रेजीनगर विकास के लिए सीधे केंद्र से बात करेंगे हुमायूं कबीर, स्थानीय राजनीति से रहेंगे दूर
सारांश
मुख्य बातें
आम जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष एवं विधायक हुमायूं कबीर ने 2 अक्टूबर 2026 को मुर्शिदाबाद में रेजीनगर के विकास, प्रस्तावित हवाई अड्डे के परिसर में स्थित मस्जिद हटाने के विवाद और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की राजनीतिक स्थिति पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्थानीय राजनीतिक खींचतान में उलझने के बजाय सीधे नई दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से संवाद करना पसंद करेंगे।
रेजीनगर विकास: केंद्र से सीधी बातचीत की रणनीति
कबीर ने कहा कि यदि संबंधित आठ विधानसभा क्षेत्रों को मॉडल निर्वाचन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए, तो यह स्थानीय जनता के हित में होगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वे केंद्रीय मंत्रियों और नितिन नवीन से भी मुलाकात करेंगे।
उनका तर्क है कि स्थानीय स्तर पर समीक बाबू और संबंधित पक्षों के बीच लगातार मतभेद और टकराव की स्थिति बनी हुई है। कबीर के अनुसार, इस आंतरिक खींचतान में शामिल होने के बजाय केंद्र तक सीधी पहुँच बनाना विकास के लिहाज से अधिक कारगर होगा।
हवाई अड्डा परिसर में मस्जिद विवाद
प्रस्तावित हवाई अड्डे के परिसर में स्थित मस्जिद हटाने के मुद्दे पर कबीर ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र और पश्चिम बंगाल दोनों जगह भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार होने के चलते उन्हें आशंका है कि मस्जिद को हटाने की कोशिश की जा रही है।
उनके अनुसार, 'सरकार की मंशा मस्जिद को हटाने की है और यह प्रक्रिया आज नहीं तो कल आगे बढ़ सकती है।' कबीर ने कहा कि अंतरिम आदेश के ज़रिये इस कार्रवाई को रोका जा सकता था, किंतु अधिकारियों का रुख मस्जिद हटाने के फैसले पर दृढ़ दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कानून सरकार बनाती है और अंततः प्रशासन को सरकारी निर्देशों का पालन करना होता है।
अधीर रंजन चौधरी और कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी पर अधिक टिप्पणी करने से परहेज करते हुए कबीर ने कहा कि चौधरी 1998 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के गठन के बाद से लगातार ममता बनर्जी का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चौधरी अतीत में राहुल गांधी के खिलाफ बयान दे चुके हैं और सोनिया गांधी से भी संपर्क कर चुके हैं।
कबीर के अनुसार, ममता बनर्जी की पार्टी पश्चिम बंगाल में लंबे समय से सत्ता में है, जबकि 2026 के विधानसभा चुनाव नज़दीक आते देख कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति कमज़ोर पड़ती जा रही है और पार्टी अपनी दिशा को लेकर संघर्षरत है।
आगे क्या होगा
कबीर ने संकेत दिया है कि रेजीनगर और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए वे केंद्रीय स्तर पर सक्रिय रूप से पहल करेंगे। मस्जिद विवाद पर उनका रुख कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर निगरानी जारी रखने का है। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि क्या उनकी केंद्र से सीधी बातचीत की रणनीति मुर्शिदाबाद के विकास में ठोस परिणाम दे पाती है।