती उपाय के रूप में लिया गया है। सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों को इस आदेश का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

अभिभावकों से अपील

प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अपने बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न भेजें और अधिकारियों द्वारा जारी सभी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में मानसून का मौसम अपने चरम पर है और पूर्वी जिले लगातार भारी वर्षा की चपेट में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि मानसून के हर मौसम में ऐसी आपात घोषणाएं क्यों करनी पड़ती हैं — जबकि स्थायी जल-निकासी बुनियादी ढाँचे में सुधार एक दीर्घकालिक समाधान हो सकता है। पूर्वी राजस्थान के जिले हर साल जलभराव और यातायात अवरोध की समस्या झेलते हैं, फिर भी नगरीय और ग्रामीण जल-निकासी व्यवस्था पर ठोस निवेश की कमी बनी रहती है। येलो अलर्ट जारी करना और स्कूल बंद करना तात्कालिक राहत देता है, पर असली जवाबदेही तब होगी जब प्रशासन बाढ़-प्रवण इलाकों में स्थायी समाधान सुनिश्चित करे।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरतपुर में 8 अगस्त को स्कूल क्यों बंद किए गए?
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी येलो अलर्ट और भारी बारिश-आंधी की चेतावनी के मद्देनजर जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने 8 अगस्त को भरतपुर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छात्रों की छुट्टी घोषित की। जलभराव और कठिन यात्रा परिस्थितियों से बच्चों की सुरक्षा इसका मुख्य कारण बताया गया।
राजस्थान में येलो अलर्ट किन जिलों के लिए जारी हुआ?
पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर, करौली, दौसा, अलवर, कोटपुतली-बेहरोर और डीग जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का पूर्वानुमान है।
भरतपुर में स्कूल बंदी का आदेश किस पर लागू होता है?
यह अवकाश प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के सभी छात्रों और आंगनवाड़ी लाभार्थियों पर लागू है। हालांकि, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों को निर्धारित समय पर उपस्थित रहना अनिवार्य है।
येलो अलर्ट कितने समय के लिए प्रभावी है?
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी यह चेतावनी अगले तीन घंटों के लिए प्रभावी बताई गई है। मौसम की स्थिति के अनुसार इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
अभिभावकों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान बच्चों को अनावश्यक रूप से बाहर न भेजें और अधिकारियों द्वारा जारी सभी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें।
राष्ट्र प्रेस
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