16 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपीआई चार्ज पर राजद विधायक भाई वीरेंद्र का NDA पर हमला: 'जनता की जेब खाली कर रही सरकार'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपीआई चार्ज पर राजद विधायक भाई वीरेंद्र का NDA पर हमला: 'जनता की जेब खाली कर रही सरकार'

सारांश

यूपीआई पर संभावित शुल्क की खबर आते ही राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने NDA सरकार पर सीधा हमला बोला — महंगाई, बेरोजगारी, यूसीसी और बिहार बाढ़ राहत को एक साथ निशाने पर रखते हुए युवाओं से सड़क पर उतरने की अपील की।

मुख्य बातें

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने 16 सितंबर 2026 को पटना में यूपीआई चार्ज के मुद्दे पर NDA सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने जेन-जी पीढ़ी और युवाओं से दल-भेद छोड़कर सड़क पर उतरने की अपील की।
यूसीसी को उन्होंने सरकार की विफलता से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से महागठबंधन में शामिल होने का आह्वान किया।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को ₹7,000 की जगह कम-से-कम ₹25,000 देने की माँग रखी।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने 16 सितंबर 2026 को पटना में यूपीआई लेनदेन पर संभावित शुल्क लगाने के मुद्दे पर केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एक के बाद एक ऐसे कदम उठा रही है जिनसे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता है।

यूपीआई चार्ज पर विधायक का आरोप

भाई वीरेंद्र ने कहा, 'ये एनडीए की सरकार जनता के मेहनत की कमाई को लूटना चाहती है। देश में महंगाई चरम पर है, बेरोजगारी है, अपराध पर लगाम नहीं लग रहा है और सरकार नए-नए तरीके से जनता पर बोझ डाल रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार लगातार देश को कंगाल बनाने की राह पर है।

युवाओं से सड़क पर उतरने की अपील

विधायक ने जेन-जी पीढ़ी और युवाओं से सीधी अपील करते हुए कहा, 'अब समय आ गया है कि आप दल-भेद छोड़कर सड़क पर आएं। किसी नेता पर भरोसा मत कीजिए, देश को बचाना आपका कर्तव्य है।' उनका कहना था कि जब युवा सड़क पर उतरेंगे, तभी देश की तस्वीर बदलेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब डिजिटल भुगतान पर शुल्क की चर्चा ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी है।

यूसीसी पर विवाद और राजनीतिक आरोप

समान नागरिक संहिता (UCC) के सवाल पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि NDA सरकार महंगाई, बेरोजगारी और अपराध को नियंत्रित करने में विफल रही है, इसलिए ध्यान भटकाने के लिए यूसीसी की बात की जा रही है। उन्होंने कहा, 'यूसीसी की बात इसलिए हो रही है क्योंकि सरकार फेल हो गई है। यह धर्मनिरपेक्ष देश है, किसी एक धर्म का नहीं। हर किसी को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार संविधान देता है।' गृह मंत्री के भाजपा-शासित राज्यों में यूसीसी लागू करने के बयान का भी उन्होंने विरोध किया।

नीतीश कुमार से महागठबंधन में आने की माँग

गौरतलब है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समाजवादी पृष्ठभूमि से आते हैं और पहले कह चुके हैं कि बिहार में यूसीसी लागू नहीं होने देंगे। भाई वीरेंद्र ने इसी बात का हवाला देते हुए नीतीश कुमार से महागठबंधन में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया, 'हम सरकार बनाएंगे और देश में कहीं भी यूसीसी लागू नहीं होने देंगे।'

बिहार बाढ़ राहत पर केंद्रीय दल से सवाल

बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने बिहार पहुँच रही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली समिति पर भी विधायक ने तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, 'केंद्रीय मंत्री और टीमें आती रहती हैं, लेकिन पहले बताएं कि कितना पैसा ला रहे हैं — क्या बिहार को कोई विशेष पैकेज दिया जा रहा है?' उनका कहना था कि आपदा प्रभावित परिवारों को मिलने वाली ₹7,000 की सहायता राशि अपर्याप्त है और मौजूदा महंगाई में हर प्रभावित परिवार को कम-से-कम ₹25,000 मिलने चाहिए। आने वाले दिनों में बिहार में बाढ़ राहत और यूपीआई चार्ज का मुद्दा विधानमंडल सत्र में भी गूँज सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यूसीसी और बाढ़ राहत को एक ही साँस में जोड़ना इसी का संकेत है। लेकिन इस बयानबाज़ी में एक असली सवाल दब जाता है: यूपीआई पर शुल्क का अभी कोई आधिकारिक प्रस्ताव नहीं आया है, फिर भी विपक्ष इसे 'तय' मानकर जनता को लामबंद कर रहा है। बिहार में बाढ़ राहत की ₹25,000 की माँग और ₹7,000 की मौजूदा सहायता के बीच की खाई वास्तविक है — इस ठोस मुद्दे पर संसदीय दबाव कहीं अधिक प्रभावी होता। नीतीश कुमार को महागठबंधन में बुलाने की अपील राजद की बढ़ती बेचैनी को भी दर्शाती है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपीआई चार्ज का विवाद क्या है जिस पर राजद विधायक ने बयान दिया?
यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने की चर्चा के बीच राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने NDA सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनता की मेहनत की कमाई पर बोझ डाल रही है। उनका कहना है कि महंगाई और बेरोजगारी के दौर में यह कदम आम आदमी की जेब पर और असर डालेगा।
भाई वीरेंद्र ने युवाओं से क्या अपील की?
उन्होंने जेन-जी पीढ़ी और युवाओं से दल-भेद छोड़कर सड़क पर उतरने की अपील की। उनका कहना था कि किसी नेता पर नहीं, बल्कि खुद पर भरोसा करते हुए देश बचाना युवाओं का कर्तव्य है।
राजद ने यूसीसी मुद्दे पर क्या रुख अपनाया है?
राजद विधायक भाई वीरेंद्र के अनुसार, NDA सरकार महंगाई, बेरोजगारी और अपराध पर काबू पाने में विफल रही है और यूसीसी को ध्यान भटकाने के लिए उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और संविधान हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार देता है।
बिहार बाढ़ राहत पर विधायक ने क्या माँग रखी?
भाई वीरेंद्र ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बिहार दौरे पर सवाल उठाते हुए माँग की कि आपदा प्रभावित हर परिवार को ₹7,000 की जगह कम-से-कम ₹25,000 मिलने चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या बिहार के लिए कोई विशेष राहत पैकेज घोषित किया जा रहा है।
राजद ने नीतीश कुमार से महागठबंधन में शामिल होने की अपील क्यों की?
भाई वीरेंद्र ने कहा कि नीतीश कुमार समाजवादी पृष्ठभूमि के नेता हैं और पहले भी बिहार में यूसीसी न लागू होने देने की बात कह चुके हैं। इसी को आधार बनाकर राजद ने उनसे महागठबंधन में आने की माँग की, यह दावा करते हुए कि साथ मिलकर सरकार बनाई जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 18 मिनट पहले
  2. 1 घंटा पहले
  3. 2 घंटे पहले
  4. 6 घंटे पहले
  5. 21 घंटे पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले