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शिवसेना का सूखा राहत अभियान: महाराष्ट्र के किसानों को 7.69 लाख राशन किट, दीपावली तक पहुँचेगी मदद

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शिवसेना का सूखा राहत अभियान: महाराष्ट्र के किसानों को 7.69 लाख राशन किट, दीपावली तक पहुँचेगी मदद

सारांश

1972 के बाद सबसे भीषण सूखे की मार झेल रहे महाराष्ट्र में शिवसेना ने 7.69 लाख राशन किट, 25,000 सिलाई मशीनें और 25,000 साइकिलों के साथ राहत का व्यापक जाल बिछाया है — और वादा किया है कि यह मदद अगले मानसून तक जारी रहेगी।

मुख्य बातें

शिवसेना ने महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसानों को 7.69 लाख राशन किट बाँटने का अभियान शुरू किया; 5 नवंबर 2026 तक 5 लाख से अधिक किट वितरित।
अभियान 278 तालुकों में फैला है — मराठवाड़ा ( 1,77,000 परिवार), नासिक ( 1,35,000 ), पुणे ( 82,000 ), अमरावती ( 77,500 ), नागपुर ( 66,000 )।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश पर दशहरे के दिन ठाणे से 60 ट्रक और मुंबई से 40 ट्रक रवाना हुए।
किसान परिवारों की महिलाओं को 25,000 सिलाई मशीनें और बेटियों को 25,000 साइकिलें भी दी गई हैं।
सूखा प्रभावित क्षेत्रों में शिवसेना की शाखाएँ 'किसान सेवा केंद्र' बनेंगी; सहायता अगले मानसून तक जारी रहने का वादा।
दिसंबर 2026 के बाद सूखा प्रभावित किसान परिवारों की बेटियों के लिए सामूहिक विवाह समारोहों की योजना।

शिवसेना ने महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसान परिवारों की दीपावली को सहारा देने के लिए राज्यव्यापी राहत अभियान छेड़ा है, जिसके तहत 7.69 लाख राशन किट वितरित की जा रही हैं। 5 नवंबर 2026 तक 5 लाख से अधिक किट लाभार्थियों तक पहुँच चुकी हैं, और शेष किट अगले दो दिनों में बाँटी जाएंगी। यह अभियान मराठवाड़ा, नासिक, पुणे, अमरावती और नागपुर संभाग सहित 278 तालुकों में फैला है।

अभियान का विस्तार और कवरेज

बालासाहेब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिवसेना प्रवक्ता और पूर्व सांसद आनंद परांजपे ने बताया कि महाराष्ट्र के 358 तालुकों में से 304 तालुकों में राज्य सरकार ने सूखा घोषित किया है। शिवसेना ने इनमें से 278 तालुकों में अपनी राहत पहुँचाई है।

संभाग-वार वितरण के अनुसार: मराठवाड़ा में 1,77,000 परिवार, नासिक संभाग में 1,35,000, पुणे संभाग में 82,000, अमरावती संभाग में 77,500 और नागपुर संभाग में 66,000 परिवारों को कवर किया गया है। इसके अलावा गन्ना काटने वाले मज़दूरों को 10,000 किट दी गई हैं, कोंकण में वितरण अंतिम चरण में है, और डॉक्टर सेल के माध्यम से 5,000 अतिरिक्त किट भी दी जाएंगी।

शिंदे का वादा और दशहरे से शुरुआत

परांजपे ने बताया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दशहरा रैली में वादा किया था कि किसानों की दीपावली 'अंधेरी' नहीं होगी। उसी वादे को पूरा करते हुए दशहरे के दिन ठाणे से राशन किट से भरे 60 ट्रक और मुंबई से 40 ट्रक रवाना किए गए। शिंदे ने पार्टी के सभी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों को किसानों के साथ दीपावली मनाने का निर्देश दिया है। अगले तीन दिनों तक पार्टी प्रतिनिधि किसानों के खेतों और गाँवों में जाकर उनसे मिलेंगे।

यह ऐसे समय में आया है जब परांजपे के अनुसार महाराष्ट्र 1972 के बाद के सबसे भीषण सूखे का सामना कर रहा है — यह राज्य के कृषि संकट की गहराई को रेखांकित करता है।

राहत से परे: महिलाएँ, बेटियाँ और 'किसान सेवा केंद्र'

राहत अभियान केवल राशन किट तक सीमित नहीं है। किसान परिवारों की महिलाओं को 25,000 सिलाई मशीनें और बेटियों को 25,000 साइकिलें दी गई हैं। शिवसेना दिसंबर 2026 के बाद सूखा प्रभावित क्षेत्रों में सामूहिक विवाह समारोहों का भी आयोजन करेगी, ताकि परिवारों पर शादी के खर्च का बोझ कम हो। इच्छुक परिवार अपने जिला प्रमुखों के पास पंजीकरण करा सकते हैं।

परांजपे ने घोषणा की कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों में शिवसेना की शाखाएँ 'किसान सेवा केंद्र' के रूप में काम करेंगी। ये केंद्र किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, मनरेगा पंजीकरण, फसल नुकसान के आकलन और पंचनामा से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने में मदद करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सहायता 'केवल दीपावली तक नहीं, बल्कि अगले मानसून तक' जारी रहेगी।

केंद्र से समन्वय और राजनीतिक संदर्भ

परांजपे ने बताया कि सितंबर 2026 में शिंदे ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर प्रभावित किसानों के लिए केंद्रीय सहायता की माँग की थी। इसके बाद केंद्र सरकार की टीमों ने महाराष्ट्र का दौरा कर सूखे की स्थिति का जायजा लिया। गौरतलब है कि काशी में 'संस्कृति संसद 2026' में शिंदे को 'सनातन मार्तंड' और 'धर्मध्वजाधारक' की उपाधियों से सम्मानित किए जाने का भी परांजपे ने उल्लेख किया।

एनसीपी विधायकों की शिकायतों पर परांजपे ने कहा कि शिंदे महायुति के 232 विधायकों के साथ विपक्षी विधायकों के कार्यों में भी मदद करते हैं। ठाणे के पूर्णकर हत्याकांड पर उन्होंने विपक्ष पर परिवार को राजनीतिक मोहरा बनाने का आरोप लगाया, और बताया कि शिवसेना सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल दिशा सालियन मामले को लेकर सीबीआई निदेशक से मिलेगा।

आगे क्या

दीपावली के बाद भी किसान सेवा केंद्र सक्रिय रहेंगे और अगले मानसून तक सहायता जारी रखने का दावा किया गया है। सामूहिक विवाह समारोहों का आयोजन दिसंबर 2026 के बाद होगा। शेष राशन किट अगले दो दिनों में वितरित की जाएंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

सिलाई मशीनें और साइकिलें — शिवसेना का यह अभियान सहानुभूति की राजनीति और ज़मीनी ज़रूरत, दोनों को एक साथ साधने की कोशिश है। लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि 304 सूखाग्रस्त तालुकों में राज्य सरकार की संस्थागत राहत की गति और पैमाने का कोई स्पष्ट विवरण अभी सामने नहीं आया है — पार्टी की पहल उस शून्य को भरती दिखती है। दिसंबर में सामूहिक विवाह और मनरेगा पंजीकरण जैसी दीर्घकालिक प्रतिबद्धताएँ उत्साहजनक हैं, पर इनकी जवाबदेही का ढाँचा अभी अस्पष्ट है। असली कसौटी यह होगी कि किसान सेवा केंद्र चुनावी मौसम के बाद भी सक्रिय रहते हैं या नहीं।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवसेना के सूखा राहत अभियान में क्या-क्या दिया जा रहा है?
शिवसेना महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसान परिवारों को 7.69 लाख राशन किट बाँट रही है। इसके अलावा परिवार की महिलाओं को 25,000 सिलाई मशीनें और बेटियों को 25,000 साइकिलें दी गई हैं। दिसंबर 2026 के बाद सामूहिक विवाह समारोहों की भी योजना है।
महाराष्ट्र में कितने तालुकों में सूखा घोषित है?
राज्य सरकार ने महाराष्ट्र के 358 तालुकों में से 304 तालुकों में सूखा घोषित किया है। शिवसेना के अनुसार यह 1972 के बाद का सबसे भीषण सूखा है। शिवसेना ने इनमें से 278 तालुकों में अपनी राहत पहल पहुँचाई है।
राशन किट का वितरण किन संभागों में हुआ है?
वितरण मराठवाड़ा (1,77,000 परिवार), नासिक संभाग (1,35,000), पुणे संभाग (82,000), अमरावती संभाग (77,500) और नागपुर संभाग (66,000) में किया गया है। गन्ना काटने वाले मज़दूरों को 10,000 अतिरिक्त किट दी गई हैं और कोंकण में वितरण अंतिम चरण में है।
'किसान सेवा केंद्र' क्या है और इससे किसानों को क्या मदद मिलेगी?
शिवसेना की सूखा प्रभावित क्षेत्रों में स्थित पार्टी शाखाएँ 'किसान सेवा केंद्र' के रूप में काम करेंगी। ये केंद्र किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, मनरेगा पंजीकरण, फसल नुकसान के आकलन और पंचनामा से जुड़ी समस्याएँ सुलझाने में मदद करेंगे। पार्टी का कहना है कि यह सहायता अगले मानसून तक जारी रहेगी।
केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सूखे के संदर्भ में क्या कदम उठाए हैं?
शिवसेना प्रवक्ता आनंद परांजपे के अनुसार, सितंबर 2026 में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर प्रभावित किसानों के लिए केंद्रीय सहायता की माँग की थी। इसके बाद केंद्र सरकार की टीमों ने महाराष्ट्र का दौरा कर सूखे की स्थिति का जायजा लिया।
राष्ट्र प्रेस
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