क्या संविधान और जम्मू-कश्मीर से जुड़े तीन अहम विधेयकों पर जनता के सुझाव मांगे गए हैं?

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क्या संविधान और जम्मू-कश्मीर से जुड़े तीन अहम विधेयकों पर जनता के सुझाव मांगे गए हैं?

सारांश

जम्मू-कश्मीर से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर विचार करने के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति ने जनता से सुझाव आमंत्रित किए हैं, ताकि विधेयकों का व्यापक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके। जानिए क्या हैं ये विधेयक और कैसे आप अपनी राय दे सकते हैं।

Key Takeaways

  • संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025
  • जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025
  • केंद्र शासित प्रदेशों की सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025
  • जनता से सुझाव आमंत्रित
  • अध्यक्ष: अपराजिता सारंगी

नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा सचिवालय ने संविधान और जम्मू-कश्मीर से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति का गठन किया है। यह समिति संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025; जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 पर विस्तृत चर्चा करेगी।

इस समिति की अध्यक्षता सांसद अपराजिता सारंगी कर रही हैं। समिति का मानना है कि इन विधेयकों का प्रभाव आम लोगों पर पड़ेगा, इसलिए केवल संसद के भीतर ही नहीं, बल्कि बाहर से भी राय ली जानी चाहिए।

इसी दृष्टिकोण के तहत, समिति ने आम जनता के साथ-साथ विशेष रूप से गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), विशेषज्ञों, विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों और संबंधित संस्थानों से लिखित सुझाव और विचार आमंत्रित करने का निर्णय लिया है।

जो लोग इन विधेयकों पर अपनी राय, सुझाव या आपत्तियां समिति तक पहुंचाना चाहते हैं, वे लिखित रूप में मेमोरेंडम भेज सकते हैं। यह मेमोरेंडम विज्ञापन के प्रकाशित होने की तारीख से 15 दिनों के भीतर भेजना आवश्यक है। मेमोरेंडम हिंदी या अंग्रेजी किसी भी भाषा में हो सकता है, लेकिन इसकी दो प्रतियां भेजनी होंगी।

मेमोरेंडम भेजने का पता है—एडिशनल सेक्रेटरी (DR), लोक सभा सचिवालय, कमरा नंबर 018, पार्लियामेंट हाउस एनेक्सी, नई दिल्ली-110001। किसी भी जानकारी के लिए टेलीफोन नंबर 23035743 या 23034335 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा, ईमेल के माध्यम से भी मेमोरेंडम भेजा जा सकता है।

अगर कोई व्यक्ति या संस्था इन विधेयकों का पूरा विवरण पढ़ना चाहती है, तो इनका टेक्स्ट संसद की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। अंग्रेजी और हिंदी दोनों संस्करण वेबसाइट पर मिल जाएंगे। ये विधेयक बिल नंबर 111, 112 और 113 के रूप में सूचीबद्ध हैं, ताकि लोग आसानी से इन्हें पहचान सकें और पढ़कर अपनी राय बना सकें।

समिति को भेजे गए सभी मेमोरेंडम और सुझाव समिति के आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा होंगे। इन्हें पूरी तरह गोपनीय (कॉन्फिडेंशियल) माना जाएगा और इन्हें समिति के विशेषाधिकार भी प्राप्त होंगे। इसका तात्पर्य यह है कि सुझाव देने वालों की बातों को गंभीरता से सुना जाएगा और उनकी गोपनीयता बनाए रखी जाएगी।

जो लोग केवल लिखित सुझाव ही नहीं देना चाहते, बल्कि समिति के सामने खुद उपस्थित होकर अपनी बात रखना चाहते हैं, उनसे अनुरोध है कि वे यह बात अपने मेमोरेंडम में स्पष्ट रूप से लिखें। हालांकि किसे समिति के सामने पेश होने का अवसर दिया जाएगा, इसका अंतिम निर्णय पूरी तरह समिति के विवेक पर निर्भर करेगा।

Point of View

बल्कि समाज और राजनीतिक परिदृश्य पर भी गहरा असर डाल सकते हैं। ऐसे में जनता की राय का महत्व है। इसे ध्यान में रखते हुए, इस प्रक्रिया को पारदर्शी और समावेशी बनाया जाना चाहिए।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

यह समिति कब गठित हुई?
यह समिति 10 जनवरी, 2025 को गठित हुई।
सुझाव भेजने की अंतिम तिथि क्या है?
सुझाव भेजने की अंतिम तिथि विज्ञापन के प्रकाशित होने की तारीख से 15 दिन है।
क्या मैं अपनी राय हिंदी में भेज सकता हूँ?
हाँ, आप अपनी राय हिंदी या अंग्रेजी में भेज सकते हैं।
मेमोरेंडम भेजने का पता क्या है?
मेमोरेंडम भेजने का पता एडिशनल सेक्रेटरी (DR), लोक सभा सचिवालय, कमरा नंबर 018, पार्लियामेंट हाउस एनेक्सी, नई दिल्ली-110001 है।
क्या सुझाव गोपनीय रहेंगे?
हाँ, सभी सुझाव गोपनीय रहेंगे और समिति के विशेषाधिकार प्राप्त होंगे।
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