जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा AVGC-XR पार्क, एनीमेशन-गेमिंग में उत्तर प्रदेश बनेगा ग्लोबल हब
सारांश
मुख्य बातें
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने 3 जुलाई 2026 को नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (जेवर) और प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी के निकट एक अत्याधुनिक AVGC-XR पार्क विकसित करने की योजना पर औपचारिक रूप से कार्य शुरू कर दिया है। यह पार्क एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी तकनीकों के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी कदम माना जा रहा है।
परियोजना में क्या होगा खास
प्रस्तावित AVGC-XR पार्क में विश्वस्तरीय सुविधाओं का एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जाएगा। इसके अंतर्गत एनीमेशन स्टूडियो, विजुअल इफेक्ट्स (VFX) स्टूडियो, गेम डेवलपमेंट एवं गेम डिज़ाइन सेंटर, मोशन कैप्चर स्टूडियो और वर्चुअल प्रोडक्शन सुविधाएँ विकसित की जाएंगी।
इसके अतिरिक्त, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित कंटेंट निर्माण केंद्र, एक्सटेंडेड रियलिटी (XR), वर्चुअल रियलिटी (VR) और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) लैब भी इस परियोजना का अभिन्न हिस्सा होंगी। एक समर्पित डिजिटल मीडिया एवं इमर्सिव कंटेंट डेवलपमेंट सेंटर के ज़रिए नई पीढ़ी की डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री को बढ़ावा देने की रणनीति बनाई गई है।
रणनीतिक स्थान का महत्व
विशेषज्ञों के अनुसार, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी के निकट इस पार्क की भौगोलिक स्थिति इसे देश की सबसे रणनीतिक डिजिटल मीडिया परियोजनाओं में से एक बनाती है। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी, आधुनिक बुनियादी ढाँचा और फिल्म सिटी के साथ परिचालन तालमेल — ये तीनों कारक मिलकर वैश्विक कंपनियों और निवेशकों को आकर्षित करने में सहायक होंगे।
गौरतलब है कि यह परियोजना ऐसे समय में आई है जब भारत का AVGC क्षेत्र तेज़ी से विस्तार कर रहा है और केंद्र सरकार की AVGC-XR राष्ट्रीय नीति के तहत देश को इस क्षेत्र में वैश्विक नेता बनाने की कोशिशें जारी हैं।
किन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
यह पार्क केवल मनोरंजन उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा, पर्यटन और औद्योगिक प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में भी इमर्सिव तकनीकों के उपयोग को व्यापक बनाने की योजना है। देश-विदेश की कंपनियाँ, स्टार्टअप्स और क्रिएटिव प्रोफेशनल्स एक ही परिसर में काम करने का अवसर पाएंगे।
रोज़गार और आर्थिक प्रभाव
YEIDA के अनुमान के अनुसार, इस पार्क के विकसित होने से हज़ारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर सृजित होने की संभावना है। एनीमेशन, गेमिंग, VFX, AI और XR जैसी उभरती तकनीकों में प्रशिक्षित युवाओं को रोज़गार के नए द्वार खुलेंगे। साथ ही, स्टार्टअप्स और नवाचार को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश के निवेश वातावरण को मज़बूती देने और राज्य को डिजिटल क्रिएटिव इकॉनमी के मानचित्र पर स्थापित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। YEIDA का यह पार्क प्राधिकरण के फोकस सेक्टर कार्यक्रम के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है।