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भारत सर्विसेज PMI सितंबर में 55.2 पर, तीन महीनों का उच्चतम स्तर; घरेलू मांग से मिली रफ्तार

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भारत सर्विसेज PMI सितंबर में 55.2 पर, तीन महीनों का उच्चतम स्तर; घरेलू मांग से मिली रफ्तार

सारांश

सितंबर में भारत का सर्विसेज PMI तीन महीनों के शिखर 55.2 पर पहुँचा — घरेलू माँग और डिजिटल, बीमा, पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए ऑर्डर्स ने रफ्तार दी। कंपोज़िट PMI भी 55.9 पर पहुँचा, लेकिन पूरी तिमाही का औसत मार्च 2022 के बाद सबसे कमज़ोर रहा।

मुख्य बातें

HSBC इंडिया सर्विसेज PMI सितंबर में 55.2 पर पहुँचा — अगस्त के 54.1 से अधिक और जून के बाद उच्चतम।
नए बिज़नेस में वृद्धि तीन महीनों में सबसे तेज़ ; डिजिटल समाधान, बीमा, लोन, पर्यटन में माँग बढ़ी।
वित्त, बीमा और उपभोक्ता सेवा सेक्टर की बिक्री में सर्वाधिक बढ़ोतरी।
इनपुट मूल्य महंगाई नवंबर 2025 के बाद सबसे निचले स्तर पर; विक्रय मूल्य दबाव घटा।
कंपोज़िट PMI अगस्त के 54.3 से बढ़कर 55.9 पर; मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों मज़बूत।
जुलाई-सितंबर तिमाही का PMI औसत मार्च 2022 के बाद सबसे कमज़ोर तिमाही प्रदर्शन।

भारत का सर्विसेज सेक्टर सितंबर 2026 में तीन महीनों की सबसे तेज़ रफ्तार से विस्तारित हुआ, जब HSBC इंडिया सर्विसेज PMI बढ़कर 55.2 पर पहुँच गया — जो अगस्त के 54.1 से अधिक और जून के बाद का सर्वोच्च स्तर है। S&P ग्लोबल द्वारा संकलित और मंगलवार, 6 अक्टूबर को जारी इस डेटा के अनुसार, मज़बूत घरेलू माँग और नए ऑर्डर्स में तेज़ बढ़ोतरी इस उछाल की मुख्य वजह रही।

मुख्य घटनाक्रम

सितंबर में नए बिज़नेस में बढ़ोतरी पिछले तीन महीनों में सबसे तेज़ रही। कंपनियों ने डिजिटल समाधान, खाद्य एवं पेय, बीमा (इंश्योरेंस), ऋण (लोन), सॉफ़्टवेयर, परिवहन और पर्यटन क्षेत्रों में माँग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की।

क्षेत्रवार देखें तो वित्त, बीमा और उपभोक्ता सेवा (कंज्यूमर सर्विस) सेगमेंट की बिक्री में सबसे ज़्यादा इज़ाफ़ा हुआ। इसके साथ ही जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), यूनाइटेड किंगडम (UK) और अमेरिका से अंतरराष्ट्रीय माँग में भी सुधार देखा गया, हालाँकि नए निर्यात ऑर्डर्स की वृद्धि दर सितंबर में कुछ धीमी पड़ी।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

HSBC की भारत में मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, 'PMI सर्वेक्षण से पता चलता है कि घरेलू माँग बढ़ने की वजह से भारत का सर्विस सेक्टर लगातार बेहतर हो रहा है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि निर्यात कारोबार में विस्तार जारी रहा, भले ही वृद्धि की गति कुछ मंद हुई।

भंडारी के अनुसार, सितंबर में इनपुट लागत का दबाव कम होने से सर्विस प्रोवाइडर्स को अपनी बिक्री कीमतें बढ़ाने की ज़रूरत कम पड़ी — जो उपभोक्ताओं के लिए राहत का संकेत है। डेटा के अनुसार, इनपुट मूल्य महंगाई नवंबर 2025 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई।

रोज़गार और भर्तियाँ

बेहतर ऑर्डर बुक और पाइपलाइन में मौजूद प्रोजेक्ट्स ने सर्विस कंपनियों को अतिरिक्त भर्तियाँ करने के लिए प्रोत्साहित किया। रोज़गार में ठीक-ठाक गति से बढ़ोतरी हुई, हालाँकि नौकरी सृजन की दर अगस्त की तुलना में मामूली रूप से कम रही।

तिमाही प्रदर्शन पर एक चिंता

गौरतलब है कि सितंबर के मज़बूत आँकड़े के बावजूद, जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही का सर्विसेज PMI औसत पिछली तिमाही से कमज़ोर रहा। आँकड़ों के अनुसार, यह मार्च 2022 में समाप्त हुई तिमाही के बाद से सबसे कमज़ोर तिमाही प्रदर्शन है — जो बताता है कि एकल-माह उछाल और व्यापक तिमाही रुझान के बीच अंतर बना हुआ है।

समग्र अर्थव्यवस्था का संकेत

HSBC इंडिया कंपोज़िट PMI आउटपुट इंडेक्स — जिसमें मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों शामिल हैं — अगस्त के 54.3 से बढ़कर सितंबर में 55.9 पर पहुँच गया। यह संकेत देता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था का व्यापक विस्तार सितंबर में और मज़बूत हुआ। आगे त्योहारी सीज़न की माँग को देखते हुए, अर्थशास्त्री इस गति के बने रहने पर नज़र रखेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह अधूरी तस्वीर पेश करता है — जुलाई-सितंबर तिमाही का औसत मार्च 2022 के बाद का सबसे कमज़ोर रहा, जो बताता है कि सितंबर का उछाल पूरी तिमाही की सुस्ती को ढकने में सक्षम नहीं है। निर्यात ऑर्डर्स की धीमी पड़ती रफ्तार और वैश्विक माँग की अनिश्चितता इस विस्तार की टिकाऊ नींव पर सवाल उठाती है। इनपुट लागत में गिरावट से बिक्री मूल्य दबाव कम हुआ है — यह उपभोक्ताओं के लिए राहत है, पर यह भी देखना होगा कि त्योहारी सीज़न की माँग इस गति को वास्तविक रोज़गार और आय विस्तार में बदल पाती है या नहीं।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का सर्विसेज PMI सितंबर 2026 में कितना रहा?
सितंबर 2026 में HSBC इंडिया सर्विसेज PMI 55.2 रहा, जो अगस्त के 54.1 से अधिक और जून के बाद का सर्वोच्च स्तर है। यह आँकड़ा S&P ग्लोबल द्वारा संकलित किया गया और 6 अक्टूबर को जारी हुआ।
PMI में 50 से ऊपर का आँकड़ा क्या दर्शाता है?
PMI (परचेज़िंग मैनेजर्स इंडेक्स) में 50 से ऊपर का स्तर सेक्टर में विस्तार और 50 से नीचे का स्तर संकुचन दर्शाता है। 55.2 का स्तर मज़बूत और तेज़ विस्तार का संकेत है।
सितंबर में सर्विसेज सेक्टर की वृद्धि के मुख्य कारण क्या रहे?
मज़बूत घरेलू माँग और नए ऑर्डर्स में तेज़ी सितंबर की वृद्धि के मुख्य कारण रहे। डिजिटल समाधान, बीमा, ऋण, सॉफ़्टवेयर, परिवहन और पर्यटन क्षेत्रों में माँग विशेष रूप से बढ़ी।
जुलाई-सितंबर तिमाही का समग्र प्रदर्शन कैसा रहा?
तिमाही का PMI औसत पिछली तिमाही से कमज़ोर रहा और मार्च 2022 में समाप्त तिमाही के बाद से सबसे कमज़ोर तिमाही प्रदर्शन दर्ज किया गया। सितंबर का मज़बूत महीना तिमाही के समग्र सुस्त रुझान को पूरी तरह नहीं बदल सका।
HSBC इंडिया कंपोज़िट PMI सितंबर में कितना रहा?
HSBC इंडिया कंपोज़िट PMI — जिसमें मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों शामिल हैं — अगस्त के 54.3 से बढ़कर सितंबर में 55.9 पर पहुँच गया, जो व्यापक आर्थिक गतिविधियों में तेज़ी का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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