5 नवंबर 2026
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स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निरीक्षण किया, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं पर दिया जोर

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स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निरीक्षण किया, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं पर दिया जोर

सारांश

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने नई दिल्ली के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निरीक्षण कर बाल आभा आईडी और NQAS प्रमाणन के निर्देश दिए। उसी दिन केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने एम्स अवंतिपोरा का दौरा कर मार्च 2027 तक निर्माण पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया।

मुख्य बातें

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने 5 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निरीक्षण किया।
दौरे में 12 आवश्यक लैब जाँचों की उपलब्धता और एनसीडी स्क्रीनिंग की सराहना की गई।
बच्चों के लिए बाल आभा आईडी और NQAS प्रमाणन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।
केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने एम्स अवंतिपोरा के निर्माण की समीक्षा की; सभी प्रमुख भवन निर्मित।
नड्डा ने शेष निर्माण कार्य मार्च 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने 5 नवंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का दौरा कर व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं सुविधाओं की गुणवत्ता का विस्तृत जायजा लिया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता मानकों को और पुख्ता करने के निर्देश भी दिए।

निरीक्षण में क्या देखा गया

दौरे के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की प्रभावी जाँच-प्रक्रिया, 12 आवश्यक लैब जाँचों की उपलब्धता और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं पर दिए जा रहे विशेष ध्यान की सराहना की। उन्होंने समग्र स्वास्थ्य देखभाल के प्रति स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिबद्धता और लोगों तक सुलभ, जन-केंद्रित सेवाएँ पहुँचाने में उनकी भूमिका को भी रेखांकित किया।

डिजिटल स्वास्थ्य और गुणवत्ता मानकों पर जोर

श्रीवास्तव ने बच्चों के लिए बाल आभा आईडी बनाने के माध्यम से डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने पर विशेष बल दिया। साथ ही उन्होंने साप्ताहिक योग और वेलनेस सत्र आयोजित करने तथा शहरी उप-स्वास्थ्य केंद्रों के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इस पहल के तहत निवारक स्वास्थ्य देखभाल, शुरुआती जाँच, आवश्यक डायग्नोस्टिक सेवाएँ और वेलनेस सुविधाएँ नागरिकों के घरों के निकट उपलब्ध कराई जा रही हैं।

एम्स अवंतिपोरा की प्रगति समीक्षा

इसी दिन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने जम्मू-कश्मीर के अवंतिपोरा स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), अवंतिपोरा के निर्माण कार्य और संस्थान के शीघ्र संचालित किए जाने की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बुनियादी ढाँचे के विकास, चिकित्सा उपकरणों और फर्नीचर की खरीद, संकाय सदस्यों एवं अन्य कर्मचारियों की भर्ती तथा चिकित्सा व शैक्षणिक गतिविधियाँ आरंभ करने की तैयारियों का आकलन किया।

समीक्षा बैठक में बताया गया कि एम्स अवंतिपोरा का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और सभी प्रमुख भवन निर्मित कर लिए गए हैं। नड्डा ने स्थल की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और अन्य बाधाओं के बावजूद परियोजना को आगे बढ़ाने में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) तथा सभी संबंधित एजेंसियों के समर्पित प्रयासों की सराहना की।

मार्च 2027 की समयसीमा तय

नड्डा ने एम्स अवंतिपोरा को प्राथमिकता वाली परियोजना घोषित करते हुए संबंधित एजेंसियों को शेष निर्माण कार्य मार्च 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए। यह संस्थान जम्मू-कश्मीर में उच्च-स्तरीय चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

गौरतलब है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के सुदृढ़ीकरण और एम्स अवंतिपोरा जैसी परियोजनाओं की प्रगति, दोनों ही केंद्र सरकार की 'स्वास्थ्य सेवाएँ सबके द्वार' की व्यापक नीति के अंग हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जमीनी स्तर पर 12 लैब जाँचों और एनसीडी स्क्रीनिंग की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त जनशक्ति और बजट आवंटन है या नहीं। NQAS प्रमाणन की दिशा में कदम सराहनीय है, परंतु शहरी उप-स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफिंग की पुरानी समस्या इस लक्ष्य की राह में बाधा बन सकती है। एम्स अवंतिपोरा के लिए मार्च 2027 की समयसीमा महत्त्वाकांक्षी है, विशेषकर तब जब दुर्गम भूगोल पहले से ही देरी का कारण रहा है। इन दोनों पहलों की सफलता घोषणाओं से नहीं, बल्कि क्रियान्वयन की निरंतर निगरानी से मापी जाएगी।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयुष्मान आरोग्य मंदिर क्या हैं?
आयुष्मान आरोग्य मंदिर भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, जो नागरिकों को उनके घरों के निकट निवारक स्वास्थ्य देखभाल, एनसीडी जाँच, डायग्नोस्टिक और वेलनेस सेवाएँ उपलब्ध कराते हैं। इनका लक्ष्य सुलभ और जन-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करना है।
बाल आभा आईडी क्या है और इसका क्या महत्त्व है?
बाल आभा आईडी बच्चों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य पहचान है, जो उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखती है और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच को सरल बनाती है। स्वास्थ्य सचिव ने 5 नवंबर 2026 के दौरे में इसे आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बड़े पैमाने पर लागू करने के निर्देश दिए।
एम्स अवंतिपोरा कब तक संचालित होगा?
केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने संबंधित एजेंसियों को एम्स अवंतिपोरा का शेष निर्माण कार्य मार्च 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। समीक्षा के दौरान बताया गया कि सभी प्रमुख भवन निर्मित हो चुके हैं और निर्माण कार्य लगभग पूर्ण है।
NQAS प्रमाणन से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणन से शहरी उप-स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाओं की गुणवत्ता का स्तर तय होता है, जिससे नागरिकों को मानकीकृत और भरोसेमंद स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलती हैं। स्वास्थ्य सचिव ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के लिए इस प्रक्रिया को तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।
एम्स अवंतिपोरा का निर्माण किसने किया है?
एम्स अवंतिपोरा का निर्माण केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) और संबंधित एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री नड्डा ने दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद परियोजना को आगे बढ़ाने में इन एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की।
राष्ट्र प्रेस
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