राहुल गांधी संसद में नहीं टिकते, बाहर चुनौती देते हैं: केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने 4 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी वास्तविक संसद सत्र के दौरान सदन में टिक नहीं पाते और बाहर जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्षी दल संसद की कार्यवाही में बार-बार व्यवधान पैदा करते हैं।
राहुल गांधी की बहस की चुनौती पर पलटवार
राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को खुली बहस की चुनौती देने के सवाल पर बीएल वर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने पहले ही 'कांग्रेस की अपनी संसद' बनाकर वहाँ आपस में चर्चा और बहस की है। उनके अनुसार, जब असली संसद का सत्र चलता है तब विपक्ष के नेता सदन छोड़कर चले जाते हैं।
वर्मा ने आरोप लगाया, 'जब वास्तव में संसद का सत्र चलता है, तब राहुल गांधी सदन में टिक नहीं पाते।' उन्होंने कहा कि देश की जनता ने भी विपक्ष के इस रवैये को देखा और समझा है।
असम के बहुविवाह फैसले पर टिप्पणी से इनकार
असम मंत्रिमंडल के उस फैसले पर, जिसके तहत बहुविवाह में शामिल पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त करने और भविष्य में किसी भी सरकारी नौकरी के लिए स्थायी रूप से अयोग्य घोषित करने का प्रावधान किया गया है, वर्मा ने कोई सीधी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, 'अलग-अलग प्रदेशों की अलग-अलग चीजें रहती हैं। हो सकता है कि उन्होंने अपने विचार से यह फैसला किया होगा। लेकिन इस मामले में मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लेती है।
सीआरपीएफ की ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) द्वारा लगातार 12 महीनों तक शून्य ऑपरेशनल कैजुअल्टी का रिकॉर्ड बनाए जाने पर वर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि मोदी सरकार में ही यह संभव हो पाया है।
वर्मा ने कहा, 'मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि इस तरह का रिकॉर्ड आगे भी बने। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री के नेतृत्व में जिस तरह सेना और सुरक्षा बलों के लिए काम हो रहा है, वह सराहनीय है।' उन्होंने CRPF के जवानों और अधिकारियों को उनकी रणनीति के लिए बधाई दी।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र और विपक्ष के बीच संसदीय कार्यवाही को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) लगातार सरकार पर संसद में बहस से बचने का आरोप लगाती रही है, जबकि सत्तारूढ़ दल विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाता है। बीएल वर्मा के ये बयान इसी चल रही राजनीतिक बहस का हिस्सा हैं।
आने वाले दिनों में देखना होगा कि राहुल गांधी और कांग्रेस इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या संसद के अगले सत्र में दोनों पक्षों के बीच सदन के भीतर बहस का माहौल बन पाता है।