5 नवंबर 2026
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अमित शाह की चुनौती पर उदित राज का पलटवार: 'संसद में राहुल गांधी का माइक बंद कर देते हैं'

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अमित शाह की चुनौती पर उदित राज का पलटवार: 'संसद में राहुल गांधी का माइक बंद कर देते हैं'

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह की बहस-चुनौती पर कांग्रेस नेता उदित राज ने सीधा जवाब दिया — संसद में माइक बंद होता है, अमेरिकी राष्ट्रपति बहस का हवाला दिया, और भाजपा के अपने वरिष्ठ नेताओं की 'उपेक्षा' गिनाई। यह टकराव आने वाले संसद सत्र में और गहरा हो सकता है।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता उदित राज ने 5 नवंबर 2026 को गृह मंत्री अमित शाह की बहस-चुनौती पर तीखा पलटवार किया।
उदित राज का आरोप — संसद में राहुल गांधी का माइक बंद कर दिया जाता है, स्पीकर विपक्ष को बोलने नहीं देते।
सरकार पर 2 करोड़ रोज़गार , किसान आय दोगुनी करने और काला धन वापसी जैसे वादे न पूरे करने का आरोप लगाया।
लाल कृष्ण आडवाणी , मुरली मनोहर जोशी , सुमित्रा महाजन सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को 75 वर्ष की आयु-सीमा से किनारे करने का उल्लेख किया।
उदित राज ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं — देश चलाने की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री मोदी की है।

कांग्रेस नेता उदित राज ने 5 नवंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उस चुनौती पर तीखा पलटवार किया, जिसमें शाह ने वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संसद में बहस के लिए ललकारा था। उदित राज ने कहा कि जब संसद में ही विपक्ष का माइक बंद कर दिया जाता है, तो बहस की बात करना बेमानी है। उन्होंने भाजपा पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि अगर बहस नहीं कर सकते, तो हार मानकर सत्ता छोड़ दें।

संसद बनाम खुली बहस का सवाल

उदित राज ने कहा, 'संसद से बाहर भी एक दुनिया है। अमेरिका का लोकतंत्र करीब ढाई से तीन सौ साल पुराना है, जिसे सबसे परिपक्व लोकतंत्र माना जाता है और वहाँ राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार आमने-सामने बैठकर बहस करते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थी रहे हैं जहाँ छात्रसंघ चुनाव में भी अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के बीच सार्वजनिक बहस होती थी।

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष संसद सत्रों में बार-बार 'माइक बंद' और 'निलंबन' जैसी कार्यवाहियों पर सवाल उठाता रहा है। गौरतलब है कि पिछले कई सत्रों में राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों के माइक बंद करने और उन्हें निलंबित करने के आरोप लगते रहे हैं।

सरकार पर वादों को लेकर सवाल

उदित राज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास बहस में देने के लिए कोई जवाब नहीं है। उन्होंने पूछा कि क्या 2 करोड़ रोज़गार दिए गए? क्या किसानों की आय दोगुनी हुई? क्या सबको घर मिल गया? क्या काला धन विदेश से वापस आया? उनका कहना था कि रुपये के मुकाबले डॉलर लगातार मज़बूत होता गया और रुपया गिरता गया, ऐसे में बहस में सरकार बोलेगी क्या।

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का हवाला

कांग्रेस नेता ने भाजपा के अपने वरिष्ठ नेताओं की 'दुर्दशा' का उल्लेख करते हुए पार्टी पर तंज कसा। उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, शांता कुमार और डॉ. हर्षवर्धन का नाम लेते हुए कहा कि 75 वर्ष की आयु का नियम बनाकर पार्टी ने अपने ही वरिष्ठजनों को किनारे कर दिया। उनका कहना था कि पहले अपने गिरेबान में झाँककर देखिए।

राहुल गांधी की भूमिका पर स्पष्टीकरण

उदित राज ने साफ़ कहा कि राहुल गांधी इस वक्त देश नहीं चला रहे हैं — वे विपक्ष के नेता हैं। देश चलाने की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री मोदी की है। उनका तर्क था कि जो सरकार में हैं, उन्हें जवाब देना चाहिए, न कि विपक्ष को कटघरे में खड़ा करना चाहिए।

आगे क्या

वोट चोरी के मुद्दे और संसद में बहस की माँग को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव आने वाले सत्र में और तेज़ होने की संभावना है। कांग्रेस की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब पार्टी चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बड़े पैमाने पर जनमत बनाने की कोशिश कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। वोट चोरी की बहस तब तक सतह पर रहेगी जब तक चुनाव आयोग कोई ठोस स्पष्टीकरण नहीं देता — और दोनों पक्ष इसी खालीपन को अपने-अपने तरीके से भरते रहेंगे।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदित राज ने अमित शाह की चुनौती पर क्या कहा?
कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि जब संसद में राहुल गांधी का माइक ही बंद कर दिया जाता है, तो बहस की बात करना बेमानी है। उन्होंने भाजपा को सुझाया कि अगर बहस नहीं कर सकते तो हार मानकर सत्ता छोड़ दें।
अमित शाह ने राहुल गांधी को क्या चुनौती दी थी?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वोट चोरी के मुद्दे पर राहुल गांधी को संसद में बहस की चुनौती दी थी। इसी चुनौती के जवाब में कांग्रेस नेता उदित राज ने पलटवार किया।
उदित राज ने भाजपा के किन वरिष्ठ नेताओं का ज़िक्र किया?
उदित राज ने लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, सुमित्रा महाजन, शांता कुमार, एम. वेंकैया नायडू और डॉ. हर्षवर्धन का नाम लिया। उनका कहना था कि 75 वर्ष की आयु-सीमा का नियम बनाकर भाजपा ने अपने ही वरिष्ठ नेताओं को किनारे कर दिया।
उदित राज ने राहुल गांधी की भूमिका को लेकर क्या स्पष्ट किया?
उदित राज ने कहा कि राहुल गांधी अभी विपक्ष के नेता हैं, प्रधानमंत्री नहीं। देश चलाने की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री मोदी की है, इसलिए सवाल उन्हीं से पूछे जाने चाहिए।
कांग्रेस ने सरकार के किन वादों पर सवाल उठाए?
उदित राज ने 2 करोड़ रोज़गार, किसानों की आय दोगुनी करना, सबको घर देना, काला धन वापस लाना और रुपये को मज़बूत करने जैसे वादों का हवाला दिया। उनका तर्क था कि ये वादे पूरे न होने के कारण सरकार के पास बहस में देने के लिए कोई ठोस जवाब नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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