जयपुर वार्ड 101: कांग्रेस का आरोप — जीता उम्मीदवार हारा घोषित, खाचरियावास ने दी घेराव की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर नगर निगम के वार्ड 101 की मतगणना को लेकर 14 सितंबर 2026 को राजस्थान में सियासी तनाव गहरा गया, जब कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर परिणामों में हेरफेर का गंभीर आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि वार्ड 101 से पार्टी उम्मीदवार दुर्गेश शर्मा ने जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में उन्हें पराजित घोषित कर दिया गया।
वार्ड 101 में क्या हुआ
खाचरियावास के अनुसार, दुर्गेश शर्मा शुरुआती मतगणना में 100 वोटों के अंतर से विजयी घोषित हो गए थे। उन्होंने दावा किया, 'इलेक्शन साइट पर दिखा दिया, चुनाव आयोग ने डिक्लेअर कर दिया, हर चैनल ने डिक्लेअर कर दिया। अंदर से इलेक्शन एजेंट का भी मेरे पास फोन आ गया।' परंतु कथित तौर पर जैसे ही शर्मा काउंटिंग हॉल से बाहर निकले, BJP उम्मीदवार रविशंकर को 71 वोटों के अंतर से विजेता घोषित कर दिया गया। खाचरियावास ने इसे सीधे तौर पर 'बेईमानी' करार दिया।
एक और वार्ड में भी आरोप
खाचरियावास ने बताया कि विधायक रफीक खान ने उन्हें सूचित किया कि उनके क्षेत्र में भी 5 वोटों के अंतर से जीते कांग्रेस प्रत्याशी को बाद में हारा हुआ घोषित कर दिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि जहाँ भी मतों का अंतर 100 से 150 वोट के बीच रहा, वहाँ इसी तरह की कथित गड़बड़ी की गई।
प्रशासन पर भी निशाना
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि जयपुर के जिला कलेक्टर और अन्य अधिकारी इस हेरफेर में शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'वहाँ कलेक्टर के ज़रिए रिजल्ट हो रहे हैं, क्योंकि कलेक्टर और अधिकारी सारे करप्शन में जुड़े हुए हैं।' गौरतलब है कि ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं और प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कांग्रेस की चेतावनी और माँगें
खाचरियावास ने भवानी निकेतन कॉलेज काउंटिंग सेंटर पर जिला कलेक्टर से मुलाकात कर पुनर्मतगणना की माँग की। उन्होंने साफ चेतावनी दी, 'जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री निवास का घेराव करूँगा और जयपुर में कहीं टकराव हुआ तो पुलिस फोर्स तैयारी कर ले।' उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सीधे जवाबदेह ठहराते हुए कहा कि इसका 'हिसाब-किताब' देना पड़ेगा।
आगे क्या होगा
कांग्रेस ने अपने नेताओं से सभी काउंटिंग सेंटरों पर सतर्क रहने को कहा है और यदि पुनर्मतगणना नहीं हुई तो सड़क पर उतरने की बात कही है। राजस्थान नगर निकाय चुनाव के ये परिणाम राज्य की राजनीतिक सरगर्मी को आने वाले दिनों में और तेज कर सकते हैं, क्योंकि विपक्ष ने पहले ही मोर्चा खोल दिया है।