नेपाल PM बालेन्द्र शाह ने मोदी की सराहना की, रासुवा-भोटेकोशी बाढ़ राहत पर भारत का जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने 5 नवंबर 2026 को काठमांडू में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री से शिष्टाचार मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एकजुटता की सराहना की और रासुवा-भोटेकोशी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत द्वारा भेजी गई तत्काल राहत सामग्री व बचाव दलों के लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मुलाकात का मुख्य घटनाक्रम
नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री शाह ने बाढ़ राहत अभियान में भारत की त्वरित और व्यापक प्रतिक्रिया की विशेष तौर पर सराहना की। साथ ही उन्होंने खेल विकास के क्षेत्र में भारत-नेपाल सहयोग की संभावनाओं पर भी जानकारी ली।
विदेश सचिव मिस्री ने प्रधानमंत्री शाह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएँ दीं और उनकी आगामी भारत यात्रा की तैयारियों से अवगत कराया। इस यात्रा के दौरान संभावित परिणामों और नई पहलों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
ऊर्जा, व्यापार और संपर्क पर प्रगति
विदेश सचिव मिस्री ने ऊर्जा, जल संसाधन, व्यापार, पारगमन तथा विमानन क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि अयोध्या-जनकपुर रेल सेवा का ट्रायल रन 5 नवंबर को सफलतापूर्वक किया गया — जो दोनों देशों के बीच भौतिक संपर्क की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
दोनों पक्षों ने व्यापार एवं वाणिज्य, जलविद्युत, भौतिक संपर्क, सीमा प्रबंधन और जन-जन के बीच संपर्क जैसे परंपरागत क्षेत्रों में बढ़ती साझेदारी पर संतोष जताया। गौरतलब है कि स्टार्टअप, डिजिटल कनेक्टिविटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और खेल जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।
नेपाली नेतृत्व से व्यापक बैठकें
इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले, विदेश मंत्री शिशिर खनाल, ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री बिराज भक्त श्रेष्ठ और बुनियादी ढाँचा विकास मंत्री सुनील लम्साल से अलग-अलग मुलाकातें कीं।
बुधवार को दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी हुई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में जारी सहयोग की समीक्षा की गई। मिस्री ने भारत-नेपाल संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं पर्यटन संबंधी संसदीय समिति के सांसदों से भी बातचीत की।
रासुवा-भोटेकोशी बाढ़ के बाद भारत की भूमिका
विदेश मंत्रालय (MEA) के बयान के अनुसार, नेपाली नेतृत्व ने विभिन्न बैठकों में रासुवा-भोटेकोशी बाढ़ के बाद भारत की ओर से दी गई त्वरित मानवीय एवं तकनीकी सहायता के लिए विशेष आभार जताया। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहरा करने की कोशिशें तेज हुई हैं।
दोनों देशों ने भारत-नेपाल द्विपक्षीय साझेदारी को सभी क्षेत्रों में सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि मिस्री की यह यात्रा दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा का अभिन्न हिस्सा है।
आगे क्या
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की भारत यात्रा की तैयारियाँ अब तेज होने की उम्मीद है। इस यात्रा के दौरान ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और व्यापार समेत कई क्षेत्रों में नई पहलों और समझौतों पर हस्ताक्षर संभव हैं, जो भारत-नेपाल संबंधों को एक नई दिशा दे सकते हैं।