जयपुर एयरपोर्ट को ACI ग्रीन एयरपोर्ट्स रिकग्निशन 2026 में सिल्वर अवॉर्ड, HVAC खपत 35% घटी

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जयपुर एयरपोर्ट को ACI ग्रीन एयरपोर्ट्स रिकग्निशन 2026 में सिल्वर अवॉर्ड, HVAC खपत 35% घटी

सारांश

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ACI एशिया-पैसिफिक और मिडिल ईस्ट ग्रीन एयरपोर्ट्स रिकग्निशन 2026 में सिल्वर अवॉर्ड मिला है। 'कूल टर्मिनल' इकोसिस्टम से HVAC खपत 35% घटी और सालाना 200 टन से अधिक CO2 उत्सर्जन में कमी आई — यह राजस्थान के पहले वाटर-पॉजिटिव एयरपोर्ट की हरित यात्रा का नया पड़ाव है।

मुख्य बातें

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (JIAL) को ACI एशिया-पैसिफिक और मिडिल ईस्ट ग्रीन एयरपोर्ट्स रिकग्निशन 2026 में सिल्वर सम्मान मिला।
पुरस्कार 'क्लाइमेट चेंज अडैप्टेशन' श्रेणी में; प्रबंधन अदाणी एयरपोर्ट्स के हाथ में।
'कूल टर्मिनल' इकोसिस्टम से HVAC ऊर्जा खपत में 35% की कमी और सतह तापमान 6-10 डिग्री सेल्सियस तक घटा।
पर्यावरणीय पहलों से प्रतिवर्ष 200 टन से अधिक CO2 समकक्ष उत्सर्जन में कटौती।
वित्त वर्ष 2026-27 में 57.5 लाख से अधिक यात्री और प्रतिदिन औसतन 120 उड़ानें संचालित।
इससे पहले ACI लेवल-3 मान्यता (मई 2025) , 'ज़ीरो वेस्ट टू लैंडफिल' और राजस्थान के पहले 'वाटर-पॉजिटिव' एयरपोर्ट का दर्जा मिल चुका है।

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (JIAL) को एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) एशिया-पैसिफिक और मिडिल ईस्ट ग्रीन एयरपोर्ट्स रिकग्निशन 2026 में प्रतिष्ठित सिल्वर सम्मान से नवाज़ा गया है। अदाणी एयरपोर्ट्स द्वारा प्रबंधित इस हवाई अड्डे को यह पुरस्कार 'क्लाइमेट चेंज अडैप्टेशन' श्रेणी के तहत मिला है, जो जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन और पर्यावरण-हितैषी संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता देता है।

मुख्य घटनाक्रम

राजस्थान के अर्ध-शुष्क भूगोल में स्थित जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भीषण गर्मी और हीटवेव जैसी मौसमी चुनौतियों का नियमित सामना करना पड़ता है। इन परिस्थितियों से निपटने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन ने एक समग्र 'कूल टर्मिनल' इकोसिस्टम विकसित किया है, जिसका उद्देश्य ऊर्जा दक्षता में सुधार के साथ-साथ यात्रियों को बेहतर अनुभव देना है।

इस पहल के अंतर्गत टर्मिनल-2 को हाई-परफॉर्मेंस ग्लास और इंसुलेटेड रूफिंग से अपग्रेड किया गया है, जिससे भवन के भीतर ताप-संचरण में उल्लेखनीय कमी आई है। ऊर्जा-कुशल कूलिंग प्रणालियों और परिसर में स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों के संयुक्त प्रयास से HVAC ऊर्जा खपत में करीब 35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही सतह का तापमान 6 से 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आया है।

पर्यावरणीय असर

इन हरित पहलों के परिणामस्वरूप एयरपोर्ट पर प्रतिवर्ष 200 टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड समकक्ष उत्सर्जन में कटौती हो रही है। यह उपलब्धि भारत के राष्ट्रीय जलवायु और पर्यावरण लक्ष्यों के अनुरूप है।

गौरतलब है कि यह पुरस्कार एयरपोर्ट की पर्यावरणीय उपलब्धियों की एक लंबी श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है। इससे पहले मई 2025 में इसे ACI का लेवल-3 मान्यता प्राप्त हो चुकी है। कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री-ITC सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट की ओर से 'ज़ीरो वेस्ट टू लैंडफिल' सम्मान भी इसे मिल चुका है। हाल ही में इसे राजस्थान का पहला 'वाटर-पॉजिटिव' एयरपोर्ट घोषित किया गया है।

एयरपोर्ट प्रबंधन की प्रतिक्रिया

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के प्रवक्ता ने कहा, 'ACI एशिया-पैसिफिक और मिडिल ईस्ट से मिला यह वैश्विक सम्मान हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है और स्थिरता तथा जलवायु संरक्षण के प्रति हमारी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह भविष्य के लिए तैयार और पर्यावरण के अनुकूल एयरपोर्ट विकसित करने की हमारी रणनीति को और मजबूती देता है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट यात्री सुविधाओं और पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी को एक साथ साधने के लिए निरंतर नई पहल करता रहेगा।

एयरपोर्ट का परिचय और संचालन

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट राजस्थान का सबसे बड़ा और सर्वाधिक व्यस्त हवाई अड्डा है। वित्त वर्ष 2026-27 में यहाँ 57.5 लाख से अधिक यात्रियों ने आवागमन किया और प्रतिदिन औसतन 120 उड़ानें संचालित हुईं। 776 एकड़ में विस्तृत यह एयरपोर्ट डिजिटल-फर्स्ट संचालन मॉडल पर कार्य करता है, जहाँ तकनीक-आधारित यात्री सेवाओं और परिचालन दक्षता को प्राथमिकता दी जाती है।

आगे की राह

यह सम्मान ऐसे समय में आया है जब भारतीय विमानन क्षेत्र तेज़ी से विस्तार कर रहा है और एयरपोर्ट बुनियादी ढाँचे पर पर्यावरणीय दबाव बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जयपुर एयरपोर्ट का 'कूल टर्मिनल' मॉडल अन्य अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में स्थित हवाई अड्डों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकता है। अदाणी एयरपोर्ट्स के व्यापक हरित रोडमैप के तहत आने वाले वर्षों में और अधिक नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण की योजनाएँ अपेक्षित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि 35% HVAC बचत और 200 टन CO2 कटौती के आँकड़े स्वयं एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं और किसी स्वतंत्र तृतीय-पक्ष ऑडिट से सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं। विमानन क्षेत्र में 'ग्रीनवॉशिंग' की वैश्विक चिंताओं के बीच, ACI जैसे उद्योग-नेतृत्व वाले पुरस्कार महत्वपूर्ण हैं, परंतु पर्याप्त नहीं। 57.5 लाख यात्रियों वाले इस व्यस्त हवाई अड्डे पर उड़ानों की संख्या बढ़ने के साथ कुल उत्सर्जन का क्या होगा, यह प्रश्न अनुत्तरित रहता है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ACI ग्रीन एयरपोर्ट्स रिकग्निशन 2026 में कौन-सा सम्मान मिला?
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ACI एशिया-पैसिफिक और मिडिल ईस्ट ग्रीन एयरपोर्ट्स रिकग्निशन 2026 में 'क्लाइमेट चेंज अडैप्टेशन' श्रेणी के तहत सिल्वर सम्मान मिला है। यह पुरस्कार जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन और पर्यावरण-हितैषी संचालन में उत्कृष्ट प्रयासों को मान्यता देता है।
जयपुर एयरपोर्ट का 'कूल टर्मिनल' इकोसिस्टम क्या है?
'कूल टर्मिनल' इकोसिस्टम एयरपोर्ट की एक समग्र हरित पहल है जिसमें टर्मिनल-2 को हाई-परफॉर्मेंस ग्लास और इंसुलेटेड रूफिंग से अपग्रेड किया गया है। ऊर्जा-कुशल कूलिंग प्रणालियों और सौर ऊर्जा के उपयोग से HVAC खपत में करीब 35% की कमी आई है और सतह का तापमान 6 से 10 डिग्री सेल्सियस तक घटा है।
जयपुर एयरपोर्ट की पर्यावरणीय पहलों से कितनी CO2 कटौती हो रही है?
एयरपोर्ट की हरित पहलों से प्रतिवर्ष 200 टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड समकक्ष उत्सर्जन में कमी आ रही है। यह भारत के राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों के अनुरूप है।
जयपुर एयरपोर्ट को इससे पहले कौन-से पर्यावरणीय पुरस्कार मिल चुके हैं?
इससे पहले मई 2025 में एयरपोर्ट को ACI का लेवल-3 मान्यता प्राप्त हुई थी। CII-ITC सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट ने इसे 'ज़ीरो वेस्ट टू लैंडफिल' सम्मान दिया है और हाल ही में इसे राजस्थान का पहला 'वाटर-पॉजिटिव' एयरपोर्ट घोषित किया गया है।
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रबंधन कौन करता है और इसका आकार कितना है?
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रबंधन अदाणी एयरपोर्ट्स करता है। यह 776 एकड़ में फैला राजस्थान का सबसे बड़ा हवाई अड्डा है जहाँ वित्त वर्ष 2026-27 में 57.5 लाख से अधिक यात्रियों ने यात्रा की और प्रतिदिन औसतन 120 उड़ानें संचालित हुईं।
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