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विश्व पर्यावरण दिवस पर IIT रुड़की में 500+ छात्रों का साइक्लोथॉन, प्रो. कमल किशोर पंत ने किया सामूहिक संकल्प का आह्वान

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विश्व पर्यावरण दिवस पर IIT रुड़की में 500+ छात्रों का साइक्लोथॉन, प्रो. कमल किशोर पंत ने किया सामूहिक संकल्प का आह्वान

सारांश

विश्व पर्यावरण दिवस पर IIT रुड़की में 'सेव फ्यूल' थीम साइक्लोथॉन में 500 से अधिक छात्र शामिल हुए और 100 पौधे रोपे गए। निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि यह दिन सामूहिक संकल्प को मजबूत करने का अवसर है — एक दिन की रस्म नहीं।

मुख्य बातें

5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर IIT रुड़की में 'सेव फ्यूल' थीम पर साइक्लोथॉन आयोजित हुआ।
500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने इस साइक्लोथॉन में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान 100 से अधिक पौधों का रोपण किया गया।
आयोजन गंगेय फाउंडेशन और IIT रुड़की स्पोर्ट्स काउंसिल के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
कमल किशोर पंत ने PM मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का उल्लेख करते हुए पौधारोपण का आह्वान किया।

5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की में गंगेय फाउंडेशन और IIT रुड़की स्पोर्ट्स काउंसिल के संयुक्त तत्वावधान में 'सेव फ्यूल' थीम पर एक भव्य साइक्लोथॉन का आयोजन किया गया, जिसमें संस्थान के 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ईंधन संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली के प्रति युवाओं में जागरूकता फैलाना था।

निदेशक का संदेश: सिर्फ एक दिन नहीं, सतत संकल्प

IIT रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने गंगेय फाउंडेशन और IIT रुड़की स्पोर्ट्स काउंसिल की इस पहल की सराहना की।

प्रो. पंत ने कहा, 'ऐसे आयोजन युवाओं को सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'बढ़ता कार्बन उत्सर्जन, जल संकट और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए हर व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।'

साइक्लोथॉन का उद्देश्य और संदेश

निदेशक ने स्पष्ट किया कि बढ़ता वायु प्रदूषण, ऊर्जा संकट और जीवाश्म ईंधनों पर अत्यधिक निर्भरता आज गंभीर चुनौती बन चुकी है। उनके अनुसार, 'साइकिल जैसे पर्यावरण-अनुकूल साधनों को अपनाकर हम प्रदूषण कम कर सकते हैं और स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं।'

प्रो. पंत ने यह भी कहा कि यदि दैनिक जीवन में साइकिल के उपयोग को बढ़ाया जाए और जीवाश्म ईंधनों की खपत घटाई जाए, तो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा संसाधनों की बचत भी संभव होगी, जिससे देश सतत विकास की राह पर और तेज़ी से आगे बढ़ सकेगा।

पौधारोपण और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान

कार्यक्रम के दौरान 100 से अधिक पौधों का रोपण भी किया गया। प्रो. पंत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का उल्लेख करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का आह्वान किया।

गंगेय फाउंडेशन की भूमिका

गंगेय फाउंडेशन के संस्थापक गिरिजांश गोपालन के प्रयासों की सराहना करते हुए निदेशक ने कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

युवाओं पर असर और आगे की राह

यह आयोजन युवा पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हुआ। छात्रों ने साइक्लोथॉन के माध्यम से हरित जीवनशैली का संदेश पूरे परिसर में फैलाया। यह पहल आने वाले वर्षों में इस तरह के आयोजनों को और व्यापक बनाने की नींव रख सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये एक-दिवसीय आयोजन दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन में बदलते हैं। देश के प्रीमियर तकनीकी संस्थानों में पर्यावरण जागरूकता के आयोजन तो होते हैं, पर उनके परिसर में ही वाहन उत्सर्जन और ऊर्जा खपत के आँकड़े शायद ही सार्वजनिक होते हैं। गंगेय फाउंडेशन जैसी संस्थाओं की भागीदारी स्वागतयोग्य है, पर इन पहलों को मापने योग्य लक्ष्यों से जोड़ा जाना चाहिए। संकल्प और संदेश से आगे — क्रिया और जवाबदेही की ज़रूरत है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IIT रुड़की में विश्व पर्यावरण दिवस पर क्या आयोजन हुआ?
5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर IIT रुड़की में गंगेय फाउंडेशन और IIT रुड़की स्पोर्ट्स काउंसिल के संयुक्त तत्वावधान में 'सेव फ्यूल' थीम पर साइक्लोथॉन आयोजित हुआ। इसमें 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और 100 से अधिक पौधे रोपे गए।
प्रो. कमल किशोर पंत ने विश्व पर्यावरण दिवस पर क्या कहा?
IIT रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक दिन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने साइकिल जैसे पर्यावरण-अनुकूल साधनों को अपनाने और जीवाश्म ईंधन की खपत घटाने का आह्वान किया।
'सेव फ्यूल' साइक्लोथॉन का उद्देश्य क्या था?
साइक्लोथॉन का उद्देश्य ईंधन संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली के प्रति युवाओं में जागरूकता फैलाना था। वायु प्रदूषण और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता जैसी समस्याओं के व्यावहारिक समाधान के रूप में साइकिल उपयोग को प्रोत्साहित किया गया।
गंगेय फाउंडेशन की इस आयोजन में क्या भूमिका रही?
गंगेय फाउंडेशन के संस्थापक गिरिजांश गोपालन के नेतृत्व में यह आयोजन IIT रुड़की स्पोर्ट्स काउंसिल के साथ संयुक्त रूप से किया गया। निदेशक प्रो. पंत ने गोपालन के पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता के क्षेत्र में प्रयासों की सराहना की।
PM मोदी के किस अभियान का उल्लेख इस कार्यक्रम में हुआ?
प्रो. कमल किशोर पंत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का उल्लेख किया और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने व उनका संरक्षण करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में 100 से अधिक पौधों का रोपण भी इसी भावना के तहत किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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