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क्या आईपीएस वाई. पूरन कुमार के परिवार से मिले रामदास आठवले, आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग?

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क्या आईपीएस वाई. पूरन कुमार के परिवार से मिले रामदास आठवले, आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग?

सारांश

हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। क्या इस मामले में न्याय मिलेगा? जानें पूरी कहानी।

मुख्य बातें

पूरन कुमार का मामला गंभीर है।
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने न्याय की मांग की।
समाज में दलित विरोधी मानसिकता का मुद्दा उठाया गया।
परिवार को न्याय दिलाने के लिए एकजुटता की आवश्यकता है।
आयोग ने संतोषजनक रिपोर्ट की मांग की।

चंडीगढ़, १३ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के बाद यह मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। पीड़ित अधिकारी के परिवार से मुलाकातों का सिलसिला जारी है। सोमवार को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले चंडीगढ़ में पूरन कुमार के निवास पर पहुंचे और उनके परिवार से बातचीत की।

केंद्रीय मंत्री आठवले ने कहा कि परिवार अत्यंत दुखी है और उन्होंने न्याय की मांग की है। मंत्री ने बताया कि परिवार के अनुसार वाई. पूरन कुमार को लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। गलत काम कोई और करता था, लेकिन आरोप हमेशा वाई. पूरन कुमार पर ही लग जाते थे। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से इस मामले में मिलने का समय मांगा है।

रामदास आठवले ने कहा कि इस पूरे मामले में डीजीपी और तत्कालीन रोहतक एसपी जैसे बड़े अधिकारी भी आरोपों के घेरे में हैं और इनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर के दलित समुदाय में इस घटना को लेकर गुस्सा है और कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

मंत्री ने अफसोस जताते हुए कहा कि आज़ादी के ७५ साल बाद भी दलित विरोधी मानसिकता खत्म नहीं हुई है। आज भी डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का अपमान हो रहा है, जो बहुत दुखद है।

पंजाब अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने भी वाई. पूरन कुमार के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी और गंभीर घटना है। समाज को अब एकजुट होकर न्याय की मांग करनी चाहिए। जसवीर सिंह ने बताया कि आयोग ने इस मामले में चंडीगढ़ प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन जो रिपोर्ट मिली है उससे आयोग संतुष्ट नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक परिवार को न्याय नहीं मिलता, आयोग इस मुद्दे पर सक्रिय रहेगा।

इसके अलावा तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का, कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू और चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की भी आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार के परिवार से मिलने पहुंचे। सभी नेताओं ने परिवार को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले को केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर उठाएंगे और न्याय सुनिश्चित कराने की पूरी कोशिश करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में व्याप्त जातिवाद और उत्पीड़न की गहरी समस्याओं को भी उजागर करता है। देश में न्याय की लड़ाई में सभी को एकजुट होकर आगे आना होगा।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईपीएस वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या का कारण क्या था?
परिवार के अनुसार, वाई. पूरन कुमार को लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था।
रामदास आठवले ने परिवार से क्या कहा?
उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया और आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
क्या इस मामले में अन्य नेता भी शामिल हुए हैं?
हाँ, तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री और अन्य कांग्रेस नेता भी परिवार से मिलने पहुंचे।
राष्ट्र प्रेस
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