16 सितंबर 2026
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मक्का के पास हूती ड्रोन हमले पर भारत की कड़ी चिंता, विदेश मंत्रालय ने की निंदा

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मक्का के पास हूती ड्रोन हमले पर भारत की कड़ी चिंता, विदेश मंत्रालय ने की निंदा

सारांश

सऊदी अरब के पवित्र नगर मक्का के पास हूती ड्रोन हमले पर भारत ने कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे विशेष रूप से चिंताजनक बताया क्योंकि यह 2017 के बाद मक्का को निशाना बनाने का दूसरा प्रयास है। भारत ने क्षेत्र में शीघ्र शांति बहाली की अपील की है।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 16 सितंबर 2026 को मक्का के पास हूती ड्रोन हमले पर भारत की 'गहरी चिंता' व्यक्त की।
सऊदी अरब की रॉयल एयर डिफेंस फोर्स ने मंगलवार शाम लगभग 6:50 बजे मक्का के दक्षिणी क्षेत्र में ड्रोन इंटरसेप्ट कर नष्ट किया।
गठबंधन प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने बताया कि यह मक्का को निशाना बनाने का दूसरा प्रयास है — पहला 27 जुलाई 2017 को बैलिस्टिक मिसाइल से था।
भारत ने सऊदी अरब की संप्रभुता पर हमलों और नागरिकों को खतरे में डालने वाली हर कार्रवाई की कड़ी निंदा की।
गठबंधन ने दो पवित्र मस्जिदों और उमराह यात्रियों की सुरक्षा को 'रेड लाइन' घोषित किया।

भारत के विदेश मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को सऊदी अरब के पवित्र नगर मक्का के निकट हुए हूती ड्रोन हमले पर गहरी चिंता व्यक्त की और क्षेत्र में शीघ्र शांति एवं स्थिरता बहाल होने की उम्मीद जताई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग में जारी लिखित बयान में स्पष्ट किया कि मक्का की धार्मिक पवित्रता को देखते हुए यह घटना विशेष रूप से चिंताजनक है।

भारत का आधिकारिक बयान

जायसवाल ने कहा, 'मक्का के पास हुए ड्रोन हमले पर हमें गहरी चिंता है। भारत सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हमलों और नागरिकों के जीवन तथा बुनियादी ढाँचे को खतरे में डालने वाली हर कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है। मक्का के पास हुई यह घटना विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इस शहर का अत्यंत पवित्र महत्व है।' उन्होंने जोड़ा कि भारत को उम्मीद है कि क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता लौटेगी।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला

बताया गया है कि मंगलवार शाम लगभग 6:50 बजे यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा दागे गए एक ड्रोन ने मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास किया। सऊदी अरब की रॉयल एयर डिफेंस फोर्स ने इसे मक्का के दक्षिणी क्षेत्र में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। यह जानकारी यमन में वैध सरकार की बहाली के लिए गठित गठबंधन के आधिकारिक प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने दी।

यह दूसरा प्रयास, ऐतिहासिक संदर्भ

अल-मालिकी ने बताया कि मक्का को निशाना बनाने की यह दूसरी कोशिश है। इससे पहले 27 जुलाई 2017 को हूतियों ने बैलिस्टिक मिसाइल से भी ऐसा प्रयास किया था। उन्होंने इस हमले को 'आतंकी और शर्मनाक कृत्य' बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य दुनिया भर के करोड़ों मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को भड़काना और उमराह यात्रियों में दहशत फैलाना था।

गठबंधन की चेतावनी

अल-मालिकी ने स्पष्ट किया कि दो पवित्र मस्जिदों और उमराह यात्रियों की सुरक्षा 'रेड लाइन' है। उन्होंने कहा कि गठबंधन बल हूती मिलिशिया की ऐसी किसी भी गतिविधि के खिलाफ आवश्यक और कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब यमन संघर्ष कई वर्षों से जारी है और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएँ बढ़ रही हैं।

भारत के लिए क्यों अहम है यह मुद्दा

भारत में 20 करोड़ से अधिक मुस्लिम नागरिक रहते हैं और हर वर्ष लाखों भारतीय उमराह व हज के लिए मक्का जाते हैं। इसलिए मक्का की सुरक्षा भारत के लिए केवल भू-राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत संवेदनशील विषय है। गौरतलब है कि भारत सऊदी अरब के साथ मजबूत द्विपक्षीय संबंध बनाए हुए है और खाड़ी क्षेत्र में शांति उसकी विदेश नीति की प्राथमिकता रही है। आगे भी भारत के इस मुद्दे पर कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक अनकही जटिलता है — भारत की खाड़ी नीति ईरान से भी संबंध और सऊदी अरब से भी समान रूप से गर्मजोशी बनाए रखने की है, जबकि हूती ईरान समर्थित माने जाते हैं। मक्का जैसे धार्मिक रूप से अत्यंत संवेदनशील स्थान पर हमले की निंदा न करना भारत के लिए घरेलू राजनीतिक दृष्टि से भी संभव नहीं था। असली सवाल यह है कि क्या भारत इस निंदा को कूटनीतिक दबाव में बदल सकता है या यह महज एक औपचारिक बयान बनकर रह जाएगा। यमन संकट में भारत की भूमिका अब तक प्रतीकात्मक रही है — इस बयान से उस स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखता।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मक्का के पास ड्रोन हमले पर भारत ने क्या कहा?
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 16 सितंबर 2026 को इस हमले पर 'गहरी चिंता' जताई और सऊदी अरब की संप्रभुता पर हमलों की कड़ी निंदा की। भारत ने क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद भी जताई।
मक्का के पास ड्रोन हमला कब और कैसे हुआ?
मंगलवार शाम लगभग 6:50 बजे हूती विद्रोहियों द्वारा दागे गए एक ड्रोन ने मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास किया। सऊदी अरब की रॉयल एयर डिफेंस फोर्स ने इसे मक्का के दक्षिणी क्षेत्र में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
क्या पहले भी मक्का को निशाना बनाया गया था?
हाँ, गठबंधन प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी के अनुसार यह दूसरा प्रयास है। इससे पहले 27 जुलाई 2017 को हूतियों ने बैलिस्टिक मिसाइल से भी मक्का को निशाना बनाने की कोशिश की थी।
भारत के लिए मक्का की सुरक्षा क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत में 20 करोड़ से अधिक मुस्लिम नागरिक रहते हैं और हर वर्ष लाखों भारतीय उमराह व हज के लिए मक्का जाते हैं। इसलिए मक्का की सुरक्षा भारत के लिए धार्मिक, सामाजिक और कूटनीतिक — तीनों दृष्टियों से संवेदनशील विषय है।
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
गठबंधन प्रवक्ता अल-मालिकी ने इसे 'आतंकी और शर्मनाक कृत्य' बताया और कहा कि दो पवित्र मस्जिदों और उमराह यात्रियों की सुरक्षा 'रेड लाइन' है। उन्होंने चेतावनी दी कि गठबंधन बल हूती मिलिशिया के खिलाफ कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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