हैदराबाद: ₹10 के छुट्टे पर विवाद, ऑटो चालक मोहम्मद मुकर्रम की पीट-पीटकर हत्या
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के राजेंद्रनगर थाना क्षेत्र के वट्टापल्ली इलाके में रविवार, 21 सितंबर 2026 की शाम महज ₹10 के छुट्टे को लेकर हुए विवाद में 42 वर्षीय ऑटो-रिक्शा चालक मोहम्मद मुकर्रम की कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी गई। गंभीर रूप से घायल मुकर्रम को अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
घटनाक्रम: कैसे बढ़ा विवाद
पुलिस के प्रारंभिक बयान के अनुसार, आरोपियों ने ऑटो किराए के लिए ₹200 का नोट दिया था, लेकिन ₹10 के बाकी पैसे वापस करने को लेकर बहस छिड़ गई। स्थानीय विधायक मोहम्मद मुबीन ने मीडिया को बताया, 'विवाद छुट्टे पैसे को लेकर शुरू हुआ था। पहले गाली-गलौच की गई और फिर ऑटो-रिक्शा चालक को उसकी बच्ची के सामने बेरहमी से पीटा गया।'
यह घटना मुकर्रम की छोटी बच्ची की आँखों के सामने हुई, जो घटना की भयावहता को और अधिक गंभीर बनाती है। मृतक उसी वट्टापल्ली इलाके के निवासी थे।
आरोपियों की पहचान
विधायक मुबीन ने आरोपियों में अज़ीम, शोएब और उनके साथियों का नाम लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी इलाके में हिस्ट्रीशीटर के रूप में जाने जाते हैं और वट्टापल्ली में लंबे समय से आतंक फैला रहे हैं। पुलिस इन नामों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और माँगें
घटना की सूचना मिलते ही ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के स्थानीय विधायक मोहम्मद मुबीन मौके पर पहुँचे और अस्पताल जाकर मृतक के परिजनों से मिले। उन्होंने तेलंगाना सरकार और पुलिस से माँग की कि दोषियों के खिलाफ जाँच पूरी कर सख्त कार्रवाई की जाए।
विधायक ने यह भी कहा कि पिछले एक महीने में उसी सड़क पर यह दूसरी हत्या है, जो पुलिस गश्त की कमी को उजागर करती है। उन्होंने अधिकारियों से हैदराबाद में बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया।
आम जनता पर असर और सुरक्षा सवाल
गौरतलब है कि वट्टापल्ली क्षेत्र में एक महीने के भीतर दो हत्याओं की घटनाएँ स्थानीय नागरिकों में गहरी बेचैनी पैदा कर रही हैं। ऑटो-रिक्शा चालक, जो शहर की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ हैं, अक्सर किराए और छुट्टे पैसे को लेकर विवादों का सामना करते हैं — परंतु इस तरह की हिंसक परिणति दुर्लभ और चिंताजनक है।
पुलिस ने पुष्टि की है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि प्रशासन वट्टापल्ली में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।