11 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत में पेट्रोल ₹102.12, डीजल ₹95.20 प्रति लीटर; तेल आयातक देशों में सबसे कम वृद्धि

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत में पेट्रोल ₹102.12, डीजल ₹95.20 प्रति लीटर; तेल आयातक देशों में सबसे कम वृद्धि

सारांश

मध्य पूर्व संकट और हॉर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बाद भारत में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पहुँचा — लेकिन 7.5% की यह वृद्धि उन देशों के मुकाबले बेहद कम है जहाँ कीमतें 10 से 90% तक बढ़ चुकी हैं।

मुख्य बातें

नई दिल्ली में पेट्रोल ₹7.35 बढ़कर ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹7.53 बढ़कर ₹95.20 प्रति लीटर हो गया।
घरेलू तेल कंपनियों ने 15, 19, 23 और 25 मई को चार चरणों में कुल ~7.5% की वृद्धि की।
वैश्विक स्तर पर अन्य तेल आयातक देशों में ईंधन 10 से 90% तक महँगा हुआ; EU में औसत पेट्रोल ₹179 और डीजल ₹184 प्रति लीटर ।
पाकिस्तान और नेपाल में पेट्रोल ₹135 प्रति लीटर से ऊपर; श्रीलंका, म्यांमार, फिलीपींस में ₹130 से अधिक।
केवल UAE, मलेशिया और अमेरिका — जहाँ सब्सिडी या कम कर संरचना है — भारत से कम पेट्रोल कीमत बनाए रख पाए।
कई देशों में पिछले 48 महीनों में पेट्रोल की कीमतें दोगुनी हो गई हैं।

मध्य पूर्व संकट के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन वैश्विक तेल आयातक देशों की तुलना में यह वृद्धि सबसे कम बनी हुई है। 28 फरवरी से हॉर्मुज स्ट्रेट के बंद रहने के कारण घरेलू तेल कंपनियों ने 15, 19, 23 और 25 मई को चार चरणों में ईंधन के दाम में कुल करीब 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, जबकि बाकी दुनिया में यह वृद्धि 10 से 90 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है।

मुख्य मूल्य वृद्धि

नई दिल्ली में पेट्रोल का दाम ₹7.35 प्रति लीटर बढ़कर ₹102.12 प्रति लीटर हो गया है, जो पहले ₹94.77 प्रति लीटर था। डीजल ₹7.53 प्रति लीटर की बढ़ोतरी के साथ ₹95.20 प्रति लीटर पर पहुँच गया है, जो पहले ₹87.67 प्रति लीटर था। यह चार चरणों में की गई वृद्धि का संचित असर है।

वैश्विक तुलना

दुनिया की प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं में पेट्रोल की खुदरा कीमत ₹150 प्रति लीटर से अधिक है और अधिकांश देशों में यह ₹180 प्रति लीटर को पार कर चुकी है। यूरोपीय संघ के 27 देशों में औसत पेट्रोल की कीमत ₹179 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹184 प्रति लीटर है।

भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और नेपाल में — कम प्रति व्यक्ति आय के बावजूद — पेट्रोल ₹135 प्रति लीटर से काफी ऊपर जा चुका है। श्रीलंका, म्यांमार और फिलीपींस में भी यह कीमत ₹130 प्रति लीटर से अधिक है।

भारत की स्थिति क्यों अलग है

आँकड़ों के अनुसार, केवल संयुक्त अरब अमीरात (UAE), मलेशिया और अमेरिका जैसी अर्थव्यवस्थाएँ — जहाँ या तो प्रत्यक्ष सब्सिडी दी जाती है या कर संरचनात्मक रूप से कम है — भारत से कम पेट्रोल कीमत बनाए रखने में सफल रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अन्य सभी प्रमुख आयातक अर्थव्यवस्थाओं ने लागत का बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर डाल दिया है।

गौरतलब है कि कई देशों में पिछले 48 महीनों में पेट्रोल की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत विकासशील देशों के अधिकांश देशों के बराबर या उससे कम है और यूरोपीय पंप मूल्य से लगभग आधी है।

हॉर्मुज स्ट्रेट का संकट और भारत पर असर

कच्चे तेल के वैश्विक निर्यात के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज स्ट्रेट 28 फरवरी से बंद है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति शृंखला बाधित हुई है। भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है, इसलिए यह व्यवधान सीधे घरेलू ईंधन मूल्य निर्धारण को प्रभावित करता है।

आगे क्या

मध्य पूर्व संकट के जारी रहने की स्थिति में आगे और मूल्य समायोजन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालाँकि, यदि हॉर्मुज स्ट्रेट खुलता है और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें नरम पड़ती हैं, तो घरेलू ईंधन दरों में राहत मिल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह आँकड़ा पूरी तस्वीर नहीं बताता — असली सवाल यह है कि यह संयम कितने समय तक टिकेगा और इसकी कीमत सरकारी तेल कंपनियों की बैलेंस शीट या राजकोष को चुकानी पड़ रही है। हॉर्मुज स्ट्रेट का बंद रहना एक दीर्घकालिक आपूर्ति जोखिम है, और यदि संकट लंबा खिंचा तो 'सबसे कम वृद्धि' का यह दावा अगले दौर की बढ़ोतरी से पहले का अस्थायी राहत बन सकता है। पड़ोसी देशों की तुलना उपभोक्ता को सांत्वना दे सकती है, लेकिन ₹102 प्रति लीटर पेट्रोल उस आम भारतीय के लिए अभी भी भारी बोझ है जिसकी आय यूरोपीय उपभोक्ता के आसपास भी नहीं है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत अभी कितनी है?
25 मई 2026 तक नई दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर है। चार चरणों में हुई वृद्धि के बाद पेट्रोल ₹7.35 और डीजल ₹7.53 प्रति लीटर महँगा हुआ है।
भारत में ईंधन की कीमत अन्य देशों से कम क्यों है?
भारत ने मौजूदा संकट में गैर-सब्सिडी देने वाले देशों की तुलना में कम वृद्धि की है, जिससे कीमतें विकासशील देशों के औसत के बराबर या कम बनी हैं। यूरोपीय संघ में पेट्रोल ₹179 और डीजल ₹184 प्रति लीटर है, जो भारत से लगभग दोगुना है।
हॉर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत पर क्या असर पड़ा?
28 फरवरी से हॉर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई, जिससे घरेलू तेल कंपनियों को ईंधन के दाम बढ़ाने पड़े। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है, इसलिए यह संकट सीधे ईंधन कीमतों को प्रभावित करता है।
भारत के पड़ोसी देशों में पेट्रोल कितना महँगा हुआ?
पाकिस्तान और नेपाल में पेट्रोल ₹135 प्रति लीटर से काफी ऊपर पहुँच गया है, जबकि श्रीलंका, म्यांमार और फिलीपींस में यह ₹130 प्रति लीटर से अधिक है। यह भारत की मौजूदा कीमत ₹102.12 से उल्लेखनीय रूप से अधिक है।
क्या आगे भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं?
मध्य पूर्व संकट जारी रहने और हॉर्मुज स्ट्रेट बंद रहने की स्थिति में आगे और मूल्य समायोजन की संभावना बनी हुई है। हालाँकि, यदि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें नरम पड़ती हैं तो राहत मिल सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले