भारत-ओमान सीईपीए लागू: अगले 3 वर्षों में वस्तु निर्यात 50% बढ़कर $6 अरब तक पहुँचने की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) सोमवार, 1 जून 2026 को औपचारिक रूप से लागू हो गया, जिसके बाद भारत का ओमान को वस्तु निर्यात अगले तीन वर्षों में 50 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। इस समझौते का लक्ष्य निर्यात को पिछले वर्ष के 4.06 अरब डॉलर से बढ़ाकर 6 अरब डॉलर तक ले जाना है, जबकि मध्यम अवधि में यह आँकड़ा 10 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य है।
समझौते की मुख्य शर्तें
ओमान ने भारत को अपनी 98.08 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क (जीरो ड्यूटी) की पेशकश की है, जिसमें भारत का 99.38 प्रतिशत निर्यात कवर होता है। इससे जेम एंड ज्वेलरी, टेक्सटाइल, चमड़ा, जूता, स्पोर्ट्स गुड्स, प्लास्टिक, फर्नीचर, इंजीनियरिंग, फार्मा, मेडिकल डिवाइस और ऑटोमोबाइल जैसे अधिक श्रम-उपयोग वाले क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
भारत ने अपनी ओर से कुल टैरिफ लाइनों में से 77.79 प्रतिशत पर उदारीकरण की पेशकश की है, जो मूल्य के हिसाब से ओमान से भारत के आयात का 94.81 प्रतिशत है। ओमान के लिए महत्वपूर्ण किंतु भारत के लिए संवेदनशील उत्पादों पर यह पेशकश मुख्यतः शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) के आधार पर की गई है।
संवेदनशील क्षेत्र समझौते से बाहर
भारत ने अपने घरेलू हितों की रक्षा के लिए कई संवेदनशील उत्पादों को बिना किसी रियायत के समझौते के दायरे से बाहर रखा है। इनमें डेयरी, चाय, कॉफी, रबर और तंबाकू जैसे कृषि उत्पाद शामिल हैं। इसके अलावा सोना-चाँदी के आभूषण, जूते, खेल सामग्री और विभिन्न आधार धातुओं का स्क्रैप भी इस छूट से बाहर है।
गौरतलब है कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिसंबर 2025 में मस्कट यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित हुआ था और अब छह महीने बाद लागू हुआ है।
सेवा क्षेत्र को भी मिलेगा फायदा
वस्तु व्यापार के अलावा, भारत के सर्विस सेक्टर के लिए भी यह समझौता नई संभावनाएँ खोलता है। ओमान का सर्विसेज क्षेत्र का आयात 12.52 अरब डॉलर है, जो भारतीय आईटी, परामर्श और वित्तीय सेवा कंपनियों के लिए एक बड़ा बाज़ार है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने सेवा निर्यात को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की रणनीति पर काम कर रहा है।
भारत की व्यापक व्यापार कूटनीति
ओमान के साथ यह समझौता भारत की व्यापक मुक्त व्यापार रणनीति का हिस्सा है। भारत ने जुलाई 2025 में ब्रिटेन और अप्रैल 2026 में न्यूजीलैंड के साथ इसी तरह के समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा, 27 जनवरी 2026 को यूरोपीय संघ (27 देशों के समूह) के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की बातचीत पूरी की गई है। अमेरिका के साथ भी द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है।
आने वाले महीनों में सीईपीए के क्रियान्वयन की निगरानी और व्यापार आँकड़ों में बदलाव यह तय करेंगे कि यह समझौता अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल कर पाता है या नहीं।