वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने अर्जन सिंह हॉकी टूर्नामेंट विजेताओं व 'समुद्र प्रदक्षिणा' महिला दल को दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में दो ऐतिहासिक उपलब्धियों के नायकों से मुलाकात की — मार्शल ऑफ द एयर फोर्स अर्जन सिंह मेमोरियल हॉकी टूर्नामेंट 2026 के सातवें संस्करण की विजेता वायुसेना हॉकी टीम और ऐतिहासिक 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान को पूर्ण करने वाली नौ सदस्यीय महिला अधिकारी दल। दोनों अवसरों पर उन्होंने खिलाड़ियों और अधिकारियों की उत्कृष्ट उपलब्धियों की सराहना की।
हॉकी टीम से मुलाकात और सराहना
एयर चीफ मार्शल सिंह ने वायुसेना की हॉकी टीम से मिलकर उन्हें टूर्नामेंट में विजय के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन तालमेल, अनुशासन और खेल भावना का परिचय दिया। वायुसेना प्रमुख ने यह भी कहा कि यह जीत भारतीय वायुसेना के लिए गर्व का विषय है और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, समर्पण तथा पेशेवर दृष्टिकोण का परिणाम है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वायुसेना की हॉकी टीम आने वाले वर्षों में भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सफलता का सिलसिला जारी रखेगी और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
अर्जन सिंह मेमोरियल टूर्नामेंट का महत्व
मार्शल ऑफ द एयर फोर्स अर्जन सिंह मेमोरियल हॉकी टूर्नामेंट भारत के पहले और अब तक के एकमात्र मार्शल ऑफ द एयर फोर्स अर्जन सिंह की स्मृति में आयोजित किया जाता है। यह प्रतियोगिता सशस्त्र बलों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, प्रतिभाओं को निखारने और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण मंच मानी जाती है। इस वर्ष यह टूर्नामेंट अपने सातवें संस्करण में आयोजित हुआ।
'समुद्र प्रदक्षिणा' — ऐतिहासिक महिला नौकायन अभियान
वायुसेना प्रमुख ने इसी दिन 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान की नौ सदस्यीय महिला दल से भी मुलाकात की। इस दल में भारतीय वायुसेना की चार, भारतीय सेना की चार और भारतीय नौसेना की एक अधिकारी शामिल थीं। तीनों सेनाओं की इन महिला अधिकारियों ने आईएएसवी त्रिवेणी की सहायता से यह अभियान एक ध्वज तले पूर्ण किया।
इस संयुक्त दल ने 314 दिनों में लगभग 25,500 समुद्री मील की यात्रा पूरी करते हुए चार महासागरों का सफलतापूर्वक चक्कर लगाया। कठिन समुद्री परिस्थितियों, बदलते मौसम और लंबी अवधि की चुनौतियों के बावजूद दल ने पूरे अभियान को बिना किसी व्यवधान के पूरा किया। यह अभियान 22 जुलाई 2026 को पूर्ण हुआ, जिसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस दल को संबोधित किया था।
वायुसेना प्रमुख का संदेश
एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने 'समुद्र प्रदक्षिणा' की उपलब्धि को देश के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि इस दल ने साहस, धैर्य, अनुशासन और उत्कृष्ट पेशेवर क्षमता का परिचय दिया है। उनके अनुसार, इस अभियान ने न केवल भारत का सम्मान बढ़ाया है, बल्कि तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और संयुक्त कार्य संस्कृति की उत्कृष्ट मिसाल भी पेश की है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय सशस्त्र बल महिला अधिकारियों की भूमिका को लगातार विस्तारित कर रहे हैं — और 'समुद्र प्रदक्षिणा' इस दिशा में एक निर्णायक अध्याय बन गया है।