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गाय का भारतीय समाज में विशेष स्थान, श्रद्धा बनाए रखना हमारा कर्तव्य: दिलीप घोष

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गाय का भारतीय समाज में विशेष स्थान, श्रद्धा बनाए रखना हमारा कर्तव्य: दिलीप घोष

सारांश

कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश के बाद BJP नेता दिलीप घोष का तीखा बयान — गाय का दर्जा गंगा जैसा, श्रद्धा न मानने वालों से कानूनी कार्रवाई। साथ ही ईंधन मूल्यवृद्धि को अपरिहार्य बताया और बंगाल के जनप्रतिनिधियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

मंत्री दिलीप घोष ने 23 मई को पश्चिम मेदिनीपुर में कहा कि गाय का भारतीय समाज में वही स्थान है जो नदियों में गंगा का है।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को ईद-उल-अजहा पर पशु-वध नियमों में छूट पर फैसला लेने का निर्देश दिया है।
घोष ने कहा कि श्रद्धा न मानने वालों से कानून के अनुसार निपटा जाएगा।
पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि को उन्होंने वैश्विक आर्थिक दबाव और तेल कंपनियों के घाटे का परिणाम बताया।
राष्ट्रीय राजमार्ग सीसीटीवी के कथित दुरुपयोग पर पाकिस्तान और बांग्लादेश का नाम लेते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी।
ममता बनर्जी की बैठकों में पार्षदों और पंचायत प्रधानों की अनुपस्थिति पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार को ईद-उल-अजहा के दौरान पशु-वध नियमों में छूट पर फैसला लेने का निर्देश दिए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम मेदिनीपुर में 23 मई को मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि गाय का भारतीय समाज में वही विशेष स्थान है जो नदियों में गंगा का है, और इस श्रद्धा को बनाए रखना हर भारतीय का कर्तव्य है। घोष ने पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सीसीटीवी कैमरों के कथित दुरुपयोग पर भी अपनी राय रखी।

गाय और सांस्कृतिक मूल्यों पर घोष का बयान

मंत्री दिलीप घोष ने कहा, 'भारत में रहने वाला हर व्यक्ति यहाँ की संस्कृति और परंपराओं को समझता है। जिस प्रकार नदियों में गंगा को विशेष दर्जा प्राप्त है, उसी प्रकार पशुओं में गाय का भी विशेष स्थान है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग इस भावना का सम्मान नहीं करते, उनके साथ कानून के अनुसार निपटा जाएगा।

घोष ने यह भी जोड़ा कि कलकत्ता हाई कोर्ट का सुझाव अच्छा है और सरकार इस पर विचार करेगी। उनके अनुसार, बिना किसी औपचारिक घोषणा के भी सम्मान करना भारतीय संस्कृति और संस्कार का अभिन्न अंग है।

पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि पर प्रतिक्रिया

ईंधन की बढ़ती कीमतों पर घोष ने कहा कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का सीधा असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उनके अनुसार, सरकार ने लंबे समय तक सब्सिडी देकर कीमतों को नियंत्रित रखा, लेकिन तेल कंपनियों के भारी घाटे के कारण मूल्यवृद्धि अपरिहार्य हो गई। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे खर्चों में कटौती कर बदली परिस्थितियों से तालमेल बिठाएँ।

सीसीटीवी और सुरक्षा चिंताओं पर तल्ख टिप्पणी

राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के कथित दुरुपयोग और पाकिस्तान के साथ सूचना साझा करने के आरोपों पर घोष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान पहले ऐसी हरकतें करते थे, लेकिन अब वे स्वयं अपनी समस्याओं में उलझे हुए हैं। घोष के अनुसार, कुछ तत्व अब भी भारत में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकार इन सब से पूरी व्यवस्था के साथ निपटने में सक्षम है।

पश्चिम बंगाल के स्थानीय प्रतिनिधियों पर आरोप

घोष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कई पार्षद और पंचायत प्रधान अपने कार्यालयों में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बुलाई गई बैठकों में भी अनेक जनप्रतिनिधि नदारद रहे। घोष के अनुसार, भ्रष्टाचार के कारण ये प्रतिनिधि जनता के सामने आने से कतरा रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक तापमान पहले से ही ऊँचा है। घोष के बयान राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आक्रामक राजनीतिक रणनीति को रेखांकित करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इसे महज सांस्कृतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि सुनियोजित राजनीतिक संदेश बनाता है। कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश को 'अच्छा सुझाव' कहकर BJP ने न्यायपालिका की आड़ में अपना एजेंडा आगे बढ़ाने की कोशिश की है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में BJP और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच धार्मिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर टकराव नई बात नहीं है, लेकिन चुनावी माहौल में ऐसे बयान ध्रुवीकरण को और गहरा कर सकते हैं। पंचायत प्रतिनिधियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी बिना किसी साक्ष्य के लगाए गए हैं, जो जवाबदेही की माँग कम और राजनीतिक हमले की भाषा अधिक लगते हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने गाय के बारे में क्या कहा?
मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि जिस प्रकार नदियों में गंगा का विशेष स्थान है, उसी प्रकार पशुओं में गाय का भी विशेष स्थान है और हर भारतीय को इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इस भावना को नहीं मानते, उनसे कानून के अनुसार निपटा जाएगा।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को क्या निर्देश दिया?
कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को ईद-उल-अजहा के दौरान पशु-वध नियमों में छूट देने के संबंध में फैसला लेने का निर्देश दिया है। घोष ने इसे 'अच्छा सुझाव' बताया और कहा कि सरकार इस पर विचार करेगी।
घोष ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने पर क्या कहा?
घोष ने कहा कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और तेल कंपनियों के भारी घाटे के कारण सरकार को ईंधन की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने आम जनता से खर्चों में कटौती कर इस स्थिति से तालमेल बिठाने की अपील की।
राष्ट्रीय राजमार्ग सीसीटीवी विवाद पर घोष का क्या रुख है?
घोष ने आरोपों पर कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश पहले ऐसी हरकतें करते थे, लेकिन अब वे अपनी समस्याओं में उलझे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार ऐसी किसी भी गतिविधि से पूरी व्यवस्था के साथ निपटने में सक्षम है।
घोष ने पश्चिम बंगाल के जनप्रतिनिधियों पर क्या आरोप लगाए?
घोष ने आरोप लगाया कि कई पार्षद और पंचायत प्रधान अपने कार्यालयों में नहीं आ रहे और ममता बनर्जी की बैठकों में भी अनुपस्थित रहते हैं। उनके अनुसार, भ्रष्टाचार के डर से ये जनप्रतिनिधि जनता के सामने आने से कतरा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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