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गर्मी और लू से राहत दिलाएगा इमली पना: जानें फायदे, सामग्री और बनाने का तरीका

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गर्मी और लू से राहत दिलाएगा इमली पना: जानें फायदे, सामग्री और बनाने का तरीका

सारांश

जब तापमान 45 डिग्री पार करे और लू का खतरा हो, तो राजस्थान का पुराना नुस्खा — इमली पना — आधुनिक एनर्जी ड्रिंक से कहीं आगे है। इमली, गुड़, पुदीना और काले नमक का यह संयोजन शरीर को हाइड्रेट रखता है, इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई करता है और पाचन भी दुरुस्त रखता है।

मुख्य बातें

इमली पना राजस्थान का पारंपरिक गर्मियों का पेय है, जो लू और डिहाइड्रेशन से बचाने में कारगर माना जाता है।
इसमें इमली, गुड़, काला नमक, भुना जीरा, काली मिर्च और पुदीना का उपयोग होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, काला नमक और इमली शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई करते हैं।
आयुर्वेद में इसे शरीर का तापमान संतुलित रखने वाला पेय माना गया है।
यह पेय थकान, कमज़ोरी और पाचन की समस्याओं में भी सहायक बताया जाता है।

भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में आए भारत में इमली पना एक बार फिर लोगों की पहली पसंद बन रहा है — यह पारंपरिक देसी पेय न केवल तुरंत ठंडक देता है, बल्कि डिहाइड्रेशन और लू से बचाने में भी कारगर माना जाता है। राजस्थान में सदियों से गर्मियों के मौसम में तैयार किया जाने वाला यह पेय अब देशभर में लोकप्रिय हो रहा है।

इमली पना क्यों है गर्मियों का असली साथी

आयुर्वेद में इमली पना को शरीर का तापमान संतुलित रखने वाला पेय माना गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इमली में मौजूद प्राकृतिक पोषक तत्व शरीर को ठंडक पहुँचाते हैं और पानी की कमी नहीं होने देते। गर्मियों में लगातार पसीना निकलने से शरीर में पानी और ज़रूरी मिनरल्स की कमी होने लगती है — ऐसे में यह पेय शरीर को हाइड्रेट रखने में अहम भूमिका निभाता है।

सामग्री के फायदे: हर घटक का अपना काम

इमली पना में इस्तेमाल होने वाली हर सामग्री का अपना स्वास्थ्य लाभ है। काला नमक और भुना जीरा पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं, जबकि पुदीना शरीर को तत्काल ताजगी देता है। गुड़ या मिश्री ऊर्जा का प्राकृतिक स्रोत है, जो थकान और कमज़ोरी को दूर करता है। काली मिर्च पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करती है।

घर पर बनाएं इमली पना: आसान विधि

इमली पना बनाना बेहद सरल है। सबसे पहले दो बड़े चम्मच इमली को गर्म पानी में कुछ देर भिगोएँ ताकि वह नरम हो जाए। इसके बाद इमली को मसलकर उसका रस अलग कर लें। अब इसमें गुड़ या मिश्री, काला नमक, भुना जीरा पाउडर और काली मिर्च पाउडर मिलाएँ। स्वाद और ठंडक के लिए ठंडा पानी और बर्फ डालें। अंत में ताज़ी पुदीने की पत्तियाँ डालकर परोसें।

लू और डिहाइड्रेशन से बचाव में कितना असरदार

गर्मी में शरीर से निकलने वाले पसीने के साथ सोडियम, पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स भी बाहर चले जाते हैं। इमली पना में मौजूद काला नमक और इमली के प्राकृतिक अम्ल इन इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई करने में सहायक माने जाते हैं। यह पेय थकान को कम करता है और शरीर को ऊर्जावान बनाए रखता है।

परंपरा और विज्ञान का संगम

राजस्थान में इमली पना वर्षों से गर्मियों की पहचान रहा है — यह महज एक पेय नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चला आ रहा घरेलू स्वास्थ्य नुस्खा है। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक हो जाता है जब देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा रहा है और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को पारंपरिक कूलिंग ड्रिंक्स अपनाने की सलाह दे रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि इनके दावों के पीछे नैदानिक शोध सीमित है। आयुर्वेदिक परंपरा और अनुभव-आधारित ज्ञान का मूल्य है, पर इसे चिकित्सकीय सलाह का स्थान नहीं दिया जाना चाहिए — खासकर बुज़ुर्गों और बच्चों के मामले में।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमली पना क्या है और यह कहाँ से आया?
इमली पना राजस्थान का एक पारंपरिक गर्मियों का पेय है, जो इमली, गुड़, पुदीना, काला नमक और मसालों से बनाया जाता है। यह सदियों से गर्मी और लू से बचाव के लिए घरों में तैयार किया जाता रहा है।
इमली पना लू से कैसे बचाता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, इमली में मौजूद प्राकृतिक अम्ल और काले नमक में सोडियम शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई करते हैं, जो पसीने के साथ निकल जाते हैं। यह शरीर को हाइड्रेट रखता है और तापमान को संतुलित करने में सहायक माना जाता है।
इमली पना घर पर कैसे बनाएँ?
दो बड़े चम्मच इमली को गर्म पानी में भिगोएँ, मसलकर रस निकालें। इसमें गुड़ या मिश्री, काला नमक, भुना जीरा पाउडर और काली मिर्च पाउडर मिलाएँ। ठंडा पानी, बर्फ और ताज़ी पुदीने की पत्तियाँ डालकर परोसें।
इमली पना पीने के क्या स्वास्थ्य लाभ हैं?
इमली पना डिहाइड्रेशन रोकता है, पाचन सुधारता है और थकान-कमज़ोरी दूर करता है। इसमें मौजूद गुड़ तत्काल ऊर्जा देता है, पुदीना ताजगी और काला नमक इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखता है।
क्या इमली पना सभी उम्र के लोगों के लिए सुरक्षित है?
सामान्यतः इमली पना अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है, लेकिन अधिक अम्लीय होने के कारण एसिडिटी या पेट की समस्या वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। बुज़ुर्गों, बच्चों या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को डॉक्टर की सलाह लेना उचित रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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