जेपी नड्डा ने आरएमएल अस्पताल का दौरा किया, 2025 में 19.4 लाख मरीजों की संख्या और डिजिटल स्वास्थ्य पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान (एबीवीआईएमएस) और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल अस्पताल) का निरीक्षण किया। इस समीक्षा यात्रा में मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता, विशेष चिकित्सा सेवाओं और बुनियादी ढाँचे के विस्तार पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया। वर्ष 2025 में आरएमएल अस्पताल में 19.4 लाख से अधिक बाह्य रोगी (आउटपेशेंट) विजिट दर्ज की गईं, जो संस्थान की बढ़ती माँग को रेखांकित करती हैं।
समीक्षा में उठाए गए प्रमुख बिंदु
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि बड़े स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे की योजना बनाते समय प्रमुख संस्थानों की विशेषज्ञता और सर्वोत्तम कार्यप्रणाली का लाभ उठाना अनिवार्य है। उन्होंने अस्पताल की क्लिनिकल सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान गतिविधियों और गुणवत्ता सुधार पहलों पर एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी ली।
प्रेजेंटेशन में बताया गया कि वर्ष 2025 में अस्पताल में 19.4 लाख आउटपेशेंट विजिट, 82,500 से अधिक इनपेशेंट एडमिशन और 96,600 से अधिक सर्जरी व अन्य प्रक्रियाएँ संपन्न हुईं। वर्तमान में संस्थान में 30 क्लिनिकल और मरीज-देखभाल विभाग तथा 8 प्री-क्लिनिकल और पैरा-क्लिनिकल विभाग संचालित हैं।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को मज़बूत करने का निर्देश
नड्डा ने आरएमएल अस्पताल में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) को और प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने एबीडीएम के नियमों का कड़ाई से पालन करने, ई-प्रिस्क्रिप्शन को व्यापक स्तर पर अपनाने और अन्य डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत करने पर बल दिया, ताकि मरीजों की देखभाल और सेवा वितरण में उल्लेखनीय सुधार आ सके।
गौरतलब है कि एबीडीएम केंद्र सरकार की डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना का मूल स्तंभ है, जिसका उद्देश्य देशभर के अस्पतालों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को एकीकृत डिजिटल प्रणाली से जोड़ना है। बड़े केंद्रीय अस्पतालों में इसकी सफल तैनाती राष्ट्रीय स्वास्थ्य डेटा पारिस्थितिकी तंत्र के लिए मिसाल बन सकती है।
मानसिक स्वास्थ्य और 'प्रोजेक्ट सारथी' पर ज़ोर
मंत्री ने छात्रों और फैकल्टी सदस्यों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर भी विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि तनाव का शैक्षणिक और पेशेवर जीवन पर किस तरह असर पड़ता है और इसके लिए आपसी सहयोगपूर्ण संबंधों, खुली बातचीत और निरंतर मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने की ज़रूरत है।
नड्डा ने संस्थान में 'प्रोजेक्ट सारथी' को लागू करने के लिए भी प्रोत्साहित किया और इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया। आरएमएल अस्पताल पहले से ही छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य जाँच और फैकल्टी सदस्यों के लिए नियमित स्वास्थ्य जाँच आयोजित करता है।
स्वच्छता और रिकॉर्ड प्रबंधन पर निर्देश
मंत्री ने 'विशेष अभियान 6' के अंतर्गत अस्पताल द्वारा की गई गतिविधियों की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वच्छता को संस्थागत बनाने, लंबित कार्यों को कम करने और रिकॉर्ड प्रबंधन को अधिक कुशल बनाने पर बल दिया। नड्डा ने स्पष्ट किया कि एक स्वच्छ, स्वास्थ्यकर और मरीज-अनुकूल वातावरण बनाए रखना किसी भी स्वास्थ्य संस्थान की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
आगे की दिशा
यह निरीक्षण यात्रा ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार देशभर के प्रमुख केंद्रीय अस्पतालों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण पर तेज़ी से ध्यान दे रही है। नड्डा की यह समीक्षा संकेत देती है कि आरएमएल अस्पताल को राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना में एक मॉडल संस्थान के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।