28 अक्टूबर 2026
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जयशंकर और ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री मेनल-राइजिंगर की नई दिल्ली में बैठक, व्यापार-सुरक्षा सहयोग पर जोर

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जयशंकर और ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री मेनल-राइजिंगर की नई दिल्ली में बैठक, व्यापार-सुरक्षा सहयोग पर जोर

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर और ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री मेनल-राइजिंगर की नई दिल्ली बैठक सिर्फ कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं थी — यह स्टार्टअप, अंतरिक्ष, रक्षा और UNSC सहयोग तक फैली एक विस्तारित साझेदारी की रूपरेखा थी, जो भारत के यूरोप-केंद्रित कूटनीतिक विस्तार की बड़ी कहानी का हिस्सा है।

मुख्य बातें

जयशंकर और ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री बीएटे मेनल-राइजिंगर ने 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक की।
व्यापार, निवेश, स्टार्टअप, अंतरिक्ष, कौशल विकास और आवागमन के क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा हुई।
जयशंकर ने UNSC का गैर-स्थायी सदस्य बनने पर ऑस्ट्रिया को बधाई दी और संयुक्त सहयोग जारी रखने पर जोर दिया।
आने वाले महीनों में भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लागू होने की उम्मीद जताई गई।
मेनल-राइजिंगर 2 नवंबर 2026 तक भारत यात्रा पर हैं; 29 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जयपुर में कार्यक्रम निर्धारित।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री बीएटे मेनल-राइजिंगर के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी के तहत व्यापार, निवेश, बुनियादी ढाँचा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। दोनों मंत्रियों ने वैश्विक घटनाक्रमों और बहुपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर भी अपने दृष्टिकोण साझा किए।

बैठक का मुख्य घटनाक्रम

बैठक के बाद जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'आज नई दिल्ली में विदेश मंत्री बीएटे मेनल-राइजिंगर से मिलकर खुशी हुई। हमारी विस्तारित साझेदारी के विभिन्न पहलुओं — व्यापार, निवेश, बुनियादी ढाँचा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और संस्कृति — पर विस्तार से बातचीत हुई।' उन्होंने यह भी बताया कि स्टार्टअप, अंतरिक्ष, कौशल विकास और आवागमन के क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों पर भी चर्चा की गई।

जयशंकर ने कहा कि बातचीत से दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों की गर्मजोशी स्पष्ट रूप से झलकी। उन्होंने अप्रैल 2026 में ऑस्ट्रियाई चांसलर की भारत यात्रा का भी उल्लेख करते हुए उसे 'काफी सार्थक' बताया और कहा कि वर्तमान बैठक उस दौरान बनी सहमतियों पर प्रगति की समीक्षा का अवसर रही।

वैश्विक चुनौतियों पर साझा दृष्टिकोण

जयशंकर ने कहा कि दुनिया इस समय कई जटिल परिस्थितियों से गुजर रही है। ऐसे में भारत और ऑस्ट्रिया जैसे मित्र देशों के लिए वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करना और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा में संयुक्त योगदान के तरीकों पर विचार करना स्वाभाविक है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का गैर-स्थायी सदस्य बनने पर ऑस्ट्रिया को बधाई भी दी और कहा कि संयुक्त राष्ट्र के ढाँचे में सहयोग का दोनों देशों का लंबा इतिहास है।

आर्थिक एवं प्रौद्योगिकी सहयोग

जयशंकर ने माना कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच आर्थिक सहयोग अच्छी स्थिति में है, लेकिन इसमें सुधार और विस्तार की व्यापक संभावनाएँ हैं। उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जलवायु संबंधी मुद्दों और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के क्षेत्रों में दोनों देशों के बढ़ते सहयोग को रेखांकित किया। यूरोपीय संघ (EU) के साथ भारत के मजबूत होते संबंधों का जिक्र करते हुए जयशंकर ने उम्मीद जताई कि आने वाले महीनों में भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लागू होने की संभावना है।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी भी आगे बढ़ रही है। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत यूरोपीय देशों के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक ढाँचे में ढालने की कोशिश कर रहा है।

प्रतिनिधिमंडल और यात्रा कार्यक्रम

बैठक में विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री बीएटे मेनल-राइजिंगर 2 नवंबर 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। नई दिल्ली में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद वह 29 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जयपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी।

यह यात्रा भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों की निरंतरता को रेखांकित करती है और दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक संवाद की नई लय का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन प्रभावशाली देशों को रणनीतिक साझेदारों के रूप में स्थापित किया जा रहा है। ऑस्ट्रिया का UNSC में गैर-स्थायी सदस्य के रूप में आना भारत के लिए बहुपक्षीय मंचों पर नई दिल्ली के दृष्टिकोण को समर्थन दिलाने का अवसर है। भारत-EU FTA की संभावित टाइमलाइन का उल्लेख महत्वपूर्ण है — यह सौदा वर्षों से लंबित है और इसकी 'आने वाले महीनों' की समयसीमा को सावधानी से परखा जाना चाहिए। रक्षा सहयोग का उल्लेख एक नई परत जोड़ता है जो परंपरागत रूप से भारत-ऑस्ट्रिया एजेंडे में उतना प्रमुख नहीं रहा।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर और ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री की बैठक में क्या हुआ?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री बीएटे मेनल-राइजिंगर ने 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में बैठक की, जिसमें व्यापार, निवेश, स्टार्टअप, अंतरिक्ष, कौशल विकास और रक्षा सहयोग पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने वैश्विक घटनाक्रमों और बहुपक्षीय सहयोग पर भी विचार साझा किए।
भारत-ऑस्ट्रिया के बीच सहयोग के कौन-से नए क्षेत्र चिह्नित किए गए?
इस बैठक में स्टार्टअप, अंतरिक्ष, कौशल विकास और आवागमन को सहयोग के नए अवसर के रूप में रेखांकित किया गया। इसके अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जलवायु मुद्दे और सुरक्षा-रक्षा साझेदारी पर भी जोर दिया गया।
ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री मेनल-राइजिंगर का भारत यात्रा कार्यक्रम क्या है?
बीएटे मेनल-राइजिंगर 2 नवंबर 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। नई दिल्ली में कार्यक्रम पूरे करने के बाद वह 29 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जयपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी।
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते के बारे में क्या कहा गया?
जयशंकर ने कहा कि आने वाले महीनों में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लागू होने की उम्मीद है। ऑस्ट्रिया EU का सदस्य होने के कारण इस समझौते का लाभार्थी भी होगा।
UNSC में ऑस्ट्रिया की सदस्यता भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को कैसे प्रभावित करती है?
जयशंकर ने ऑस्ट्रिया को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का गैर-स्थायी सदस्य बनने पर बधाई दी और कहा कि दोनों देशों का UN ढाँचे में सहयोग का लंबा इतिहास है। भारत इस सहयोग को आगे जारी रखने का इच्छुक है, जो वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के साझा लक्ष्यों को मजबूती देगा।
राष्ट्र प्रेस
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