30 अक्टूबर 2026
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स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एम्स दिल्ली में स्वच्छता अभियान-6 की समीक्षा की, 897 क्षमता वाले वेटिंग लाउंज का निरीक्षण

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स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एम्स दिल्ली में स्वच्छता अभियान-6 की समीक्षा की, 897 क्षमता वाले वेटिंग लाउंज का निरीक्षण

सारांश

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एम्स दिल्ली में विशेष अभियान-6 की समीक्षा की और BEL द्वारा निर्मित 897 क्षमता वाले नए वेटिंग लाउंज का निरीक्षण किया। संस्थान ने ऊर्जा बचत में ₹1.98 करोड़ की बचत और 40 मुफ्त EV शटल सेवाएँ भी शुरू की हैं।

मुख्य बातें

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 29 अक्टूबर 2026 को एम्स, नई दिल्ली में विशेष अभियान-6 के तहत स्वच्छता कार्यों की समीक्षा की।
BEL, गाजियाबाद द्वारा CSR पहल के तहत निर्मित नए पेशेंट वेटिंग लाउंज का क्षेत्रफल 2,970 वर्ग मीटर और क्षमता 897 व्यक्ति है।
एम्स में 11 अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र हैं; प्रतिदिन 19.6 लाख लीटर उपचारित जल बागवानी में पुनः उपयोग।
जनवरी–अक्टूबर 2025 के बीच बिजली बचत में ₹1.98 करोड़ की कमी; खपत में 10.5% की गिरावट।
मरीजों के लिए परिसर में 40 मुफ्त EV शटल और 30 EV चार्जिंग स्टेशन संचालित।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 29 अक्टूबर 2026 को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली का दौरा कर विशेष अभियान-6 के अंतर्गत संस्थान में संचालित स्वच्छता, सफाई और अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों का जायजा लिया। इस दौरे में उन्होंने एम्स ट्रॉमा सेंटर एक्सटेंशन कैंपस में बने नवनिर्मित पेशेंट वेटिंग लाउंज का भी निरीक्षण किया, जिसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), गाजियाबाद ने अपनी कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत विकसित किया है।

विशेष अभियान-6 के तहत एम्स की पहलें

नड्डा को एम्स द्वारा स्वच्छता अभियान के तहत उठाए गए विभिन्न कदमों की विस्तृत जानकारी दी गई। संस्थान ने इमरजेंसी और ओपीडी शौचालयों में समर्पित सफाईकर्मी तैनात किए हैं, प्रत्येक दिन के अंत में ओपीडी की विशेष सफाई सुनिश्चित की जाती है तथा नियमित गहन सफाई (गैंग वॉशिंग) कराई जाती है। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण, समय पर वेतन भुगतान और सफाई सामग्री व मशीनों की निरंतर निगरानी भी की जा रही है।

गौरतलब है कि विशेष अभियान-6 केंद्र सरकार के मंत्रालयों और सार्वजनिक संस्थानों में स्वच्छता को एक स्थायी कार्य-संस्कृति के रूप में स्थापित करने की व्यापक पहल का हिस्सा है।

जल एवं ऊर्जा संरक्षण में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ

एम्स ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सराहनीय कार्य किए हैं। संस्थान परिसर में 11 अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र संचालित हैं, जिनसे प्रतिदिन लगभग 19.6 लाख लीटर उपचारित जल बागवानी कार्यों में पुनः उपयोग किया जा रहा है। ऊर्जा बचत उपायों के फलस्वरूप बिजली की खपत में 7.68 लाख किलोवाट घंटा की कमी दर्ज हुई है, जो लगभग 10.5 प्रतिशत की बचत है।

जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच बिजली खर्च में करीब ₹1.98 करोड़ की बचत हुई। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब देश के बड़े सरकारी अस्पताल ऊर्जा लागत के बोझ से जूझ रहे हैं।

सतत परिवहन और हरित बुनियादी ढाँचा

एम्स परिसर में मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए 40 मुफ्त इलेक्ट्रिक वाहन शटल सेवाएँ संचालित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त 30 ईवी चार्जिंग स्टेशन और चार स्थानों पर 114 समर्पित पावर पॉइंट स्थापित किए गए हैं, जिनकी निगरानी स्मार्ट सिस्टम के माध्यम से की जाती है।

मरीजों के लिए 'आश्रय' वेटिंग लाउंज

BEL, गाजियाबाद द्वारा CSR पहल के तहत निर्मित नए पेशेंट वेटिंग लाउंज का कुल निर्मित क्षेत्रफल 2,970 वर्ग मीटर है और इसमें एक साथ 897 लोगों के बैठने की क्षमता है। भवन में प्राथमिक और द्वितीयक प्रतीक्षा कक्ष, प्रवेश व निकास द्वार, रैंप और शौचालय सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।

इस सुविधा का उपयोग आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित, सम्मानजनक तथा मौसम से संरक्षित अस्थायी आवास उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा। वर्तमान में एम्स 'आश्रय' कार्यक्रम के तहत 24 घंटे मानवीय सहायता केंद्र संचालित करता है, जो विशेष रूप से दिल्ली के बाहर से आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए राहत का स्रोत है।

सफाई कर्मचारियों की सराहना और आगे की राह

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दौरे के दौरान संस्थान के सफाई कर्मचारियों से सीधे संवाद किया और अस्पताल परिसर को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने में उनकी भूमिका की प्रशंसा की। नड्डा ने कहा कि 'स्वच्छ और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने में फ्रंटलाइन सफाईकर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।'

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, विशेष अभियान-6 के माध्यम से स्वच्छता को एक स्थायी कार्य-संस्कृति के रूप में विकसित करने, बेहतर प्रबंधन अपनाने और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को प्रोत्साहित करने पर निरंतर जोर दिया जा रहा है। आने वाले समय में इस अभियान के परिणामों की समीक्षा और विस्तार की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समग्र रोगी-अनुभव स्थल के रूप में देखने लगी है। हालाँकि ऊर्जा बचत और EV शटल जैसे आँकड़े प्रभावशाली हैं, असली कसौटी यह होगी कि ये उपाय दीर्घकालिक रूप से बनाए जा सकते हैं या नहीं — खासकर तब जब सफाई कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति और पर्याप्त बजट का सवाल अभी भी अनुत्तरित है। 'आश्रय' लाउंज जैसी सुविधाएँ जरूरी हैं, लेकिन मुख्यधारा की रिपोर्टिंग यह नहीं पूछती कि देश के अन्य एम्स और सरकारी अस्पतालों में ऐसी व्यवस्थाएँ कब तक पहुँचेंगी।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशेष अभियान-6 क्या है और एम्स दिल्ली में इसके तहत क्या हुआ?
विशेष अभियान-6 केंद्र सरकार की वह पहल है जिसके तहत सरकारी मंत्रालयों और सार्वजनिक संस्थानों में स्वच्छता को स्थायी कार्य-संस्कृति बनाया जा रहा है। एम्स दिल्ली में इस अभियान के तहत गहन सफाई, अपशिष्ट प्रबंधन, सफाई कर्मचारियों के प्रशिक्षण और परिसर रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया गया है।
एम्स दिल्ली में BEL द्वारा निर्मित नया वेटिंग लाउंज किसके लिए है?
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, गाजियाबाद ने CSR पहल के तहत एम्स ट्रॉमा सेंटर एक्सटेंशन कैंपस में 2,970 वर्ग मीटर का यह लाउंज बनाया है, जिसमें एक साथ 897 लोग बैठ सकते हैं। इसका उपयोग आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित व मौसम से संरक्षित अस्थायी आवास देने के लिए किया जाएगा।
एम्स ने ऊर्जा और जल संरक्षण में कितनी बचत की है?
एम्स ने जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच बिजली खर्च में लगभग ₹1.98 करोड़ की बचत की, जो 10.5 प्रतिशत की कमी है। इसके अलावा 11 अपशिष्ट जल शोधन संयंत्रों से प्रतिदिन 19.6 लाख लीटर उपचारित पानी बागवानी में पुनः उपयोग किया जा रहा है।
एम्स परिसर में मरीजों के लिए EV शटल सेवा क्या है?
एम्स परिसर में मरीजों और उनके परिजनों के लिए 40 मुफ्त इलेक्ट्रिक वाहन शटल सेवाएँ संचालित की जा रही हैं। परिसर में 30 EV चार्जिंग स्टेशन और चार स्थानों पर 114 समर्पित पावर पॉइंट भी स्थापित हैं।
'आश्रय' कार्यक्रम से मरीजों को क्या सुविधा मिलती है?
एम्स का 'आश्रय' कार्यक्रम 24 घंटे मानवीय सहायता केंद्र के रूप में संचालित होता है, जो विशेष रूप से दिल्ली के बाहर से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को सुविधाएँ देता है। नवनिर्मित वेटिंग लाउंज इसी 'आश्रय' पहल के विस्तार के रूप में काम करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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