यूपीआई चार्ज पर राजद विधायक भाई वीरेंद्र का NDA पर हमला: 'जनता की जेब खाली कर रही सरकार'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने 16 सितंबर 2026 को पटना में यूपीआई लेनदेन पर संभावित शुल्क लगाने के मुद्दे पर केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एक के बाद एक ऐसे कदम उठा रही है जिनसे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता है।
यूपीआई चार्ज पर विधायक का आरोप
भाई वीरेंद्र ने कहा, 'ये एनडीए की सरकार जनता के मेहनत की कमाई को लूटना चाहती है। देश में महंगाई चरम पर है, बेरोजगारी है, अपराध पर लगाम नहीं लग रहा है और सरकार नए-नए तरीके से जनता पर बोझ डाल रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार लगातार देश को कंगाल बनाने की राह पर है।
युवाओं से सड़क पर उतरने की अपील
विधायक ने जेन-जी पीढ़ी और युवाओं से सीधी अपील करते हुए कहा, 'अब समय आ गया है कि आप दल-भेद छोड़कर सड़क पर आएं। किसी नेता पर भरोसा मत कीजिए, देश को बचाना आपका कर्तव्य है।' उनका कहना था कि जब युवा सड़क पर उतरेंगे, तभी देश की तस्वीर बदलेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब डिजिटल भुगतान पर शुल्क की चर्चा ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी है।
यूसीसी पर विवाद और राजनीतिक आरोप
समान नागरिक संहिता (UCC) के सवाल पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि NDA सरकार महंगाई, बेरोजगारी और अपराध को नियंत्रित करने में विफल रही है, इसलिए ध्यान भटकाने के लिए यूसीसी की बात की जा रही है। उन्होंने कहा, 'यूसीसी की बात इसलिए हो रही है क्योंकि सरकार फेल हो गई है। यह धर्मनिरपेक्ष देश है, किसी एक धर्म का नहीं। हर किसी को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार संविधान देता है।' गृह मंत्री के भाजपा-शासित राज्यों में यूसीसी लागू करने के बयान का भी उन्होंने विरोध किया।
नीतीश कुमार से महागठबंधन में आने की माँग
गौरतलब है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समाजवादी पृष्ठभूमि से आते हैं और पहले कह चुके हैं कि बिहार में यूसीसी लागू नहीं होने देंगे। भाई वीरेंद्र ने इसी बात का हवाला देते हुए नीतीश कुमार से महागठबंधन में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया, 'हम सरकार बनाएंगे और देश में कहीं भी यूसीसी लागू नहीं होने देंगे।'
बिहार बाढ़ राहत पर केंद्रीय दल से सवाल
बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने बिहार पहुँच रही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली समिति पर भी विधायक ने तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, 'केंद्रीय मंत्री और टीमें आती रहती हैं, लेकिन पहले बताएं कि कितना पैसा ला रहे हैं — क्या बिहार को कोई विशेष पैकेज दिया जा रहा है?' उनका कहना था कि आपदा प्रभावित परिवारों को मिलने वाली ₹7,000 की सहायता राशि अपर्याप्त है और मौजूदा महंगाई में हर प्रभावित परिवार को कम-से-कम ₹25,000 मिलने चाहिए। आने वाले दिनों में बिहार में बाढ़ राहत और यूपीआई चार्ज का मुद्दा विधानमंडल सत्र में भी गूँज सकता है।