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चतरा में जमीन कब्जे की कार्रवाई के दौरान महिला ने खुद पर पेट्रोल छिड़का, बेटा और ASI भी झुलसे

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चतरा में जमीन कब्जे की कार्रवाई के दौरान महिला ने खुद पर पेट्रोल छिड़का, बेटा और ASI भी झुलसे

सारांश

झारखंड के चतरा में दशकों पुराने जमीन विवाद में कोर्ट का आदेश लागू करने पहुँची टीम के सामने महिला रीना देवी ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। बेटा और एक पुलिसकर्मी भी झुलसे। 1988 से चले आ रहे इस मुकदमे में दो बार अदालत ने विरोधी पक्ष के हक में फैसला दिया था।

मुख्य बातें

चतरा, झारखंड में 2 सितंबर को जमीन दखल-कब्जे की कार्रवाई के दौरान रीना देवी ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाई।
घटना में रीना देवी के बेटे धीरज कुमार और ASI प्रवीण सिंह भी बुरी तरह झुलसे।
रीना देवी और धीरज कुमार को RIMS रेफर किया गया; ASI का उपचार सदर अस्पताल में जारी।
यह भूमि विवाद वर्ष 1988 से न्यायालय में था; विजय अग्रवाल के पक्ष में दो बार डिक्री हो चुकी थी।
घटनास्थल से तीन हॉकी स्टिक बरामद; पुलिस जाँच जारी।

झारखंड के चतरा शहर में बुधवार, 2 सितंबर को न्यायालय के आदेश पर जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने पहुँची सरकारी टीम के सामने रीना देवी नामक महिला ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। इस घटना में रीना देवी के साथ उनके बेटे धीरज कुमार और उन्हें बचाने की कोशिश में आए सहायक उप-निरीक्षक (ASI) प्रवीण सिंह भी बुरी तरह झुलस गए।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, मजिस्ट्रेट, न्यायालय की टीम और पुलिस बल जैसे ही दखल-कब्जे की प्रक्रिया शुरू करने लगे, दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया। एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि कार्रवाई रोकने का प्रयास किए जाने के बाद महिला ने आत्महत्या का प्रयास किया। उन्हें बचाने के दौरान पुलिसकर्मी भी आग की चपेट में आ गए।

न्यायालय टीम के सदस्य गंगाधर जय ने बताया कि कोर्ट के वैध आदेश के तहत कार्रवाई की जा रही थी, किंतु विवाद बढ़ने के बाद स्थिति अनियंत्रित हो गई। घटनास्थल से निर्माणाधीन मकान में छिपाकर रखी गई तीन हॉकी स्टिक भी बरामद की गई हैं।

पीड़ितों का उपचार

रीना देवी और उनके बेटे धीरज कुमार को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा के लिए राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) रेफर किया गया है। ASI प्रवीण सिंह का उपचार सदर अस्पताल, चतरा में जारी है। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

विवाद की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, यह भूमि विवाद वर्ष 1988 से न्यायालय में चला आ रहा था। विजय अग्रवाल और तारा देवी के बीच शुरू हुए इस मुकदमे में अदालत ने विजय अग्रवाल के पक्ष में डिक्री पारित की थी। वर्ष 2006 में तारा देवी ने अपील में इसे चुनौती दी, परंतु वहाँ भी उनके पक्ष में निर्णय नहीं आया। इसके बाद न्यायालय ने विजय अग्रवाल को जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने का आदेश दिया, जिसके अनुपालन में बुधवार को यह टीम मौके पर पहुँची थी।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया

डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार सिंह और एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने घटनास्थल का दौरा कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और अधिकारियों के अनुसार जाँच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। यह ऐसे समय में हुआ है जब जमीन विवादों से जुड़े तनावपूर्ण मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी कार्रवाई के दिन तक स्थिति इतनी विस्फोटक थी कि हिंसा की नौबत आई। यह सवाल उठता है कि क्या प्रशासन ने इतने संवेदनशील मामले में पर्याप्त पूर्व-तैयारी और मध्यस्थता का प्रयास किया था। घटनास्थल से हॉकी स्टिक की बरामदगी यह भी संकेत देती है कि तनाव अनायास नहीं था।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चतरा में महिला ने खुद पर आग क्यों लगाई?
पुलिस के अनुसार, कोर्ट के आदेश पर जमीन का दखल-कब्जा विरोधी पक्ष को दिलाने की कार्रवाई शुरू होते ही विवाद बढ़ गया, जिसके बाद महिला रीना देवी ने आत्महत्या का प्रयास करते हुए खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। यह भूमि विवाद 1988 से न्यायालय में चल रहा था।
घटना में कौन-कौन घायल हुए?
इस घटना में तीन लोग झुलसे — महिला रीना देवी, उनके बेटे धीरज कुमार और ASI प्रवीण सिंह, जो रीना देवी को बचाने की कोशिश में आग की चपेट में आ गए। रीना देवी और धीरज कुमार को RIMS रेफर किया गया है, जबकि ASI का उपचार सदर अस्पताल में चल रहा है।
चतरा का यह जमीन विवाद कितने समय पुराना है?
यह विवाद वर्ष 1988 से न्यायालय में चला आ रहा है। विजय अग्रवाल और तारा देवी के बीच शुरू हुए मुकदमे में अदालत ने विजय अग्रवाल के पक्ष में डिक्री दी थी। 2006 में अपील में भी वही निर्णय बरकरार रहा, जिसके बाद कोर्ट ने दखल-कब्जा दिलाने का आदेश दिया।
घटना के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार सिंह और एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने घटनास्थल पर पहुँचकर जायजा लिया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।
घटनास्थल से हॉकी स्टिक क्यों बरामद हुईं?
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल के निकट निर्माणाधीन मकान में छिपाकर रखी गई तीन हॉकी स्टिक बरामद की गई हैं। इनकी बरामदगी की परिस्थितियों की जाँच की जा रही है और जाँच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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