17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत-ओमान सीईपीए 1 जून से लागू: कपड़ा, फार्मा, जेम्स-ज्वैलरी निर्यात को शून्य शुल्क का लाभ

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत-ओमान सीईपीए 1 जून से लागू: कपड़ा, फार्मा, जेम्स-ज्वैलरी निर्यात को शून्य शुल्क का लाभ

सारांश

भारत-ओमान सीईपीए 1 जून से लागू हो गया — ओमान ने 98.08% टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क देकर भारत के 99.38% निर्यात को खुला रास्ता दिया। यूके, न्यूजीलैंड और EU के बाद यह चौथा बड़ा व्यापार समझौता है, जो अमेरिकी टैरिफ उठापटक के बीच भारत की व्यापार विविधीकरण नीति को नई धार देता है।

मुख्य बातें

भारत-ओमान सीईपीए 1 जून 2026 से प्रभावी; वित्त मंत्रालय ने 31 मई को अधिसूचना जारी की।
ओमान ने 98.08% टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क दिया — भारत के 99.38% निर्यात को सीधा लाभ।
लाभान्वित क्षेत्र: कपड़ा, चमड़ा, जेम्स एंड ज्वैलरी, फार्मा, ऑटोमोबाइल, कृषि उत्पाद और इंजीनियरिंग सामान।
भारत ने 77.79% टैरिफ लाइनों पर रियायत दी; डेयरी, सोना-चाँदी, रबर जैसे संवेदनशील उत्पाद छूट से बाहर।
ओमान ने इन्ट्रा-कॉरपोरेट ट्रांसफरी कोटा 20% से बढ़ाकर 50% ; कॉन्ट्रैक्चुअल सर्विस प्रोवाइडर्स की अवधि 2 वर्ष + 2 वर्ष विस्तार की।
यह यूके ( जुलाई 2025 ), न्यूजीलैंड ( अप्रैल 2026 ) और EU ( 27 जनवरी 2026 ) के बाद भारत का चौथा हालिया बड़ा व्यापार समझौता।

भारत और ओमान के बीच हस्ताक्षरित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) 1 जून 2026 से प्रभावी हो गया है, जिसके तहत भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों — कपड़ा, चमड़ा, जेम्स एंड ज्वैलरी और फार्मा — के निर्यात को ओमान में शून्य शुल्क पर प्रवेश मिलेगा। वित्त मंत्रालय ने 31 मई 2026 को ओमान से आने वाले उत्पादों पर शुल्क रियायतों की आधिकारिक अधिसूचना जारी की।

समझौते की पृष्ठभूमि

इस सीईपीए पर पिछले साल दिसंबर 2025 में हस्ताक्षर हुए थे, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मस्कट का आधिकारिक दौरा किया था। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि शुल्क छूट का लाभ उठाने के लिए आयातक को यह प्रमाणित करना होगा कि संबंधित वस्तुएँ ओमान में ही निर्मित हैं — यानी उत्पत्ति के नियम (Rules of Origin) का अनुपालन अनिवार्य है।

मुख्य व्यापार प्रावधान

ओमान ने अपनी 98.08 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क पहुँच देने की पेशकश की है, जिससे भारत के 99.38 प्रतिशत निर्यात को सीधा लाभ मिलेगा। इसमें जेम्स एंड ज्वैलरी, कपड़ा, चमड़ा और फुटवियर, खेल सामान, प्लास्टिक, फर्नीचर, कृषि उत्पाद, इंजीनियरिंग उत्पाद, दवाइयाँ, मेडिकल उपकरण और ऑटोमोबाइल जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।

भारत की ओर से 77.79 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क रियायत दी गई है, जो ओमान के 94.81 प्रतिशत आयात को कवर करती है। हालाँकि कुछ संवेदनशील उत्पादों को छूट से बाहर रखा गया है — जिनमें डेयरी, चाय, कॉफी, रबर, तंबाकू जैसे कृषि उत्पाद; सोना-चाँदी और आभूषण; फुटवियर और खेल सामान; तथा कई बेस मेटल्स का स्क्रैप शामिल हैं।

सेवा क्षेत्र और पेशेवरों को लाभ

वस्तुओं के अलावा सेवा क्षेत्र को भी इस समझौते से उल्लेखनीय लाभ मिलने की संभावना है। कंप्यूटर सेवाएँ, बिज़नेस, शिक्षा, स्वास्थ्य, शोध और प्रोफेशनल सेवाओं में नए अवसर खुलेंगे। अकाउंटेंसी, टैक्सेशन, आर्किटेक्चर, मेडिकल और संबद्ध सेवाओं में कुशल पेशेवरों के लिए ओमान में प्रवेश और ठहरने की शर्तें भी अधिक सरल की गई हैं।

भारतीय पेशेवरों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए ओमान ने इन्ट्रा-कॉरपोरेट ट्रांसफरी का कोटा 20 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही, कॉन्ट्रैक्चुअल सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए अनुमत अवधि 90 दिन से बढ़ाकर 2 वर्ष (और 2 वर्ष के विस्तार के साथ) कर दी गई है।

व्यापक वैश्विक रणनीति का हिस्सा

यह समझौता भारत की उस व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है जो अमेरिकी टैरिफ में उथल-पुथल के बीच वैश्विक व्यापार में विविधीकरण की कोशिश कर रही है। भारत ने जुलाई 2025 में यूके, अप्रैल 2026 में न्यूजीलैंड और 27 जनवरी 2026 को यूरोपीय संघ (27 देशों के समूह) के साथ भी इसी तरह के मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में पुनर्गठन तेज हो रहा है और भारत नए निर्यात बाज़ारों की तलाश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी। ओमान का बाज़ार अपेक्षाकृत छोटा है, और 98% टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क का वादा तभी सार्थक होगा जब भारतीय निर्यातक 'उत्पत्ति के नियमों' की जटिलताओं को पार कर सकें। सेवा क्षेत्र में इन्ट्रा-कॉरपोरेट कोटे का विस्तार सकारात्मक है, लेकिन खाड़ी देशों में भारतीय श्रमिकों की असली समस्याएँ — वीज़ा प्रतिबंध, श्रम अधिकार — इस समझौते के दायरे से बाहर हैं। यूके, EU और न्यूजीलैंड के साथ एक साथ चार समझौतों का यह सिलसिला रणनीतिक विविधीकरण की दिशा में साहसी कदम है, पर इनके रोज़गार और निर्यात वृद्धि पर वास्तविक असर को मापने के लिए एक पारदर्शी ट्रैकिंग तंत्र अभी भी अनुपस्थित है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-ओमान सीईपीए समझौता क्या है और यह कब से लागू हुआ?
भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) 1 जून 2026 से प्रभावी हुआ है। यह दोनों देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और पेशेवरों की आवाजाही को सुगम बनाने वाला द्विपक्षीय व्यापार समझौता है, जिस पर दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की मस्कट यात्रा के दौरान हस्ताक्षर हुए थे।
इस समझौते से भारत के किन क्षेत्रों को सबसे अधिक फायदा होगा?
ओमान ने 98.08% टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क देने की पेशकश की है, जिससे भारत के 99.38% निर्यात को लाभ मिलेगा। सर्वाधिक फायदा कपड़ा, चमड़ा और फुटवियर, जेम्स एंड ज्वैलरी, फार्मा और मेडिकल उपकरण, इंजीनियरिंग उत्पाद और ऑटोमोबाइल क्षेत्र को मिलने की संभावना है।
शुल्क छूट का लाभ पाने के लिए आयातक को क्या करना होगा?
वित्त मंत्रालय के अनुसार, शुल्क छूट का लाभ तभी मिलेगा जब आयातक यह प्रमाणित करे कि संबंधित वस्तुएँ ओमान में ही निर्मित हैं। यानी 'उत्पत्ति के नियमों' (Rules of Origin) का अनुपालन अनिवार्य है — केवल ओमान से पुनः निर्यात होने वाले उत्पादों को यह लाभ नहीं मिलेगा।
भारत ने ओमान को किन उत्पादों पर शुल्क रियायत दी है और क्या कोई अपवाद हैं?
भारत ने अपनी 77.79% टैरिफ लाइनों पर रियायत दी है, जो ओमान के 94.81% आयात को कवर करती है। हालाँकि डेयरी, चाय, कॉफी, रबर, तंबाकू जैसे कृषि उत्पाद; सोना-चाँदी और आभूषण; फुटवियर, खेल सामान; और कई बेस मेटल्स का स्क्रैप — इन संवेदनशील उत्पादों को छूट से बाहर रखा गया है।
भारतीय पेशेवरों और सेवा प्रदाताओं को ओमान में क्या नई सुविधाएँ मिलेंगी?
ओमान ने इन्ट्रा-कॉरपोरेट ट्रांसफरी कोटा 20% से बढ़ाकर 50% कर दिया है। कॉन्ट्रैक्चुअल सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए अनुमत अवधि 90 दिन से बढ़ाकर 2 वर्ष (और 2 वर्ष के विस्तार के साथ) की गई है। अकाउंटेंसी, टैक्सेशन, आर्किटेक्चर, मेडिकल और संबद्ध सेवाओं में कुशल पेशेवरों के लिए प्रवेश शर्तें भी अधिक सरल की गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले