जयराम ठाकुर ने निर्मला सीतारमण से नई दिल्ली में की मुलाकात, आर्थिक स्थिति पर चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- जयराम ठाकुर ने केंद्रीय वित्त मंत्री से महत्वपूर्ण वित्तीय मुद्दों पर चर्चा की।
- हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
- केंद्र सरकार का सहयोग प्रदेश के विकास के लिए आवश्यक है।
- स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए ३००० करोड़ रुपए की मदद की गई है।
- आधारभूत संरचना के विकास की दिशा में केंद्र सरकार सक्रिय है।
शिमला, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से औपचारिक भेंट की। इस चर्चा में उन्होंने हिमाचल प्रदेश की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी और प्रदेश के समग्र विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण वित्तीय मुद्दों को उनके समक्ष प्रस्तुत किया।
जयराम ठाकुर ने केंद्रीय सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को लगातार मिल रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले हिमाचल प्रदेश के संतुलित और सतत विकास के लिए केंद्र का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। बैठक के दौरान उन्होंने प्रदेश की वित्तीय स्थिति, आधारभूत संरचना के विकास, आपदा राहत और विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए अधिकतम वित्तीय सहायता की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के हितों का पूरा ध्यान रखेगी और प्रदेश को आवश्यक सहयोग हमेशा प्रदान करती रहेगी। उन्होंने आंकड़ों के साथ यह बताया कि नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश को जितना सहयोग मिला, वह पिछले ७० साल में नहीं मिला। उन्होंने बताया कि विशेष राज्य का दर्जा मिलने से केंद्र द्वारा प्रायोजित १९१ योजनाओं में प्रदेश की भागीदारी मात्र १० प्रतिशत है, जबकि बाकी खर्च केंद्र सरकार द्वारा ही उठाया जाता है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए नेशनल हाईवे, फोर लेन, विश्व स्तरीय टनल और रेलवे का जाल भी केंद्र सरकार द्वारा बिछाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर कहते हैं कि बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर ही बेहतर भविष्य की नींव हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से हिमाचल में कनेक्टिविटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है, जिसका लाभ पूरे प्रदेश को मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के विकास और जनता के हितों की रक्षा के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं और हिमाचल के अधिकारों और आवश्यकताओं को केंद्र सरकार के समक्ष उठाते रहेंगे।
जयराम ठाकुर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश को वाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं (ईएपी) के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा ३००० करोड़ रुपए की मदद दी गई है। इसमें जायका दो के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए १६१७ करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट की मंजूरी दी गई है, जिसमें से जायका द्वारा १२९४ करोड़ रुपए का ऋण दिया जाएगा, जबकि ११६५ करोड़ रुपए का खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। इससे हिमाचल प्रदेश के ५ मेडिकल कॉलेज और ८६ स्वास्थ्य संस्थाओं में सेवाएं बेहतर होंगी। इसके अलावा, आपदा पुनर्निर्माण के लिए विश्व बैंक द्वारा १९९२ करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को भी स्वीकृति दी गई है, जिसमें केंद्र सरकार १७९२ करोड़ रुपए का भुगतान करेगी।