चतरा में जमीन कब्जे की कार्रवाई के दौरान महिला ने खुद पर पेट्रोल छिड़का, बेटा और ASI भी झुलसे
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के चतरा शहर में बुधवार, 2 सितंबर को न्यायालय के आदेश पर जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने पहुँची सरकारी टीम के सामने रीना देवी नामक महिला ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। इस घटना में रीना देवी के साथ उनके बेटे धीरज कुमार और उन्हें बचाने की कोशिश में आए सहायक उप-निरीक्षक (ASI) प्रवीण सिंह भी बुरी तरह झुलस गए।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, मजिस्ट्रेट, न्यायालय की टीम और पुलिस बल जैसे ही दखल-कब्जे की प्रक्रिया शुरू करने लगे, दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया। एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि कार्रवाई रोकने का प्रयास किए जाने के बाद महिला ने आत्महत्या का प्रयास किया। उन्हें बचाने के दौरान पुलिसकर्मी भी आग की चपेट में आ गए।
न्यायालय टीम के सदस्य गंगाधर जय ने बताया कि कोर्ट के वैध आदेश के तहत कार्रवाई की जा रही थी, किंतु विवाद बढ़ने के बाद स्थिति अनियंत्रित हो गई। घटनास्थल से निर्माणाधीन मकान में छिपाकर रखी गई तीन हॉकी स्टिक भी बरामद की गई हैं।
पीड़ितों का उपचार
रीना देवी और उनके बेटे धीरज कुमार को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा के लिए राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) रेफर किया गया है। ASI प्रवीण सिंह का उपचार सदर अस्पताल, चतरा में जारी है। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
विवाद की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, यह भूमि विवाद वर्ष 1988 से न्यायालय में चला आ रहा था। विजय अग्रवाल और तारा देवी के बीच शुरू हुए इस मुकदमे में अदालत ने विजय अग्रवाल के पक्ष में डिक्री पारित की थी। वर्ष 2006 में तारा देवी ने अपील में इसे चुनौती दी, परंतु वहाँ भी उनके पक्ष में निर्णय नहीं आया। इसके बाद न्यायालय ने विजय अग्रवाल को जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने का आदेश दिया, जिसके अनुपालन में बुधवार को यह टीम मौके पर पहुँची थी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार सिंह और एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने घटनास्थल का दौरा कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और अधिकारियों के अनुसार जाँच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। यह ऐसे समय में हुआ है जब जमीन विवादों से जुड़े तनावपूर्ण मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।