15 सितंबर 2026
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यूसीसी पर जदयू का रुख: विजय चौधरी बोले — विधेयक के प्रावधान देखने के बाद होगा फैसला

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यूसीसी पर जदयू का रुख: विजय चौधरी बोले — विधेयक के प्रावधान देखने के बाद होगा फैसला

सारांश

यूसीसी पर जदयू ने स्पष्ट किया कि विधेयक के प्रावधान सार्वजनिक हुए बिना कोई स्टैंड नहीं लिया जाएगा। विजय चौधरी के बयान ने NDA के भीतर सहयोगी दलों की स्वायत्त सोच को रेखांकित किया — और 'जनता दल नीतीश' नाम का सुझाव नई चर्चा छेड़ गया।

मुख्य बातें

विजय कुमार चौधरी ने 15 सितंबर 2026 को कहा कि यूसीसी विधेयक के प्रावधान सार्वजनिक होने से पहले जदयू कोई अंतिम रुख नहीं लेगी।
विधेयक आने के बाद पहले प्रावधानों का अध्ययन होगा, फिर गृह मंत्री अमित शाह से सीधी बातचीत और पार्टी में विमर्श होगा।
पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने जदयू का नाम बदलकर ' जनता दल नीतीश ' करने का सुझाव दिया है; अंतिम निर्णय राष्ट्रीय कार्यकारिणी पर निर्भर।
बिहार में 8 लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों को डीबीटी से प्रति परिवार ₹7,000 दिए जा चुके हैं।
गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.59 मीटर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँचा; भागलपुर में बांध टूटने से बचाया गया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।

बिहार के उपमुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने 15 सितंबर 2026 को पटना में एक प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर पार्टी अभी कोई अंतिम रुख नहीं अपनाएगी, क्योंकि प्रस्तावित विधेयक के प्रावधान अभी तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं। उनके अनुसार, जब तक विधेयक का पूरा मसौदा सामने नहीं आता, इस पर कोई निश्चित स्थिति लेना जल्दबाजी होगी।

जदयू की प्रतीक्षा-और-अध्ययन की नीति

चौधरी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के यूसीसी पर दिए गए बयान को उन्होंने पढ़ा और सुना है, लेकिन प्रस्तावित विधेयक में क्या-क्या प्रावधान शामिल किए जाएंगे, यह अभी अस्पष्ट है। उन्होंने कहा, 'पहले बिल आने दीजिए, उसके प्रावधानों का अध्ययन होगा। हमारे कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रावधानों को देखने के बाद सीधे गृह मंत्री से चर्चा होगी। इसके बाद पार्टी में विमर्श होगा और फिर निर्णय लिया जाएगा।'

उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जदयू इस मुद्दे पर अपने गठबंधन के घटक दलों से भी बातचीत करेगी। यदि विधेयक में कोई विवादास्पद प्रावधान नहीं होगा, तो उसका विरोध करने का कोई कारण नहीं है। हालांकि, किसी प्रावधान पर आपत्ति होने की स्थिति में गृह मंत्री से बातचीत के ज़रिए उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

राजद की राय से दूरी

चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की राय या उसके बयानों से जदयू का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपनी सोच और गठबंधन में शामिल दलों की राय के आधार पर ही निर्णय लेना है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्षी खेमे में यूसीसी को लेकर विरोध की आवाज़ें उठ रही हैं।

जदयू के नाम में बदलाव का प्रस्ताव

प्रेस वार्ता में चौधरी ने यह भी बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की ओर से 'जनता दल (यूनाइटेड)' को 'जनता दल नीतीश' के रूप में नामित करने का सुझाव दिया गया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पर अंतिम निर्णय राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक में विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।

बिहार बाढ़: केंद्र से सहायता की उम्मीद

चौधरी ने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को बाढ़ प्रभावित बिहार का दौरा करेंगे और क्षति का आकलन करेंगे। राज्य सरकार ने अपनी ओर से नुकसान का विस्तृत आकलन तैयार कर लिया है और केंद्र से वास्तविक क्षति के अनुरूप मुआवज़े की माँग की जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस बार गंगा का जलस्तर ऐतिहासिक रूप से ऊँचे स्तर पर पहुँचा और गांधी घाट पर पानी की ऊँचाई 50.59 मीटर दर्ज की गई। भागलपुर में बांध टूटने की गंभीर स्थिति पैदा हुई थी, लेकिन अधिकारियों और अभियंताओं ने लगभग एक सप्ताह तक मौके पर डटे रहकर बांध को बचाया। उन्होंने बाढ़ की एक बड़ी वजह नेपाल, झारखंड और उत्तर प्रदेश से आने वाले पानी को भी बताया, जिस पर बिहार का सीधा नियंत्रण नहीं है।

चौधरी ने बताया कि अब तक करीब 8 लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों को डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से प्रति परिवार ₹7,000 की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। आगे भी जो परिवार प्रभावित होंगे, उन्हें राहत देने का आश्वासन दिया गया है। यूसीसी को लेकर जदयू का अंतिम निर्णय विधेयक के संसद में पेश होने और प्रावधानों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही सामने आएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

रणनीतिक लचीलापन है: विधेयक के प्रावधानों को 'अध्ययन' का विषय बनाकर जदयू ने दोनों दिशाओं में जाने का रास्ता खुला रखा है। जो बात मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर छूट जाती है, वह यह है कि 'जनता दल नीतीश' नाम बदलाव का सुझाव असल में पार्टी की पहचान को नीतीश कुमार की व्यक्तिगत राजनीतिक विरासत से सीधे जोड़ने की कोशिश है — और यह आगामी चुनावी गणित की तैयारी की ओर इशारा करता है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूसीसी पर जदयू का क्या रुख है?
जदयू ने स्पष्ट किया है कि वह यूसीसी विधेयक के प्रावधान सार्वजनिक होने से पहले कोई अंतिम स्थिति नहीं लेगी। विधेयक आने के बाद उसका अध्ययन, गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत और पार्टी में विमर्श के बाद निर्णय लिया जाएगा।
विजय कुमार चौधरी ने यूसीसी पर क्या कहा?
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने 15 सितंबर 2026 को पटना में कहा कि अभी यूसीसी विधेयक के प्रावधान सार्वजनिक नहीं हुए हैं, इसलिए इस पर अभी कोई अंतिम रुख तय करना जल्दबाजी होगी। यदि विधेयक में कोई विवादास्पद प्रावधान नहीं होगा तो विरोध का कारण नहीं, लेकिन आपत्ति होने पर गृह मंत्री से बातचीत की जाएगी।
क्या जदयू का नाम बदला जाएगा?
पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने 'जनता दल (यूनाइटेड)' को 'जनता दल नीतीश' के रूप में नामित करने का सुझाव दिया है। अंतिम फैसला राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक में विमर्श के बाद लिया जाएगा।
बिहार में बाढ़ प्रभावित परिवारों को कितनी सहायता मिली है?
चौधरी के अनुसार, अब तक करीब 8 लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों को डीबीटी के माध्यम से प्रति परिवार ₹7,000 की सहायता राशि दी जा चुकी है। आगे भी प्रभावित होने वाले परिवारों को राहत देने का आश्वासन दिया गया है।
बिहार में बाढ़ की स्थिति कितनी गंभीर है?
इस बार गंगा का जलस्तर ऐतिहासिक रूप से ऊँचा रहा और गांधी घाट पर 50.59 मीटर दर्ज किया गया। भागलपुर में बांध टूटने की नौबत आ गई थी, जिसे अधिकारियों और अभियंताओं ने करीब एक सप्ताह तक मौके पर रहकर बचाया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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