संसद में PM मोदी की मौजूदगी में SIR और वोट चोरी पर बहस हो: सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 5 नवंबर 2026 को लखनऊ में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए माँग की कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR), कथित वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश को हटाने के मुद्दे पर खुली बहस हो। मेहरोत्रा ने कहा कि यह बहस पूरे देश के सामने हो, ताकि चुनावी प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों का स्पष्ट जवाब मिल सके।
बहस की माँग और विपक्ष का रुख
गृह मंत्री अमित शाह द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी को वोट चोरी के मुद्दे पर संसद में चर्चा की चुनौती दिए जाने के बाद मेहरोत्रा ने स्पष्ट किया कि विपक्ष बहस से पीछे नहीं हट रहा। उन्होंने कहा कि विपक्ष की एकमात्र शर्त यह है कि प्रधानमंत्री भी इस चर्चा में शामिल हों। SIR, वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।
जाँच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करना कांग्रेस की प्रवृत्ति बताया था, सपा विधायक ने पलटवार किया। मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग का इस्तेमाल राजनीतिक और व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए कर रही है। उनका कहना था कि जब सरकार इन संस्थाओं का दुरुपयोग करेगी, तो विपक्ष उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाएगा और उठाता रहेगा।
इंडिया गठबंधन की रणनीति
राहुल गांधी के आवास पर होने वाली विपक्षी बैठक का हवाला देते हुए मेहरोत्रा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की माँग को लेकर देशभर में आंदोलन चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पूरी ताकत से इस आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। इंडिया गठबंधन की बैठक में आगामी देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
आजम खान और अन्य कानूनी मामले
सपा नेता आजम खान की ED मामले में जमानत याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय के रुख को लेकर मेहरोत्रा ने कहा कि अदालत ने मामले को उच्च न्यायालय में ले जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि उच्च न्यायालय से आजम खान को पूरा न्याय मिलेगा। दिल्ली दंगों से जुड़े बड़े षड्यंत्र मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं पर मेहरोत्रा ने कहा कि मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है और सभी पक्षों को अदालत के निर्णय का सम्मान करना चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस कार्यालय छापेमारी और दिल्ली युवा आंदोलन
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यालय पर छापेमारी और वहाँ से कथित तौर पर ₹1.2 करोड़ नकद बरामद होने की खबर पर मेहरोत्रा ने भाजपा सरकार पर जाँच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप दोहराया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता को मुख्य मुद्दों से भटकाना चाहती है और विपक्षी नेताओं पर मुकदमे व दबाव बनाकर डर का माहौल तैयार किया जा रहा है। दिल्ली में युवाओं के आंदोलन पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि यह सब सरकार के इशारे पर हो रहा है।
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद ऐसे समय में उभरा है जब चुनाव आयोग की स्वायत्तता और मतदाता सूची में कथित हेराफेरी के मुद्दे पर विपक्ष का सुर तेज होता जा रहा है। आने वाले दिनों में इंडिया गठबंधन के दलों की संयुक्त रणनीति और संसद सत्र में इन मुद्दों की गूँज पर सबकी निगाहें रहेंगी।