जीतनराम मांझी ने कहा, 'मुख्यमंत्री बनने की कोई संभावना नहीं'
सारांश
Key Takeaways
- जीतनराम मांझी ने मुख्यमंत्री बनने की संभावना से इनकार किया।
- राज्यसभा की सभी सीटों पर एनडीए को जीत मिलने की संभावना है।
- निशांत कुमार ने जदयू में शामिल होने की घोषणा की।
- महिला दिवस पर मांझी ने नारी शक्ति का सम्मान किया।
- नीतीश कुमार ने आत्मनिर्णय लेते हुए राज्यसभा जाने का निर्णय लिया।
पटना, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले और नामांकन पत्र जमा करने के बाद, लोगों के मन में एक सवाल उभर रहा है कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इस सूची में कई वरिष्ठ नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। लेकिन केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने स्पष्ट किया है कि वह मुख्यमंत्री की दौड़ से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि मैं सीएम बनने की दौड़ में नहीं हूं और मेरे सीएम बनने की कोई संभावना नहीं है।
जीतन राम मांझी ने कहा कि मेरे सीएम बनने का कोई प्रश्न ही नहीं है, इसलिए मुझसे इस विषय पर चर्चा करने का कोई अर्थ नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार का अगला सीएम किसी पार्टी का होगा, इस पर मैं कुछ भी नहीं कह सकता। यह स्पष्ट है कि पीएम मोदी, अमित शाह, और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तय करेंगे कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय पर जीतनराम मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार ने आत्मनिर्णय लिया है और उन्होंने स्वयं कहा है कि वह चारों सदनों के सदस्य बनना चाहते हैं। उन्होंने विधानसभा, विधान परिषद, और लोकसभा के सदस्य रहे हैं। राज्यसभा में वे सदस्य नहीं थे। अब अपनी उम्र के इस पड़ाव पर उन्होंने राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है और भाजपा के लोगों ने उनका समर्थन किया है। वे 16 मार्च को निर्विरोध चुने जाएंगे। बिहार की सभी पांच राज्यसभा सीटों पर एनडीए को जीत मिलेगी।
निशांत कुमार के राजनीति में सक्रिय होने के संदर्भ में जीतनराम मांझी ने कहा कि हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। वह युवा हैं और अच्छे कार्य करेंगे। निशांत कुमार ने रविवार को पटना स्थित जदयू कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद उन्होंने अपने पिता नीतीश कुमार से मुलाकात की और फिर पटना के हनुमान मंदिर में अपने कार्यकर्ताओं के साथ दर्शन किया।
जीतनराम मांझी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि नारी केवल ममता की मूरत नहीं, बल्कि संघर्षों की अडिग दीवार है। सृजन, पालन, त्याग, तपस्या, ये सब उनके संस्कार हैं। नारी शक्ति के सम्मान, गरिमा और अधिकारों को समर्पित इस पावन दिवस पर समस्त नारी शक्ति को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।