बिहार में 5,000 'पुलिस दीदी' होंगी तैनात, होमगार्ड भत्ता ₹1,121 तक बढ़ाया: सीएम सम्राट चौधरी
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 18 जून 2026 को पटना के गांधी मैदान में आयोजित बिहार गृह रक्षा वाहिनी के पारण परेड समारोह में ऐलान किया कि राज्य के विद्यालयों और कॉलेजों के आसपास 5,000 'पुलिस दीदी' स्कूटी व मोटरसाइकिल पर तैनात की जाएंगी, ताकि छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके। नवनामांकित गृह रक्षकों के इस समारोह में मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली और राज्य में कानून-व्यवस्था से किसी भी कीमत पर समझौता न करने का संकल्प दोहराया।
पारण परेड समारोह का आयोजन
गांधी मैदान, पटना में गुरुवार को आयोजित इस समारोह में नवप्रशिक्षित गृह रक्षकों ने अनुशासन, कौशल और साहसिक करतबों का प्रदर्शन किया। बिहार गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाओं की महानिदेशक-सह-महादेष्टा शोभा ओहटकर ने नवनामांकित जवानों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। प्रशिक्षित महिला एवं पुरुष कमांडो दल ने भी विशेष कौशल का प्रदर्शन किया।
होमगार्ड जवानों की चुनावी भूमिका
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में करीब 1.10 लाख होमगार्ड जवानों ने अपनी जिम्मेदारियाँ सफलतापूर्वक निभाईं, जिसके चलते कहीं भी पुनर्मतदान की नौबत नहीं आई। इसी तरह वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में लगभग 44,000 होमगार्ड जवानों ने शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई। यह आँकड़े होमगार्ड बल की बढ़ती परिचालन प्रासंगिकता को रेखांकित करते हैं।
दैनिक भत्ते में बड़ी बढ़ोतरी
सीएम चौधरी ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने 3 सितंबर 2025 से होमगार्ड जवानों का दैनिक भत्ता ₹774 से बढ़ाकर ₹1,121 कर दिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के कल्याण के प्रति सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और भविष्य में भी उनके हित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
'पुलिस दीदी' योजना और महिला सुरक्षा
महिलाओं की सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 5,000 स्कूटी व मोटरसाइकिल पर सवार 'पुलिस दीदी' विद्यालयों और कॉलेजों के आसपास गश्त करेंगी। यह पहल विशेष रूप से उन क्षेत्रों में लागू होगी जहाँ छात्राओं की आवाजाही अधिक है। सीएम ने स्पष्ट किया कि बिहार में अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है।
प्रशिक्षण और आगे की राह
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार स्पेशल आर्म्ड फोर्स की तर्ज पर होमगार्ड जवानों को भी उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसका लाभ उन्हें पूरे सेवाकाल में मिलेगा। उन्होंने नवप्रशिक्षित जवानों से राष्ट्रसेवा, अनुशासन और जनसेवा की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। गौरतलब है कि यह पहल बिहार गृह रक्षा वाहिनी को एक पेशेवर और आधुनिक बल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।